पंजाबः इस मामले में पूर्व IG सहित तीन पुलिसकर्मी को 3 साल की कैद 

अमृतसरः पंजाब से बड़ी ख़बर सामने आई है। साल 1992 में जिला अमृतसर से सुरजीत नाम के व्यक्ति को पुलिस अपने साथ थाने ले गई थी। थाने में ले जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने सुरजीत को थाने से फरार होने की झूठी कहानी बताई। इस मामले को लेकर सीबीआई की विशेष अदालत ने पुलिस की झूठी कहानी को लेकर सजा सुनाई।

विशेष अदालत ने झूठी कहानी के मामले में सेवामुक्त आईजी बलकार सिंह सिद्धू, सेवामुक्त डीएसपी उधर सिंह और मौजूदा सब इंस्पेक्टर साहिब सिंह को दोषी करार देते हुए 3-3 साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोषियों की ओर से जमानती बॉंड भरने पर जमानत पर रिहा कर दिया है।

यह है मामला

7 मई 1992 को अमृतसर के गांव पौरसी राजपूत गांव से सुरजीत सिंह नाम के युवक को उठाया था। उस वक्त के डीएसपी बलकार सिंह, एसएचओ उधम सिंह और कांस्टेबल रहे उधम सिंह ने यह कार्रवाई की। सुरजीत के बाकी साथियों को छोड़ दिया गया लेकिन उसका पता नहीं चला। जिसके खिलाफ मां-बाप हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट के आदेश पर 2000 में इसकी जांच सीबीआई को दी गई। इस केस में 9 आरोपी थे। जिनमें से 5 को बरी कर दिया गया। 1 की मौत हो चुकी है।

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