पंजाब के लोगों के लिए अहम ख़बर, अब नहीं लगाने पड़ेंगे सेवा केंद्रों के चक्कर, घर बैठे मिलेगी सुविधा

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने लोगों को सेवा केंद्रों में चक्कर काटने से बड़ी राहत दी है। दरअसल, सेवा केंद्रों द्वारा मुहैया करवाई जाने वाली 283 डिजिटल हस्ताक्षर वाली सेवाओं का सर्टीफिकेट आवेदक को घर बैठे व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से सर्टीफिकेट मिल जाएगा। प्रशासनिक सुधार मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने आज यहां विभाग के कामकाज की समीक्षा बैठक के बाद जारी प्रेस बयान के माध्यम से यह जानकारी दी। विभाग की ओर से 283 सेवाओं को डिजिटाइज करते हुए नियमित नोटिफिकेशन भी जारी कर दी गई है।

इन सेवाओं में जाति प्रमाण पत्र, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था पेंशन, विवाह प्रमाण पत्र, शस्त्र नवीनीकरण, सामान्य जाति प्रमाण पत्र, वजन मुक्त प्रमाण पत्र, पिछड़ा क्षेत्र प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं जिनकी लोगों को अपने दैनिक जीवन में सबसे अधिक आवश्यकता होती है।मीत हेयर ने कहा कि पहले लोगों को एक प्रमाण पत्र  की दोबारा जरुरत पड़ने पर बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे जैसे कि किसी विद्यार्थी को दाखिले के लिए जन्म या जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करना। हर बार सेवा केंद्र में जाकर होलोग्राम से सर्टिफिकेट साइन करवाना पड़ता था। लोगों की परेशानी को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार अब इन 283 सेवा प्रमाण पत्र के लिए एक बार आवेदन करने के बाद आवेदक को घर बैठे ही व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर के साथ प्रमाण पत्र प्राप्त होगा और वे इसकी प्रतियां बना सकते हैं। 

अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इसका प्रिंट ले सकते हैं इस प्रमाणपत्र की वैधता के संबंध में प्रशासनिक सुधारों द्वारा एक नियमित नोटिफिकेशन भी जारी की गई थी। इसके अलावा 93 सेवाएं घर बैठे ही ऑनलाइन अप्लाई की जा सकती है जिसके लिए सेवा केंद्र आने की जरूरत नहीं। प्रशासनिक सुधार मंत्री ने सेवा केन्द्रों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनका जिलावार आकलन कर उनका तत्काल खत्म करने को कहा। उन्होंने विभाग को सभी जिलों के उपायुक्तों को सेवा केंद्रों की लगातार निगरानी करने और लोगों से फीडबैक लेने का निर्देश देने के लिए भी कहा। इसके अलावा डिजिटल सिग्नेचर से 293 सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में प्रशासनिक सुधार प्रमुख सचिव तेजवीर सिंह और निदेशक गिरीश दयालन भी मौजूद थे।

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