स्कूली बच्चों को कोविड का दूसरा टीका प्रधानाचार्य की जिम्मेदारीः डीसी

ऊना/सुशील पंडित: जिलाधीश ऊना राघव शर्मा ने कहा है कि स्कूली बच्चों को कोविड का दूसरा टीका लगवाना सुनिश्चित करना स्कूल प्रधानाचार्य व मुख्याध्यापक की जिम्मेदारी है। डीसी ने कहा कि जिला ऊना में 15-18 वर्ष की आयु के 34,764 बच्चों को कोवैक्सीन की पहली डोज़ दी जा चुकी है, जबकि 30,996 बच्चों को दूसरी डोज़ दी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि अभी भी लगभग 17 प्रतिशत बच्चे इस आयु वर्ग में ऐसे हैं, जिन्होंने कोवैक्सीन की दूसरी डोज़ नहीं लगाई है। 

राघव शर्मा ने कहा कि 12-14 वर्ष के आयु वर्ग में 19,333 बच्चों को कोर्बेवैक्स वैक्सीन की पहली डोज़ लगाई गई है, वहीं 16,851 बच्चों को दूसरा टीका लगाया गया है। उन्होंने कहा कि इस आयु वर्ग में लगभग 9 प्रतिशत बच्चे ऐसे रह गए हैं, जिन्होंने कोर्बेवैक्स वैक्सीन की दूसरी डोज़ नहीं लगाई है। डीसी ने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्य व मुख्याध्यापक बच्चों को कोविड वैक्सीन लगवाना सुनिश्चित करें। स्कूल प्रबंधन टीका लगवाने से छूटे हुए बच्चों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के साथ साझा करें, ताकि वहां पर वैक्सीनेशन का सत्र आयोजित किए जा सकें। 

जिलाधीश ऊना ने सभी जिलावासियों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोविड टीकाकरण के लिए 15 जुलाई से अगले 75 दिनों तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस विशेष अभियान के तहत 18 वर्ष से 59 वर्ष तक के लोगों को मुफ्त में कोरोना की प्रिकॉशन डोज निशुल्क लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी फ्री प्रीकॉजन डोज़ लगाने के लिए आगे आएं और कोविड वायरस से बचाव के लिए वैक्सीन की तीसरी खुराक लगाएं।

राघव शर्मा ने कहा कि कोविड-19 वायरस से बचाव के दृष्टिगत मास्क का उपयोग, हाथों की स्वच्छता तथा 2 गज की दूरी जैसे नियमों का पालन करें। उन्होंने जिला के लोगों से अपील की है कि वह अनावश्यक रुप से ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें तथा सार्वजनिक स्थलों व सार्वजनिक वाहनों में सफर के दौरान मास्क तथा सैनिटाइजर का उपयोग करें। किसी भी प्रकार के जुखाम, खांसी, बुखार, बदन दर्द तथा सांस से संबंधित समस्या को हल्के में न लें तथा अपनी कोरोना जांच करवाएं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उपायुक्त ऊना ने कहा कि कोविड-19 महामारी का खतरा अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए सावधानी बरतें।

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