मोहाली झूला पंजाब सरकार ने जारी किए निर्देश, बिना इजाजत मेले में झूला लगाने पर दर्ज होगी FIR 

मोहालीः हादसे के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान की सरकार सख्त नजर आ रही है। मोहाली हादसे से सबक लेते हुए माननीय सरकार ने पंजाब में हर जगह लगने वाले मेलों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी तरह के मेले के आयोजन से पहले प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। पालन ​​नहीं करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। जानकारी के मुताबिक सरकार की ओर से पंजाब के सभी जिलों को आदेश दिया गया है कि अगर किसी जिले में मेले में झूले लगे हैं तो मंजूरी के हिसाब से ही नियम होंगे, नहीं तो केस दर्ज किया जाएगा।

इसके अलावा हर जिले में मेले के लिए अलग से कमेटी भी बनाई जाएगी। जिसमें डीसी, एसडीएम और एसएसपी समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह कमेटी जिले में लगने वाले प्रत्येक मेले में सभी मापदंडों की व्यक्तिगत रूप से जांच करेगी। जिले की पुलिस भी मेले पर कड़ी नजर रखेगी और मौके पर गश्त वाहन भी मौजूद रहेंगे, जो समय-समय पर मेले की जांच करेंगे। स्थानीय सिविल सर्जन को भी हर झूले की रिपोर्ट देनी होगी। प्रशासन को मेला स्थल पर लगने वाले सभी झूलों की ऊंचाई व अन्य तकनीकी जानकारी पहले देनी होगी।

मेला शुरू होने से पहले इनकी जांच की जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद ही इनका संचालन शुरू किया जा सकता है। बता दें कि पंजाब में एक साल में 87 से ज्यादा बड़े और 300 छोटे मेलों का आयोजन किया जाता है। आनंदपुर साहिब का होला-मोहल्ला, फतेहगढ़ साहिब का जोड़ मेला, मुक्तसर का माघी मेला, लुधियाना में छप्पार का मेला और अमृतसर में वैसाखी मेला मुख्य रूप से राज्य में आयोजित किया जाता है। इन मेलों से जुड़े जिला अधिकारियों को भी सुझाव देने को कहा गया है, क्योंकि इन मेलों में काफी भीड़ होती है।

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