आयुष्मान योजना के मरीजों का PGI में नहीं होगा इलाज, जानें मामला 

चंडीगढ़ः पंजाब में आयुष्मान भारत योजना का दिवाला निकल गया है। इस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत पंजाब सरकार 7 महीने का बकाया 16 करोड़ पीजीआई चंडीगढ़ को नहीं दे सका। इस वजह से पीजीआई चंडीगढ़ ने पंजाब के मरीजों का इलाज बंद कर दिया है। पीजीआई पंजाब के 1200 से 1400 मरीजों का इस योजना के तहत इलाज करता है। पंजाब के स्वास्थ्य सचिव अजय शर्मा ने कहा कि पीजीआई को एक हफ्ते में इसका भुगतान कर दिया जाएगा। अजय शर्मा ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार का 300 करोड़ रुपये बकाया है। मामला वित्त विभाग के पास है और उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर बकाया भुगतान कर दिया जाएगा।

पंजाब के लोग एक अगस्त से योजना के पात्र नहींः डिप्टी डायरेक्टर

पीजीआई के डिप्टी डायरेक्टर गौरव धवन ने कहा कि पंजाब के आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी एक अगस्त से योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हैं। नए प्रवेश पाने वाले किसी भी लाभार्थी को नियमित रोगियों की तरह उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करना होगा। योजना के लिए पीजीआई के नोडल अधिकारी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि अन्य राज्यों के लाभार्थी हमेशा की तरह सेवाओं का लाभ उठाते रहेंगे।

इन अस्पतालों का है बकाया

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर 32 ने इस साल मार्च से पंजाब के मरीजों का इलाज 2.3 करोड़ रुपये बकाया होने के बाद रोक दिया था। पंजाब सरकार पर इस योजना के तहत जीएमसीएच सेक्टर 32, जीएमएसएच सेक्टर 16 और चंडीगढ़ के निजी अस्पतालों का तीन करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। आयुष्मान भारत सेहत बीमा योजना 20 अगस्त 2019 को शुरू की गई थी। इस योजना को पंजाब की कम से कम 65 प्रतिशत आबादी को वित्तीय सहायता को तहत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान किया जाता है। यह प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये का पात्रता-आधारित स्वास्थ्य बीमा कवर है।

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