जालंधरः Rita Bawa Murder Case मामले में हाईकोर्ट ने लगाई पुलिस को फटकार, 3 आरोपियों की सजा बरकरार

जालंधर/वरुणः केमवी कॉलेज की प्रिंसिपल रीता बावा और तीन अन्य की 2008 में हुई हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने में पंजाब पुलिस की नाकामी पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने पंजाब पुलिस को गंभीरता से प्रयास करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आरोपियों को पकड़ने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश तीन आरोपियों रमनदीप उर्फ रमन, मोहम्मद कदुस उर्फ अब्दुल कदुस और मोहम्मद रहमान उर्फ अब्दुल रहमान की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए दिए हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने भुटो यादव को बरी कर दिया है, जिसे ट्रायल कोर्ट ने डकैती के कमीशन में चोरी का सामान खरीदने के आरोप में सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट ने तीन आराेपियों की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई करते हुए हैरानी जताई कि इस हत्याकांड में तीन अन्य आराेपी सचिन यादव, आरोपी राम कुमार उर्फ रामू और आरोपी गणेश स्वर्णकार को एक नवंबर, 2008 को भगोड़ा घोषित किया गया, लेकिन पुलिस अभी तक उनको गिरफ्तार नहीं कर पाई। कोर्ट ने एसएसपी जालंधर को निर्देश दिया है कि वो इन तीन आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर ट्रायल कोर्ट में पेश करे।

हाईकोर्ट के जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस एन एस शेखावत की खंडपीठ ने रमनदीप, मोहम्मद कडुस उर्फ अब्दुल कडुस और अन्य और भुट्टो यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए हैं। 6 जनवरी 2008 को कन्या महाविद्यालय जालंधर के तीन अन्य कर्मचारियों के साथ प्रिंसिपल रीता बावा की हत्या कर दी गई थी। सभी की गर्दन पर तेजधार हथियारों से हमला करके हत्या कर दी गई थी। वह कॉलेज परिसर में अपने सरकारी आवास में अकेली रह रही थी।

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