पंजाबः इस मामले को लेकर हाईकोर्ट की सरकार से जवाबतलबी

चंडीगढ़ः मान सरकार की ओर से वीआईपी लोगों की सुरक्षा में की गई कटौती का मामला एक बार फिर से गरमा गया है। सुरक्षा कटौती की लीक पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाबतलबी की है। हाईकोर्ट ने सरकार को एक हफ्ते में जवाब देने को कहा गया है। सरकारी वकील ने कहा कि सरकार इसकी जांच करा रही है। इस मामले में हाईकोर्ट में सीलबंद रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

28 मई को की गई थी सुरक्षा में कटौती

बता दें कि 28 मई को पंजाब सरकार ने सुरक्षा कटौती की थी, जिसमें सिद्धू मूसेवाला का भी नाम शामिल था। सिक्योरिटी कटौती के अगले ही दिन मूसेवाला का कत्ल हो गया। विरोधियों ने मुद्दा उठाया कि सिक्योरिटी लीक की वजह से मूसेवाला को मारा गया। 

मूसेवाला को कांग्रेस ने दी थी 10 गनमैन और एक पायलट जिप्सी

सिद्धू मूसेवाला को कांग्रेस सरकार ने 10 गनमैन और एक पायलट जिप्सी दी थी। यह दावा पूर्व गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा ने किया था। मूसेवाला ने कांग्रेस टिकट पर मानसा से चुनाव लड़ा था। चुनाव में मूसेवाला हार गए। इसके बाद उनकी सिक्योरिटी में कटौती शुरू हो गई। 28 मई को सरकार ने उनके 4 में से 2 गनमैन वापस ले लिए। 29 मई को वह बिना गनमैन जा रहे थे तो उनकी हत्या कर दी गई। बाद में शार्पशूटर्स ने खुलासा किया कि गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने उन्हें कहा कि मूसेवाला की सिक्योरिटी हटा दी गई है, कल ही यानी 29 मई को उसका कत्ल करना है।

हाईकोर्ट ने सुरक्षा वापिस के दिए थे आदेश

सिक्योरिटी लीक को लेकर हाईकोर्ट में 28 पिटीशन पहुंच गई थी। आप सरकार ने कुर्सी संभालते ही ताबड़तोड़ सिक्योरिटी कटौती की। किसके पास कितनी सिक्योरिटी थी और उनसे कितनी वापस ली गई?, उनके पास कितने गनमैन रह गए?, यह ब्यौरा भी सार्वजनिक हो गया। आम आदमी पार्टी ने इसे वीआईपी कल्चर पर कार्रवाई बताते हुए खूब प्रचार किया।

हालांकि जिन नेताओं की सिक्योरिटी वापस ली गई, उन्होंने हाईकोर्ट में पिटीशन दायर कर दी। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि जिन भी लोगों की सिक्योरिटी वापस ली गई है, उन्हें तुरंत 1-1 गनमैन दिया जाए। यह वे लोग हैं, जिनके पास अब एक भी गनमैन नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगली सुनवाई तक उन्हें सुरक्षा दी जाए।

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