स्कूल का तालीबानी फरमान, फीस ना भरने पर बच्चों को बनाया बंधक

जयपुरः राजस्थान के जयपुर के एक स्कूल में बच्चों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। रामबाग के सुबोध स्कूल में बच्चों द्वारा फीस नहीं भरे जाने पर 40 बच्चों को 4 घंटे के लिए लाइब्रेरी में बंद कर दिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही परिजन स्कूल पहुंचे और वहां जमकर हंगामा किया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने एक-एक कर बच्चों को लाइब्रेरी से बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक 8th से 12th के स्टूडेंट्स को फर्स्ट पीरियड खत्म होने के बाद लाइब्रेरी में बुलाया गया था। इसके बाद 40 स्टूडेंट को बेसमेंट की लाइब्रेरी में ही 8th पीरियड तक लगभग 4 घंटे यानि कि सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रखा गया। बच्चों को परिजनों का आरोप है कि इस दौरान स्टूडेंट्स को वॉशरूम तक जाने नहीं दिया गया और ना ही उन्हें कुछ खाने की इजाजत दी गई। वहीं घटना की जानकारी कुछ स्टूडेंट्स ने अपने परिजनों को मोबाइल से दी।

फीस नहीं देने पर स्कूल ने किया परेशान

घटना के बाद बच्चों के परिजनों का कहना था कि कोरोना के बाद बिगड़े हालातों की वजह से वह फीस समय पर जमा नहीं करवा सके थे और स्कूल की तरफ से काफी समय से फीस वसूलने के लिए बच्चों पर दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि पूरे मामले पर स्कूल प्रशासन ने सभी आरोपों को नकारा है और कहा है कि सिर्फ फीस समय पर देने की बात कही गई थी। वहीं इधर कुछ अभिभावकों ने बच्चों के स्टोर रूम में कैद किए जाने के वीडियो और फोटो भी पुलिस को दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर अभिभावक एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनीष विजयवर्गीय का कहना है कि फीस नहीं देने पर बच्चों को लाइब्रेरी में कैद करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने मांग कर कहा कि शिक्षा विभाग को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

अभिभावकों का आरोप- रिजल्ट भी रोका

वहीं अभिभावकों ने आरोप लगाया कि फीस नहीं देने पर स्कूल ने अभी तक बच्चों को रिजल्ट भी नहीं दिया है। कुछ अभिभावकों का कहना है कि बीते 2 सालों की फीस दे दी है और बस पिछले 6 महीनों की बकाया है ऐसे में बच्चों को परेशान किया जा रहा है। वहीं घटना के बाद सुबोध पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल कमलजीत यादव का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद है और झूठे आरोप लगाकर स्कूल प्रबंधन को बदनाम किया जा रहा है। प्रिंसिपल ने कहा कि हमनें फीस को लेकर किसी भी स्टूडेंट्स को बंद नहीं किया है। इधर मामले को लेकर गांधी नगर थाना प्रभारी नेमीचंद ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है और समझाइश कर मामले को शांत करा दिया गया है।

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