ऊना/सुशील पंडित: सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कई गुटों में विखरी कांग्रेस को एकजुट करने का समय अब निकल चुका हैं। हैरत का विषय है कि प्रदेश में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह पांच बार सीएम रहे और अब भाजपा के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हैं। ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस को संभालने के लिए पहुंचे छतीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत व दिल्ली के नेताओं को ना ताे अपने पूर्व सीएम द्वारा करवाए विकास का पता है और ना ही सीएम जयराम ठाकुर द्वारा करवाया जा रहा विकास नजर आ रहा है। वह हिमाचल में छतीसगढ़ में करवाए जा रहे कार्यो को हिमाचल में गिना रहे हैं। जबकि उन राज्यों में विकास हुआ या नहीं, इससे यहां के लोगों को कोई लेना-देना नहीं हैं। जिस तरह से दिल्ली में आप व छतीसगढ़ के सीएम कल्पनिक बातें कर रहे हैं। इससे इनकी सच्चाई जनता के सामने स्वयं ही आ रही है। इससे कांग्रेस पार्टी का आगामी समय के लिए हिमाचल प्रदेश के क्या नजरिया होगा, साफ-साफ नजर आ रहा है।
सत्ती ने कहा कि कांग्रेस की हालत यह हो गई हैं कि प्रदेश की कांग्रेस अध्यक्षा प्रतिभा सिंह की कोई बात नहीं सुन रहा, सुखविंद्र सक्खू अपनी डफली बजा रहे हैं, नेता प्रतिपक्ष अपना राग अलाप रहे हैं। ऊना के विधायक सतपाल रायजादा प्रदेश नेतृत्व पर ऊंगली उठा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुर कौल सिंह, आशा कुमारी, रामलाल ठाकुर व गंगूराम मुसाफिर को कोई पूछ ना होने के कारण यह हाशिये पर चल रहे हैं और अपने-अपने वर्चस्व की जंग खुद लड़ रहे हैं। आलम यह है कि कोई भी नेता एक दूसरी की बात नहीं सुन रहा। इस मौके पर जिला भाजपा महामंत्री राजकुमार पठानिया, मंडी समिति चेयरमैन बलवीर बग्गा, नवीन पुरी व अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे।

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