पंजाबः सहकारी समिति में करोड़ो रुपए के घोटाले में 7 पर मामला दर्ज, 3 गिरफ्तार

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनायी ज़ीरो टॉलरैंस पॉलसी के मद्देनज़र पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने कजल बहुउद्देश्यीय सहकारी सभा लिमः कजल, शहीद भगत सिंह नगर में हुए करोड़ो रुपए घोटाले का पर्दाफाश करते हुए उक्त सभा में घोटाला करने के सात दोषियों के खि़लाफ़ मुकदमा दर्ज किया है जिसमें से तीन दोषियों को गिरफ़्तार कर लिया है।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए राज्य विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि ब्यूरो ने जांच के दौरान उक्त को-आपरेटिव सोसायटी के अधिकारी/कर्मचारियों की तरफ से मिली भुगत करके 4,24, 02, 561 रुपए का गबन करने का मामला सामने आया है। इस सम्बन्धी ब्यूरो की तरफ से पूर्व सचिव प्रेम सिंह, सचिव निलंबन अधीन भूपिन्दर सिंह, पूर्व प्रधान ज़सविन्दर सिंह, हरवेल सिंह मीत प्रधान, हरजीत सिंह पूर्व मैंबर, बलकार सिंह पूर्व मैंबर ( सभी निवासी गांव कजला) और राम पाल पूर्व मैंबर निवासी पद्दी मट्टवाली के खि़लाफ़ मुकदमा नंबरः 16 तारीख़ 05. 09. 2022 अ/ध 408, 420, 465, 467, 468, 477-ए, 120-बी- आईपीसी और 13(1) ए, 13(2) भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत थाना विजीलैंस ब्यूरो, रेंज जालंधर में दर्ज़ किया गया है। इनमें से तीन दोषी प्रेम सिंह, भूपिन्दर सिंह और हरजीत सिंह को आज गिरफ़्तार कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि कजलर बहु उद्देश्यीय को-आपरेटिव सोसायटी गांव कजला में करीब 1220 खाता धारक/ मेंबर हैं, उक्त सभा के पास 02 ट्रैक्टर बड़ी मात्रा कृषि योग्य ज़मीन से सम्बन्धित कृषि के यंत्र हैं। इसके इलावा उक्त सोसायटी की तरफ से खादें और कीटनाशक दवाएं आदि भी किसानों को बेची जातीं हैं। उक्त सोसायटी में कुल 02 कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर काम कर रहे हैं और इन कर्मचारियों को उक्त सभा की तरफ से ही वेतन दिया जाता है। गांव के लोगों की तरफ से उक्त सभा में करोड़ों रुपये की एफडीआर करवाई गई हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि विजीलेंस की तकनीकी टीम की तरफ से उक्त सोसायटी की अचानक चैकिंग की गई, और टीम की तरफ से तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक उक्त सभा में साल 2012-13 से लेकर साल 2017-18 तक सभा के सदस्यों की तरफ से लिए कर्ज़े और सदस्यों की अमानतों में 4,24,02,561 रुपए का गबन होना पाया गया। उन्होंने बताया कि इस घोटाले में शामिल अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका को मुकदमे की जांच की जांच जारी है। 

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