नए फ्लू की दस्तक: 80 से ज्यादा बच्चे बीमार, इस उम्र के बच्चों को ज्यादा खतरा….

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच एक नई बीमारी ने दस्तक दे दी है। इसे टोमैटो फीवर या टोमैटो फ्लू कहा जा रहा है। केरल में इस बीमारी की चपेट में 80 से ज्यादा बच्चे आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चों की उम्र पांच साल से कम है।  

जनरल फिजिशियन डॉ. मनीष मुनिंद्रा के मुताबिक, टोमैटो फीवर एक वायरल इंफेक्शन है। ये ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित कर रहा है। इस वायरल इंफेक्शन का नाम टोमैटो फ्लू इसलिए रखा गया है क्योंकि टोमैटो फ्लू से संक्रमित होने पर बच्चों के शरीर पर टमाटर की तरह से लाल रंग के दाने हो जाते हैं। इसकी वजह से उन्हें त्वचा पर जलन और खुजली होती है। इस बीमारी से संक्रमित होने वाले बच्चों को तेज बुखार भी आता है। टोमैटो फ्लू से संक्रमित होने वाले बच्चों को डिहाइड्रेशन की समस्या होती है। इसके साथ-साथ शरीर और जोड़ों में भी दर्द की शिकायत होती है। 

टोमैटो फ्लू के कारण?  
डॉ. मनीष के मुताबिक, अभी टोमैटो फ्लू के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। इसपर स्टडी जारी है। ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चे ही इसकी चपेट में आ रहे हैं। 
वहीं, केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने कहा, ‘इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि यह बीमारी दूसरे बच्चों में न फैले। यह बहुत संक्रामक है। ये फ्लू छाले के पानी, बलगम, मल और तरल पदार्थ के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।’

डॉ. रवींद्र कौशिक से हमने इस बीमारी के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा, ‘टोमैटो फ्लू एक तरह का सेल्फ लिमिटिंग फ्लू है, जिसका मतलब है कि अगर समय रहते उचित देखभाल की जाए तो लक्षण को काबू किया जा सकता है। ऐसे में सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि बच्चे को हाईड्रेटेड रखें।’

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