भारी बारिश ने खोली निगम की पोल, पानी में डूबा श्मशानघाट

चंडीगढ़ः जिलें में सुबह से हो रही मानसून की पहली बारिश ने निगम की पोल खोलकर रख दी है। चंडीगढ़ में आज दोपहर तक 70 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। जिले में इस बार से जहां सड़कों पर पानी जमा हुआ वहीं सड़कों पर वाहनो की लंबी कतारे भी देखने को मिली।

सेक्टर-25 स्थित श्मशानघाट में दो फिट भरा पानी 

इसी के साथ ही जिले में हो रही तेज बारिश के चलते सेक्टर-25 स्थित श्मशानघाट में भी करीब दो फिट पानी भर गया। इस वजह से शवों का संस्कार भी नहीं हो सका। सेक्टर-25 के श्मशानघाट में वीरवार को चार शवों का अंतिम संस्कार किया जाना था। श्मशानघाट के शव दाह गृह में भी चारों तरफ पानी भर जाने से अंतिम संस्कार में बाधा हो गई। शवाें को जलाने के लिए वहां रखी सूखी लकड़ियां भी भीग गई।इस अव्यस्था के चलते शवों का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। 

मौके का जायजा लेने पहुंचे पार्षद पूनम के पति

वहीं दूसरी तरफ श्मशानघाट की बद्दतर हालत की खबर सुनकर स्थानीय पार्षद पूनम के पति संदीप कुमार ने भी मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने बताया कि स्थानीय एसडीओ गुरचरण सिंह को चार दिन पहले जानकारी दी गई थी कि श्मशानघाट में ड्रेनेज सिस्टम बंद पड़े हैं। बावजूद एसडीओ गुरचरण ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। घटना के बारे में जब गुरचरण को पता चला तो वह भी आनन फानन में श्मशानघाट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

तेज बारिश के कारण नहीं हुआ शवों का अंतिम संस्कार 

श्मशानघाट प्रबंधकों का कहना है कि इससे पहले कभी भी तेज बारिश में शवों का अंतिम संस्कार नहीं रुका। लेकिन इस बार पूरे श्मशानघाट में पानी भर जाने से शवों का संस्कार नहीं हो पाया। नगर निगम का कोई भी कर्मचारी यहां पर ड्रेनेज सिस्टम को चेक करने नहीं आया। शवों के अंतिम संस्कार करने के लिए कई घंटे तक उनके परिजनों को इंतजार करना पड़ा। श्मशानघाट के पंडित ने बताया कि वीरवार को चार शवों का अंतिम संस्कार होना था। दो शव सुबह और दो शव दोपहर में लाए जाने थे। सुबह के समय जो शव यहां लाए गए थे, उनका जलभराव की वजह अंतिम संस्कार नहीं सका। इसके बाद उन्हें यहां से लौटा दिया गया।

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