अग्निपथ योजनाः राकेश टिकैत का एलान, 24 जून को देशव्यापी प्रदर्शन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

नई दिल्लीः  अग्निपथ योजना को लेकर देश भर में विरोध देखने को मिल रहा है। इस योजना के तहत आज भारत बंद का एलान भी किया गया था जिसे विपक्षी दलों ने अपना समर्थन दिया है। इन सबके बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने भी बड़ा ऐलान कर दिया है।

देशभर में जिला तहसील मुख्यालयों पर होगा विरोध प्रदर्शन 

राकेश टिकैत ने अपने ऐलान में कहा है कि अग्निपथ योजना के खिलाफ 24 जून को संयुक्त किसान मोर्चा देशव्यापी प्रदर्शन करेगा। इसके लिए राकेश टिकैत ने एक ट्वीट भी किया है। अपने ट्वीट में राकेश टिकैत ने लिखा है कि संयुक्त किसान मोर्चा का 24 जून को अग्निपथ योजना के खिलाफ देशभर में जिला तहसील मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन होगा। उन्होंने लिखा के संयुक्त किसान मोर्चा कोआर्डिनेशन कमेटी का करनाल में यह फैसला हुआ है। युवा नागरिक संगठनों पार्टियों से जुड़ने के लिए अपील की गई है। 

राजनाथ सिंह ने किया था अग्निपथ योजना का ऐलान


आपको बता दें कि मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। इसके बाद से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का सबसे ज्यादा असर बिहार में हुआ है। बिहार में कई ट्रेनों में आग तक लगा दी गई है। इसके अलावा हिंसात्मक प्रदर्शन भी हुए हैं। बिहार के साथ-साथ हरियाणा उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में भी यह विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। राजनीतिक दल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार पर जबरदस्त तरीके से हमलावर हैं। वहीं सेना ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि अब यह योजना वापस नहीं होगा। सेना, नौसेना और वायुसेना ने नयी नीति के तहत भर्ती के लिए रविवार को विस्तृत कार्यक्रम प्रस्तुत किया और इस बात पर जोर दिया कि सशस्त्र बलों में उम्र संबंधी प्रोफाइल को घटाने के लिए यह एक ‘प्रगतिशील’ कदम है। 

युवा आगजनी एवं हिंसा में लिप्त युवा तीनों सेवाओं में नहीं हो पायेंगे शामिल 

सैन्य मामलों के विभाग के अवर सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘अग्निवीरों’ के लिए पिछले कुछ दिनों के दौरान घोषित किए गए सहयोगपरक कदम प्रदर्शन एवं आगजनी की वजह से नहीं उठाये गये हैं बल्कि सरकार पहले से उनपर काम रही थी। उन्होंने कहा कि इस योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे जो युवा आगजनी एवं हिंसा में लिप्त हैं, वे सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं में नहीं शामिल हो पायेंगे, क्योंकि किसी को भी सशस्त्र बलों में शामिल करने से पहले पुलिस सत्यापन प्रक्रिया चलायी जाएगी। 

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