बंगाणा पशु अस्पताल में जागरूकता शिविर आयोजित, 50 किसानों ने लिया भाग

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राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाएं किसान और अच्छी नस्ल के पशु रखकर करें आर्थिकी मजबूत: डॉ दिनेश 
ऊना/सुशील पंडित : उपमंडल बंगाणा के पशु अस्पताल बंगाणा में एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 50 से अधिक किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया। इस शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को सरकार की विभिन्न योजनाओं और पशु पालन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी देना था। साथ ही, शिविर के दौरान 20 कुत्तों की नसबंदी और अन्य चिकित्सीय प्रक्रियाएं भी की गईं। शिविर में उपस्थित जिला ऊना के सहायक निदेशक दिनेश कुमार ने किसानों को बेहतर नस्ल के पशुओं को पालने और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी एवं योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पशुपालन एक महत्वपूर्ण व्यवसाय है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक है। उन्होंने कहा कि अच्छी नस्ल के पशु पालने से दूध उत्पादन बढ़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। डॉ मनोज ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड, दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना, पशु बीमा योजना और नस्ल सुधार कार्यक्रम जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों को मिल सकता है। इसके अलावा, पशुओं के बेहतर रखरखाव, उनके खान-पान, बीमारियों से बचाव और समय-समय पर टीकाकरण कराने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।उन्होंने बताया कि पशुपालकों को पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने किसानों को संकर नस्ल के मवेशी पालने, कृत्रिम गर्भाधान तकनीक अपनाने और हरा चारा उगाने की सलाह दी।
अच्छी नस्ल के पशु रखने से बढ़ेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: डॉ राजेश कुमार जंगा
उपमंडल बंगाणा के वरिष्ठ पशु चिकित्सक अधिकारी डॉ राजेश कुमार जंगा ने कहा कि पशुपालन को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को दूध उत्पादन बढ़ाने, जैविक खाद बनाने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर देना चाहिए। शिविर के अंत में डॉ. जंगा ने किसानों से आग्रह किया कि वे सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं और अपने पशुओं की देखभाल के लिए नियमित रूप से पशु चिकित्सकों से संपर्क करें। इस शिविर के सफल आयोजन में पशुपालन विभाग, स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग रहा। किसानों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि उन्हें पशुपालन से जुड़ी नवीनतम जानकारियां मिलती रहें। इस मौके पर सहायक निदेशक दिनेश कुमार, डॉ राजेश कुमार जंगा, डॉ निशांत, डॉ शिल्पा, डॉ हरीश, डॉ अमित, डॉ अभिनव राणा, डॉ दीपिका राणा, केशवानंद शर्मा, मुहम्मद इकबाल, भीम सिंह, राज कुमार, डिंपल ठाकुर, सुरेश कुमार, वीरेंद्र ठाकुर, वेद प्रकाश सुरेन्द्र हटली, रीना देवी आदि दर्जनों किसान मौजूद रहे।

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