Chaddha Mobile House के घर काम करने वाली 14 वर्षीय लड़की की संदिग्ध हालातों में मौत, गले में रस्सी के निशान

बिना पुलिस को सूचित किए शव लेकर Civil Hospital पहुंचा चड्ढा परिवार

चाइल्ड राइट कमीशन को शिकायत की तैयारी, स्वालों और शक घेरे में  चड्ढा परिवार की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, पढे़ डिटेल स्टोरी

जालंधर/अनिल वर्मा/वरुण अग्रवाल। जालंधर फगवाड़ा गेट स्थित मशहूर चड्डा मोबाइल हाऊस के मालिक के आदर्श नगर स्थित निवास पर काम करने वाली नाबालिग लड़की की देर रात संदिग्ध हालात में मृत्यु हो गई है। पुलिस को दी जानकारी में बताया गया है कि लड़की ने फंदा लगाकर कर सुसाईड की है। 
थाना 2 की पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका के परिजनों को यूपी से बुलाया गया है। जानकारी के मुताबिक जालंधर के मशहूर मोबाइल कारोबारी चड्डा मोबाइल हाऊस के मालिक विशाल चड्डा के घर काम करने वाली नाबालिग लड़की अंजलि पुत्र राकेश वासी जिला बहराईच, यू.पी. को उसकी बुआ ने काम पर लगवाया था। जबकि नाबालिग लड़की से काम करवाना कानूनी जुर्म की श्रेणी में आता है। मृतक लड़की पिछले 2 साल से चड्ढा मोबाइल हाउस के घर काम करती थी और वहीं अलग कमरे में रहती थी।

लड़की के गले में रस्सी के निशान हैं। जिससे लग रहा है की गला घुटने से मृत्यु हुई है।

घटना के बाद पुलिस को बिना जानकारी दिए मृतक लड़की को सिविल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। बड़ा सवाल ये है की आखिर उक्त नाबालिग लड़की को काम पर क्यू रखा गया और ऐसी कौन सी बात थी जिसके कारण उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सूत्रों अनुसार लड़की पिछले कई दिनों से चुप थी।‌इस मामले में चाइल्ड राइट कमीशन को भी शिकायत की तैयारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस घर वालों के  बयान ले रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल रखा गया है जहां डॉक्टरों का पेनल मौत के कारणों की पुष्टि करेगा।

थाना नम्बर 2 के एस.एच.ओ. भूषण कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के दौरान चड्डा मोबाइल हाऊस के विशाल चड्डा ने बताया कि लड़की अंजली पुत्री राकेश कुमार को लगभग 1 साल पहले उसकी बुआ नीतू वासी सुदामा विहार जालंधर उनके घर छोड़ गई थी। नीतू ने उन्हें बताया था कि लड़की बहुत गरीब है, वे अपने पास घर पर रख लें। एक तो वो काम सीख लेगी और दूसरा उसका अच्छे से पालन पोषण हो जाएगा।थाना प्रभारी भूषण कुमार ने बताया कि घटना के बारे में पता चलते ही विशाल चड्ढा द्वारा पुलिस को सूचित नहीं किया गया। उन्होने खुद ही फंदे से शव उतारा और अस्पताल लाए। अस्पताल लाते समय ही उन्हें फोन पर सूचित किया गया।थाना प्रभारी के मुताबिक जब उन्हें सूचित किया गया तब तक अंजली की मौत को दो अढाई घण्टे हो चुके थे।  मृतका के परिजनों के आने तथा हर पहलू को गहराई से जांचने के पश्चात कार्रवाई की जाएगी।

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