फिर गरमाया SYL मुद्दा, 2 घंटे चली बैठक के बाद Haryana के CM का आया बड़ा बयान, जाने 

चंडीगढ़ : सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अहम बैठक हुई। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। वहीं बैठक खत्म होने के बाद हरियाणा के सीएम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, यह बैठक बेनतीजा रही, दोनों राज्यों में सहमति नहीं बन सकी। वहीं हरियाणा सीएम अब इस मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के पास जाएंगे। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, आज एसवाईएल के मुद्दे पर दोनों राज्यों की मुख्यमंत्री लेवल की मीटिंग हुई। जिसमें लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा मैंने एसवाईएल मुद्दे पर बहुत होम वर्क किया।

सीनियर पत्रकारों एवं जिन्होंने पंजाब का बंटवारा देखा उनसे सलाह ली। एसवाईएल की शुरआत उस समय हुई जब हरियाणा में देवीलाल की सरकार थी और पंजाब में अकाली दल की और हरियाणा के सर्वे की मंजूरी दे दी जाती है। उसके बाद साल दर साल कई उतार चढ़ाव देखने को मिले इस मसले पर। 2004 में कैप्टन सरकार ने पंजाब टर्मिनल एक्ट को मंजूरी दे दी। राज्यपाल ने उसे पास कर दिया लेकिन केंद्र की यूपीए की सरकार ने इस एक्ट को राष्ट्रपति के पास भेज दिया। पानी के मसले पर जो भी समझौते हुए है उसमें एक क्लोज है कि 25 साल बाद समझौतों को रिव्यू करेंगे लेकिन एसवाईएल में ऐसा कोई क्लोज नही डाला गया। सीएम मान ने कहा हमारे पास 12.24 MAF पानी है जबकि हरियाणा के पास 14.10 MAF पानी है। हरियाणा ने आज कहा कि नहर का निर्माण शुरू करो।

हमने कहा कि हमारे पास पानी नहीं है तो नहर का निर्माण कहा से शुरू करें। सीएम मान ने कहा कि पानी के मसले पर प्रधानमंत्री के पास चलते है, पीएम गंगा या अन्य किसी नदी से हरियाणा के लिए पानी का प्रबंध कर दें। हमारे पास पानी नहीं है हमारी हरियाणा के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा सतलुज एवं ब्यास अब दरिया नहीं रहे नदियां बन गए है। 1981 में हमारा जो समझौता हुआ उस समय हमारे पास 18.56 पानी था अब हमारे पास 12.63 MAF पानी है। 73 फीसदी पानी पंजाब धरती से निकाल रहा है। 27 फीसदी सिर्फ हम नहरी पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएम मान ने 1982 के इंवाइट की तस्वीर भी दिखाई, जिसमे लिखा था कि इंद्रा गांधी कपूरी आ रही है और कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चांदी की कस्सी एवं तसला भेंट करेंगे जिससे वो एसवाईएल को लेकर टक लगाएंगी।

बीबीएमबी के मसले पर हमने कहा कि हमारा बिजली का मेंबर होता है उनका इरिगेशन का। हम क्यो सेंटर को इसका अधिकार दे रहे है वो इस बात से सहमत हुए। हांसी बुटाना पर भी हमने सहमति नहीं दी। सीएम मान ने कहा कि, हमने स्पष्ट कह दिया है कि हम नहर नहीं बना सकते जमीन डी-नोटिफाई भी कर दी है, कई लोगो को जमीन वापिस भी कर दी गई है। हमारे पास पानी नहीं है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री के पास हम भी जाएंगे की हमारे पास पानी नहीं है। पानी की एसेसमेंट को लेकर कोई समझौता आज नहीं हुआ हमारा।

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