पीएम मोदी कैबिनेट में बड़ा ऐलानः किसानों के लोन पर ब्याज में 1.5 प्रतिशत की मिली छूट

नई दिल्लीः मोदी सरकार ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने कम अवधि का लोन समय चुकाने के लिए किसानों के लिए इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को जारी रखा है। यानी जिन किसानों ने तीन लाख रुपये तक का शॉर्ट टर्म लोन लिया है, उन्हें ब्याज में 1.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।

नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा फायदा देते हुए इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम को बरकरार रखा है। इसके तहत किसानों को तीन लाख तक के शॉर्ट टर्म के लिए ब्याज में 1.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। केंद्र सरकार को स्कीम लागू करने के लिए 2022-23 से 2024-25 की अवधि के लिए 34,856 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजटीय प्रावधानों की आवश्यकता होगी। भरपाई के लिए सरकार ये भुगतान सीधे लोन देने वाले बैंक और सहकारी संस्थाओं को करेगी।

क्या है सबवेंशन स्कीम

सरकार की ओर से सहकारी समितियों और बैंकों के जरिए किसानों को कम ब्याज दर पर शॉर्ट और लॉन्ग टर्म के लिए लोन दिया जाता है। इस लोन को कई किसान समय पर चुका देते हैं और जबकि काफी किसान किसी कारणवश समय पर नहीं चुका पाते। जो किसान समय पर लोन चुका देते हैं, उन्हें इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम का फायदा मिलेगा।

क्या हैं इसके फायदे

इंटरेस्ट सबवेंशन को जारी रखने से वित्तीय स्वास्थ्य और ऋण देने वाली संस्थाएं, विशेष रूप से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों की व्यवहार्यता सुनिश्चित करेगी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पर्याप्त कृषि ऋण सुनिश्चित करेगी। इससे किसानों को अल्पकालिक कृषि आवश्यकताओं के लिए लोन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और अधिक से अधिक किसानों को कृषि ऋण का लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाया जाएगा। इससे रोजगार का भी सृजन होगा। जो सीधे तौर पर किसानों को पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन सहित सभी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करेगा। किसान इन छोटे व्यवसायों के लिए अल्पावधि कृषि ऋण कम ब्याज में पा सकेंगे। किसान समय पर ऋण चुकाते समय 4% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर अल्पकालिक कृषि ऋण प्राप्त करना जारी रखेंगे।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम की सीमा बढ़ी

सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) के तहत खर्च को और 50,000 करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। अब इस योजना के तहत क्रेडिट की कुल सीमा पांच लाख करोड़ रुपये हो गई है। यह फैसला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया। इससे होटल एवं संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *