झूठे नेताओ और कायर धर्मगुरुओं ने हमारी बेटियों को जिहादियों का शिकार बना दिया है यति सत्यदेवानन्द सरस्वती महाराज

हिमाचल प्रदेश की बेटी प्राची राणा के इंसाफ में देरी सारे हिन्दू समाज के मुँह पर तमाचा :बावा मुक्ति नाथ

ऊना/सुशील पंडित: दुमका झारखंड की हिन्दू बेटी की दुर्दांत हत्या को सम्पूर्ण मानवता पर कलंक मानते हुए ऊना के एमसी पार्क  पर लव जिहाद की विभीषिका पर  अखिल भारतीय संत परिषद् के हिमाचल प्रदेश, पंजाब,हरियाणा के प्रभारी यति सत्यदेवानन्द सरस्वती महाराज शिष्य परम् पूज्यनीय  महामंडलेश्वर यति नरसिंहानन्द गिरी महाराज श्रीपंचदशनाम जूना अखाडा महाराज ने एक दिवसीय उपवास पर  कहा कि झूठे और धोखेबाज नेताओ और कायर धर्मगुरुओं के कारण आज हमारी बेटियां जिहादियों का शिकार बन चुकी हैं। अगर वो जिहादियों को मना करती हैं तो प्राची राणा, अंकिता तोमर और निकिता आदि की तरह मार दी जाती है और अगर जिहादियों की बात मान लेती हैं तो उनकी लाश टुकडो टुकड़ो में या तो सूटकेस में मिलती है या जमीन में गढ़ी हुई मिलती है।लगता है कि अब फिर वो ही समय आने वाला है जब हिन्दुओ को मुसलमान लुटेरों के डर से बेटी को पैदा होते ही उसे मार कर जमीन में गाड़ना पड़ता था क्योंकि जिहादी किसी भी जवान हिन्दू लड़की को बर्बाद किये बिना नहीं छोड़ते थे।धीरे धीरे ये गन्दगी हिन्दुओ के खून में शामिल होकर रस्म और रिवाज बन गयी।अब शायद फिर से वो ही रस्म और रिवाज दोबारा शुरू करने का समय आ गया है क्योंकि अब फिर हिन्दू समाज बेटियों की रक्षा करने योग्य नहीं रह गया है।

यति महाराज ने कहा कि दुमका में जो हुआ और फिर उसको लव जिहाद का नाम देना सारी मानवता के लिये कलंक है।इसमें भी सबसे बुरी बात उस अपराधी की अकड़ है। पुलिस हिरासत में जैसे वो अपराधी हँस रहा था और अकड़ दिखा रहा था, वो सारे हिन्दुओ के मुँह पर एक तमाचा है। वो अपराधी जानता है कि उसके इस कार्य के लिये उसकी कौम उसे हीरो के रूप में देखेगी और उसका हर तरह से साथ देगी।जमीयते उलेमा ए हिन्द उसका मुकदमा लड़ेगी और किसी हिन्दू को उसके विरुद्ध गवाही नहीं देने दिया जाएगा और यह वहां के स्थानीय लोगों ने बताया भी है कि किस तरह से उस नाबालिक बच्ची को वहां के प्रशासन के एक शांतिदूत डीएसपी के दवाब मे केसे रिपोर्ट में बालिक बताता और उस जिहादी जो की बालिक था उसको नवालिक बताया गया तथा झाड़खंड के नेताओं के ब्यान की ऐसी घटनाएं तो होती रहती हैं न्याय का मजाक है इस देश में।होना तो यह चाहिये कि जिस तरह से उस अपराधी ने हमारी बेटी की हत्या की है,उसको भी उसी तरह जलाकर मारे जाने की सजा न्यायालय के द्वारा दी जानी चाहिये। इसके लिये संविधान में जो भी उचित संशोधन हो,वो किया जाना चाहिये। परन्तु ऐसा होता कहीं भी दिख नहीं रहा हैं

जैसे हिमाचल की 15साल बेटी प्राची राणा को 5 महीने बीत जाने के बाद भी अब तक इंसाफ नही मिलना न्यायपालिका पर सवालिया निशान लगाता है कानून और सत्ताधारी जितना इस्लामिक जिहाद को जेस्टिफाई करेंगे! ये इस्लामिक ज़िहाद का राक्षस उतना बिकराल रुप लेकर हमारी बच्चियों को निगलेगा। अभी समय है हिन्दुओं को चेतना पड़ेगा और अपनी बच्चियों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने पड़ेंगे। उपवास मे मंहत मुक्ति नाथ जी, गौतम ठाकुर, भूपिंदर शर्मा, विनोद लठ्ठ, रमेश सैनी, विनोद ठाकुर तथा अन्य हिन्दू उपस्थित थे।

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