सिंगर केके की बच सकती थी जान, डॉक्टर ने किया बड़ा खुलासा…

नई दिल्ली। कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन (CPR) में बेहोश व्यक्ति की छाती पर दबाव दिया जाता है और आर्टिफिशियल सांसें दी जाती हैं, जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन मिलती रहे. इससे दिल का दौरा पड़ने और सांस न ले पाने जैसी स्थिति में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. बता दें कि केके का मंगलवार रात दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया था. इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कोलकाता के ‘नजरुल मंच’ पर आयोजित एक कार्यक्रम में परफॉर्म किया था.

डॉक्टर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, ‘ केके की बाईं मुख्य कोरोनरी धमनी में एक बड़ा ब्लॉक और कई अन्य धमनियों और उप-धमनियों में छोटे ब्लॉकेज थे. ऑडियंश के सामने प्रस्तुति के दौरान ज्यादा उत्तेजना के कारण ब्लड सर्कुलेशन रुक गया, जिससे उनकी हार्टबीट रुक गई और उनका निधन हो गया.’

डॉक्टर ने कहा कि गायक के बेहोश होते ही उन्हें सीपीआर दिया जाता, तो उनकी जान बच सकती थी. उन्होंने कहा कि गायक को लंबे समय से हृदय संबंधी समस्याएं थीं, जिनका कोई इलाज नहीं हुआ था.

डॉक्टर ने कहा, ‘स्टेज पर परफॉर्म के दौरान, केके मंच पर घूम रहे थे और कई बार भीड़ के साथ डांस भी कर रहे थे, जिससे अत्यधिक उत्तेजना पैदा हुई और ब्लड सर्कुलेशन रुक गया. इससे उनकी हार्ट बीट रुक गई. इस वजह से केके बेहोश हो गए और उनकी दिल की गति रुक गई। अगर उन्हें तुरंत सीपीआर दिया गया होता, तो उनकी जान बच सकती थी.’

उन्होंने आगे बताया कि केके ‘एंटासिड’ ले रहे थे, ‘शायद उन्हें दर्द होता होगा और वो इसे समझ नहीं पाए.  ‘एंटासिड’ ऐसी दवाएं होती हैं, जो अपच और सीने की जलन को दूर करने के लिए ली जाती हैं. कोलकाता पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि केके की पत्नी ने गायक के ‘एंटासिड’ लेने की पुष्टि की है. अधिकारी ने कहा, ‘केके ने अपनी पत्नी से फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया था कि उनके हाथ और कंधे में दर्द है.’ पुलिस को केके के होटल के कमरे से भी कई ‘एंटासिड’ गोलियां मिली हैं.

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