2024 लोकसभा चुनाव में ये पार्टी थामेगी कांग्रेस का हाथ!

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज है. इन दिनों बंगाल में कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बीच एकजुटता देखने को मिल रही है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ संयुक्त आंदोलन जैसी दोनों ताकतों के नेताओं द्वारा हाल की कुछ पहलों ने पश्चिम बंगाल में दीर्घकालिक कांग्रेस-वाम मोर्चा को करीब ला दिया है. शिक्षकों की भर्ती घोटाला एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर कांग्रेस और माकपा दोनों राज्य में एक संयुक्त आंदोलन शुरू करना चाहते हैं. यह प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने रखा था. इस बीच ऐसा माना जा रहा है कि आगामी 2024 के लोकसभा चुनाव में बंगाल में कांग्रेस और माकपा के बीच एकजुटता देखने को मिल सकती है. 

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि वामपंथी दल हमारे साथ मिलकर पूरे राज्य में एक जन आंदोलन आयोजित करें. इसे एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा.’ माकपा के राज्य सचिव और पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद सलीम के अनुसार, राज्य के विभिन्न हिस्सों में शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन आंदोलन अत्यधिक असंगठित है.

सलीम ने कहा, ‘पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग, पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड और पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग की भर्ती में भारी गड़बड़ी हुई है. इन असंगठित आंदोलनों को एक छत्र के नीचे लाने की तत्काल आवश्यकता है और इस उद्देश्य के लिए हम इस मुद्दे पर कांग्रेस-वाम मोर्चा संयुक्त आंदोलन के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं.’

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