पंजाबः पूर्व सीएम चन्नी के भांजे को लेकर हाईकोर्ट से आया फैसला, पढ़ें

चडीगढ़ः पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट में भूपिंदर हनी को आज जमानत दे दी है। पिछले कल भूपिंदर सिंह हनी के वकीलों द्वारा दायर रेगुलर बेल याचिका पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस हुई थी। बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन आज हाईकोर्ट ने फरवरी महीने से प्रवर्तन निदेशालय की कस्टडी के बाद जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भानजे भूपिंदर सिंह हनी को जमानत देकर बड़ी राहत प्रदान की है।

भूपिंदर हनी को ईडी ने किया था गिरफ्तार

रेत खनन माफिया से अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के बदले 10 करोड़ रुपए लेने से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हनी को गिरफ्तार किया था। इस समय हनी न्यायिक हिरासत में जेल में है। हनी ने जालंधर अदालत में जमानत याचिका खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। 

विधानसभा चुनाव से पहले ईडी ने बरामद किए थे 10 करोड़ रुपए 

ईडी अधिकारियों ने जनवरी-फरवरी में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हनी के घर से 10 करोड़ रुपए बरामद किए थे। ईडी अधिकारियों ने दावा किया था कि पूछताछ में हनी ने खनन विभाग में अधिकारियों के तबादलों और पोस्टिंग की एवज में यह रकम खनन माफिया से लेने की बात कबूल की।

पूर्व सीएम चन्नी से भी ईडी ने की थी पूछताछ

ईडी  के अधिकारी इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी से भी पूछताछ कर चुके हैं। ईडी ने समन भेजकर चन्नी को तलब किया। चन्नी ने जालंधर स्थित इडी दफ्तर पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाए। इडी अधिकारियों ने चन्नी से उनके भानजे भूपिंदर सिंह हनी के साथ की गई यात्राओं के बारे में कई सवाल पूछे। ईडी दफ्तर में पेशी के बाद खुद चन्नी से ट्वीट करके बताया था कि उन्होंने इडी अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए हैं।

रेगुलर बेल को जालंधर अदालत में की थी याचिका दायर 

भूपिंदर सिंह हनी ने 20 अप्रैल 2022 को जालंधर अदालत में रेगुलर बेल के लिए याचिका दायर की थी। 27 अप्रैल 2022 को दोनों पक्षों के वकीलों में अदालत में अपना-अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की। 30 अप्रैल को कोर्ट ने 2 मई और फिर 2 मई को सुनवाई आगे बढ़ाते हुए 4 मई की तारीख दे दी। 4 मई को जालंधर अदालत ने हनी की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसकी न्यायिक हिरासत बढ़ा दी।

कोर्ट में ईडी ने कहा- 325 करोड़ का है मामला

ईडी की तरफ से कोर्ट में पेश हुए अधिवक्ता लोकेश नारंग ने कहा था कि खनन माफिया से सीएम चन्नी के नाम का इस्तेमाल कर 10 करोड़ रुपए लेने वाले हनी के तार बहुत जगह जुड़े हैं। ईडी के वकील ने कोर्ट में कहा कि यह मामला सिर्फ 10 करोड़ रुपए का नहीं है, बल्कि जांच में पता चला है कि मुख्यमंत्री का नाम इस्तेमाल कर तकरीबन 325 करोड़ रुपए कमाए गए।

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