पारंपरिक जल स्रोतों व पानी की टंकियों का सफाई अभियान हुआ आरंभः डीसी

ऊना/सुशील पंडित: जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए जिला ऊना के सभी पारंपरिक जल निकायों जैसे बावड़ियां, कुएं, गैर आईपीएच पानी की टंकियों व स्कूल में बने पानी के टैंकों की साफ-सफाई का तीन दिवसीय विशेष अभियान आज से आरंभ हो गया। 

इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि पहले दिन जिला ऊना की लगभग 150 ग्राम पंचायतों में पारंपरिक जल स्रोतों जैसे कि बावड़ियां व कुएं आदि की सफाई पंचायतों के माध्यम से की गई है। वहीं स्कूलों में लगाई गई पानी की टंकियों को साफ करने के निर्देश भी शिक्षा विभाग को दिए गए हैं और शिक्षण संस्थानों में टंकियां साफ की गई हैं। इसके अलावा जल शक्ति विभाग भी पानी के स्टोरेज टैंकों की सफाई का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में अकसर जल जनित रोग से ग्रसित लोगों की संख्या में इजाफा देखने को मिलता है, इसलिए आवश्यक है कि हम सभी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। 

राघव शर्मा ने कहा कि प्रदूषित जल पीने या भोजन पकाने में उसका प्रयोग करने से व्यक्ति जलजनित रोग व संक्रमण जैसे पेट के कीड़े, पीलिया, हेपेटाईटिस-ए, टायफायड, हैजा, दस्त इत्यादि से ग्रस्त हो सकता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित रोगों का खतरा अधिक होता है। स्वच्छ पानी के लिए पानी शुद्ध करने वाल उपकरणों का प्रयोग करें और नियमित रुप से उनकी सर्विस व रखरखाव सुनिश्चित करें।

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