पंजाब बंद को लेकर आया फरमान, जानें किसानों और वाल्मीकि समुदाय का क्या कहना 

जालंधर/ वरुणः पंजाब में 12 अगस्त को एक तरफ जहां किसान लुधियाना-जालंधर के साथ-साथ जालंधर लुधियाना वाला हाईवे भी बंद करेंगे, वहीं, आप पार्टी के एडवोकेट जनरल रहे अनमोल रतन सिंह सिद्धू द्वारा एससी/बीसी वर्ग को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में 12 अगस्त को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। यह एलान वाल्मीकि टाइगर फोर्स ऑल इंडिया और गुरु रविदास टाइगर फोर्स पंजाब द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया है। मामले को लेकर चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री कुलदीप धालीवाल के साथ बैठक के दौरान उक्त घोषणा मामले का सकारात्मक समाधान नहीं होने के कारण की गई। यह घोषणा अमृतसर के वाल्मीकि तीर्थ स्थान से जारी आदेशों में की गई। इस दिन पंजाब पूरी तरह बंद रहेगा। इस दिन यानी शुक्रवार को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक पंजाब पूरी तरह बंद रहेगा। बता दें कि वाल्मीकि समुदाय का विरोध टालने के लिए कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने समुदाय के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की, इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी शामिल होना था। लेकिन वह नहीं आए, जिसके बाद समुदाय का गुस्सा और ज्यादा भड़क गया है।

भगवान वाल्मीकि जी के पावन तीर्थ श्री रामतीर्थ से समुदाय ने हुक्मनामा जारी कर कहा कि 12 अगस्त को पंजाब सुबह नौ बजे से लेकर शाम को पांच बजे तक बंद रहेगा। समुदाय के पदाधिकारियों ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर 11 अगस्त को बंद नहीं किया गया बल्कि 12 अगस्त को बंद की काल दी गई है। वाल्मीकि समुदाय ने यह बंद की काल एडवोकेट जनरल अनमोल रतन सिद्धू की एक टिप्पणी के बाद दी थी। हालांकि सरकार ने इस मामले को टालने का कोशिश भी की लेकिन मीटिंग में मुख्यमंत्री भगवंत मान के न पहुंचने के कारण समुदाय के लोगों में रोष पनप गया। इसके बाद भड़के समुदाय के लोगों ने बंद का आह्वान किया। समुदाय ने सभी से अपील की है कि वह उनके बंद का समर्थन करें।

जबकि किसान संगठनों ने भी रक्षाबंधन तक अपना आंदोलन थोड़ा शांत रखा था। गन्ने का बकाया न मिलने पर रोष जता रहे किसानों ने कहा कि रक्षा बंधन के बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि पहले सिर्फ लुधियाना जालंधर हाईवे ही रोका था, लेकिन रक्षा बंधन को देखते हुए शुगर मिल के सामने सर्विस लेन भी खोल दी गई थी। लेकिन रक्षा बंधन के बाद पूरा हाईवे बंद किया जाएगा। किसानों का कहना है कि रक्षा बंधन के बाद किसान संगठनों की बैठक भी बुलाई गई है। बैठक में पूरे पंजाब की सड़कों को बंद करने पर भी फैसला हो सकता है। किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब की सभी शुगर मिलों में किसानों के पैसे फंसे हुए हैं। लेकिन सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है लेकिन पैसे दिलाने में कोई मदद नहीं कर रही है।

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