मणिमहेश में लंगर लगाने वाली संस्थाओं से सैनिटेशन फीस के नाम पर बसूली करना सरसरा ग़लत: शिव दत वशिष्ठ

ऊना/सुशील पंडित: प्रदेश सरकार द्वारा मणिमहेश यात्रा में लंगर लगाने वाली समाजसेवी संस्थाओं से सैनिटेशन फीस के नाम पर बसूली करना सरसरा ग़लत है। यह बात एक जारी प्रेस बयान में प्रदेश शिव सेना प्रमुख शिवदत्त वशिष्ठ ने कही। उन्होंने कहा कि लंगर लगाने वाली समाजसेवी संस्थाओं से से सरकार सैनिटेशन फीस के नाम पर 12-12 हजार रुपए बसूली कर रही है। जोकि मणिमहेश यात्रियों को खाने की निःशुल्क सेवा दे रहे हैं लेकिन वही पर कमर्शियल दुकान लगाने वालों से मात्र 500 रूपए ही फीस रखी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि जो फ्री लंगर लगाने वाली समाजसेवी संस्था लंगर के दौरान या बाद सफाई व्यवस्था का ध्यान नहीं रखतीं है। उन संस्थाओं से सैनिटेशन फीस चाहे दोगुना ले। लेकिन जो संस्थाएं फ्री लंगर सेवा में सफाई व्यवस्था पर ध्यान रखती है। उनसे कोई फीस नहीं ली जाए। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने फ्री लंगर लगाने वाली संस्थाओं इस प्रकार तुगलकी फरमान जारी कर परेशान किया तो आने वाले समय में यात्रियों को फ्री लंगर सेवा की काफी दिक्कत हो सकती है। उन्होंने कहा कि वहां का प्रशासन झूठ बोलता है कि लंगर सेवा संस्थाओं को बिजली और पानी की फ्री सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने कहा कि वहां पर कोई  व्यवस्था नहीं है।उन्होंने कहा कि ऐसा भद्दा मजाक हिंदू धर्म के साथ सरकार की मंशा को व्यक्त करता है। इस मौके पर कार्यकारी राज्य प्रमुख अजय सौंधी, राज्य सचिव भाग सिंह, राज्य उपाध्यक्ष हरीश अटवाल, राजीव मनन और जिला अध्यक्ष जय दत्ता भी उपस्थित रहे।

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