अंक गणना: भाजपा की राह आसान नहीं लग रही: पंडित शशिपाल डोगरा

नों दलों के बड़े-बड़े दिग्गजों का हारना तय

ऊना/सुशील पंडित: जाने माने अंक ज्योतिषी व वशिष्ठ ज्योतिष सदन के अध्यक्ष पंडित शशिपाल डोगरा ने हिमाचल प्रदेश में चल रहे सत्ता के महाकुंभ पर विशेष गणना करके दोनों प्रमुख दलों की वस्तुस्थिति प्रस्तुत की है। पंडित डोगरा के मुताबिक इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 15 दिनों के भीतर ही लगने वाले दो ग्रहण (25 अक्टूबर का सूर्य ग्रहण व 8 नवंबर का चंद्र ग्रहण) सत्ता के लिए शुभ संकेत नहीं है। यह विधानसभा चुनाव एक इतिहास बनाएगा। अगले माह 8 दिसंबर को परिणाम आना है जो शनि का अंक है। शनि न्याय और राजनीति का कारक है। कुछ नेताओं के साथ जो अन्याय हुआ है उसके कारण इस चुनाव में दोनों पक्ष के बड़े-बड़े दिग्गजों का हारना भी तय है। ऐसे लोगों को सत्ता सुख देगा जिसकी कल्पना नहीं की होगी। पंडित डोगरा के कहा कि आने वाली 12 नवंबर, 2022 को प्रदेश में 14वीं विधानसभा के लिए मतदान होगा। इसका परिणाम 8 दिसंबर, 2022 को आएगा। इस वक्त प्रदेश में भाजपा सत्तासीन है और कांग्रेस विपक्ष में बैठी है। भाजपा का 1 अंक है, वहीं कांग्रेस का 8 अंक बनता है। यह दोनों ही अंक आपस में शत्रु हैं। वर्ष 2022 के 6 अंक पर होने वाले इन विधानसभा चुनावों में 6 अंक शुक्र जहां भाजपा के 1 अंक सूर्य का शत्रु हैं, वहीं  कांग्रेस के 8 अंक शनि का मित्र अंक है।
जिसके कारण कांग्रेस को इस चुनाव में लाभ मिलता दिख रहा है। विडंबना देखो अंकों की, जो बड़ा मुद्दा कांग्रेस ने उठाया है ओपीएस का उसका अंक (6 + 7 + 1 = 14, =1 + 4 = 5) अंक बनता है, यह बुध का अंक है। जहां बुध – सूर्य के अंक के साथ हमेशा चलता है, वहीं वो 8 अंक का मित्र भी है। भाजपा सरकार डबल इंजन की बात करती है। उस डबल इंजन का अंक (4 + 6 + 3 + 2 + 3 + 5 + 5 + 5 + 7 + 9 + 5 + 5 = 59, =5 + 9 = 14, = 1 + 4 = 5 अंक) बनता है। 14वीं विधानसभा है, उसका भी 1 + 4 = 5 अंक। बार-बार 5 अंक का आना द्विजन्मा योग बनाता है, जोकि शुभ नहीं माना जाता। बुध वाणी को खराब करता है। नेताओं को वाणी पर संयम रखना होगा। इसी माह 12 नवंबर को चुनाव हैं, जिसका अंक 1 + 2 = 3 अंक बनता है। जो गुरु का अंक है। 5 अंक बुध, 3 अंक गुरु का शत्रु अंक है। जिसके कारण जनता सत्ता के खिलाफ मत दे सकती है। परिवर्तन चाह सकती है। अंक गणना भाजपा को सत्ता सुख से वंचित करवा सकती है। भाजपा की राह आसान नहीं लग रही और विपक्ष में बैठी कांग्रेस योजना के साथ चले तो लाभ मिल सकता है। बाकि सर्वज्ञ तो ईश्वर है।

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