9 रिटायर्ड अफसरों समेत 11 के खिलाफ FIR के आदेश जारी

नई दिल्लीः उपराज्यपाल और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के चेयरमैनविनय कुमार सक्सेनालगातार अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्ती दिखा रहे हैं। इसी कड़ी में डीडीए के 11 अधिकारियों के खिलाफ एक 9 साल पुराने मामले में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। उपराज्यपाल कार्यालय सूत्रों के मुताबिक, डीडीए के 11 में से 9 रिटायर्ड अधिकारियों की पेंशन भी रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई साल 2013 के एक वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में उपराज्यपाल ने की है।

9 डीडीए के अधिकारियों की रोकी पेंशन

एलजी ने आदेश दिया है कि इन 9 डीडीए के अधिकारियों की पेंशन पूरी तरह से रोक दी जाए, इनमें तत्कालीन चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के अलावा फाइनेंस और एकाउंट्स डिपार्टमेंट के अधिकारी शामिल हैं। इनके अलावा दो अधिकारी उस समय के डीडीए के मेंबर फाइनेंस और मेंबर इंजीनियरिंग थे, जिन पर कार्रवाई हुई है। बता दें कि दिल्ली एलजी लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। बीती 6 अगस्त को उपराज्यपाल ने नई एक्साइज पॉलिसी को लेकर बड़ी कार्रवाई की थी। जिसके तहत पूर्व आबकारी आयुक्त आरव गोपीकृष्ण और पूर्व डिप्टी कमिश्नर आनंद तिवारी समेत 11 अफसरों को सस्पेंड कर दिया था।

सरकारी खजाने को 142 करोड़ रुपए का नुकसान

यह मामला साल 2013 का है। आरोप है कि किंग्सवे कैंप में कोरोनेशन पार्क का अपग्रेडेशन और ब्यूटीफिकेशन होना था। इस प्रोजेक्ट की कीमत शुरुआत में 14.24 करोड़ रुपए थी, जोकि बाद में बढ़कर 28.36 करोड़ रुपए हो गई और आगे चलकर इसी के तहत 114.83 करोड़ रुपए के काम नरेला और धीरपुर जैसी दूसरी जगहों पर बिना किसी आवश्यक मंजूरी के करवा दिए गए। आरोप है कि सरकारी खजाने को करीब 142 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा, अनियमितता के बारे में कैग ने 2016 में अपनी रिपोर्ट में सवाल उठाए और कहा कि प्रोजेक्ट के लिए मूल कीमत से करीब 9 गुना ज्यादा का भुगतान किया गया।

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