16 वर्षीय लड़की को शराब पिलाकर जीजा और उसके भाई ने किया गैंगरेप

कोटा। कोचिंग सिटी कोटा की 16 वर्षीय नाबालिग बालिका के अपहरण और उससे गैंगरेप का दिल को दहला देने वाला मामला सामने आया है। नाबालिग बालिका का उसके ही रिश्तेदार ने पहले अपहरण कर लिया। बाद में बालिका से उसके जीजा और भाई ने शराब पिलाकर गैंगरेप किया। बालिका वहां से निकलकर भागी तो एक अन्य युवक उसे बहला फुसलाकर ले गया। उसने भी उसे बंधक बनाकर गैंगरेप किया। इस दौरान पीड़िता को दोनों जगह 18 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। बाद में पीड़िता किसी तरह से वहां से बचकर भागी और वापस कोटा पहुंची। कोटा में पुलिस ने बालिका को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। वहां से बालिका को फिलहाल अस्थाई आश्रय दिलाया गया है।

बाल कल्याण समिति सदस्य मधु शर्मा ने बताया कि पीड़िता 16 साल की है और वह नवीं कक्षा तक पढ़ी है। पीड़िता के परिजनों ने 3 जून को उद्योग नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। बालिका से हुई काउंसलिंग में सामने आया कि वह 2 जून को किराने का सामान लेने गई थी। उसी दौरान रास्ते में उसके जीजा का भाई ऑटो में आया। वह उसे जबरदस्ती अपने साथ बिठाकर बस स्टैंड ले गया। फिर वहां से बस में जयपुर ले गया। वहां एक सुनसान कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया।

काउंसलिंग में पीड़िता ने बताया कि वहां उसके जीजा के भाई ने उसे जबरदस्ती शराब पिलाई और उसके साथ रेप किया। होश में आने पर उसे फिर से शराब पिला देता था। दो-तीन दिन बाद उसका जीजा भी वहां आया और कहा कि तेरी बहन को छोड़ दिया है। अब तेरे से तेरी बहन का बदला लूंगा। उसके बाद उसने भी उससे रेप किया। एक दिन जीजा का भाई खाना लेने गया था। इस पर मौका देखकर वह वहां से निकल गई।

पीड़िता उन दोनों के चंगुल से छूटकर कुछ किलोमीटर पैदल चलकर स्टेशन पर पहुंची. वहां उसने प्लेटफार्म पर बैठे एक युवक से कोटा की ट्रेन के बारे में पूछा. युवक उसे साइड में ले गया और एक ट्रेन में बिठाकर दूसरे स्टेशन पर ले गया फिर वहां से बस में सीकर ले गया. वहां उसने फोन करके अपने एक दोस्त को बुलाया और एक गांव में ले जाकर दोनों ने उसके साथ गैंगरेप किया. किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

करीब 18 दिनों तक दोनों जगह पीड़िता को बंधक बनाकर रखा गया. वहां से भी पीड़िता जैसे-तैसे करके भाग छूटी. बाद में कोटा पुलिस ने उसे दस्तयाब कर लिया और बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया. पीड़िता की कहानी सुनकर पुलिस और बाल कल्याण समिति के सदस्य भी सन्न रह गये. पीड़िता का मेडिकल और 164 के बयान होने बाकी है. फिलहाल बालिका को अस्थाई आश्रय दिलाया गया है।

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