महिला रिमांड होम में सेक्स रैकेट चलाती थी अधीक्षिका, गिरफ्तार….

नई दिल्ली। पटना पुलिस ने छह महीने तक हुई जांच के बाद आखिरकार गायघाट स्थित उत्तर रक्षा गृह की अधीक्षिका वंदना गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। उन पर उत्तर रक्षा गृह की संवासिनों को नशे का इंजेक्शन देकर बाहर भेजने, उन्हें प्रताड़ित करने, शारीरिक और मानसिक शोषण सहित कई आरोप है। छह महीने से इस मामले की जांच पटना पुलिस की एसआईटी कर रही थी।

आरोपित अधीक्षिका को कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया है। एसएसपी डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लों ने बताया कि पूछताछ के लिए वंदना गुप्ता को महिला थाने बुलाया गया था। वहीं, पुलिस ने उन्हें सबूतों को दिखाया। फिर महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन पर महिला थाने में दर्ज केस में हुए सुपरविजन को सही पाया गया था।

महिला थाने में जब उत्तर रक्षा गृह की अधीक्षिका वंदना गुप्ता को बुलाया गया तो उन्हें जरा भी अहसास नहीं था कि कानून का शिकंजा उन पर कसने वाला है। पुलिस ने दोपहर के वक्त तक वंदना से पूछताछ की इसके बाद उन्हें कहा- मैडम आपको गिरफ्तार किया जाता है, कोर्ट चलिए…। यह सुनने के बाद वंदना के चेहरे का रंग उड़ गया। अब तक वह पुलिस की पूछताछ और कार्रवाई को हल्के में ले रही थीं। कई बार वंदना को इससे पहले भी पूछताछ के लिए थाने में बुलाया गया था। इस कारण गिरफ्तारी की बात उनके जहन में नहीं थी।

पुलिस टीम ने बकायादा वंदना को उन पर लगे आरोपों से संबंधित सबूतों की जानकारी भी दी। सूत्रों के मुताबिक पटना पुलिस के अधिकारियों ने बीते शुक्रवार को ही वंदना की गिरफ्तारी को लेकर महिला थाने की पुलिस को हरी झंडी दे दी थी। यह भी हिदायत दी थी कि किसी भी कीमत पर वंदना को उनकी गिरफ्तारी की भनक नहीं लगनी चाहिए, वरना वह फरार हो सकती हैं। फिर पुलिस को उन्हें ढूढ़ने में परेशानी होती। उन पर लगे आरोप संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है इस कारण पुलिस को वारंट की जरूरत भी नहीं पड़ी। लिहाजा पीड़िताओं के बयान और सबूतों व सुपरविजन रिपोर्ट के आधार पर ही वंदना को गिरफ्तार कर लिया गया।

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