बच्चे के पहले 1000 दिनों में पोषण पर निगरानी पर विशेष ध्यान की जरूरत

ऊना/सुशील पंडित: मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना के तहत खंड स्तरीय टास्क फोर्स की अभिसरण समिति की बैठक आज एसडीएम ऊना डॉ. निधि पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री बाल सुपोषण योजना के तहत चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा करते हुए एसडीएम ने कहा कि बच्चे के पहले 1000 दिन स्तनपान, ऊपरी आहार, गृह भ्रमण सहित अति कुपोषित बच्चों की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ग्राम सभा की बैठकों में हिस्सा लेकर इस अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए तथा सभी विभाग मिलकर पोषण अभियान के अंतर्गत की जाने वाली गतिविधियों को पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि वह आंगनबाड़ी केंद्रों तथा स्कूलों में बच्चों के खून की जांच करेंगे तथा स्लम एरिया में बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करें। 

जिला ऊना में शिशु लिंगानुपात में हुई बढ़ोतरी पर एसडीएम ने संतोष व्यक्त किया और आशा व्यक्त की कि जिला ऊना में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना को और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया के लिंग निर्धारण जांच न करवाने बारे आम जनमानस को जागरूक किया जाना चाहिए और यदि कोई ऐसा मामला किसी के ध्यान में आता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दी जाए, ताकि उस संस्थान के विरुद्ध के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। 

बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह दयाल, खंड चिकित्सा अधिकारी राम पाल शर्मा, कर्ण पाल मनकोटिया प्रधान हिमोत्कर्ष ऊना, समस्त पर्यवेक्षक बाल विकास परियोजना ऊना, सांख्यकीय सहायक संजय कुमार, पोषण ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गुरमुख सिंह, ब्लॉक असिस्टेंट साक्षी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *