जालंधरः NIT में छात्र ने की खुदकुशी, पुलिस को कमरे से मिली डायरी 

जालंधर, (वरुण/हर्ष) : एनआईटी में बीटेक फाइनल ईयर में पढ़ रहे वाराणसी के छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगा लिया। कमरे से एक डायरी मिली है। इसमें लिखा है कि ‘मैं अपनी मजबूरियों के चलते आत्महत्या कर रहा हूं, इसमें किसी का कोई दोष नहीं है।’  छात्र के सुसाइड करने से हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थी सदमे और तनाव में हैं। यूपी के वाराणसी के सीतोपुर की जादू मंडी निवासी पंकज केसरी पुत्र दुर्गा केसरी यहां एनआईटी में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग का कोर्स कर रहा था। सोमवार को उसने हॉस्टल के अपने कमरे में आत्महत्या कर ली।

घटना की सूचना मिलते ही थाना मकसूदां के एसएचओ मंजीत सिंह मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। देर रात छात्र के परिजन भी वाराणसी से पहुंच गए। उन्होंने बेटे का कमरा खुलवाकर देखा। मृतक के पिता दुर्गा केसरी ने कहा कि वह हैरान हैं कि पंकज ने खुदकुशी क्यों कर ली ? उन्होंने बताया कि पंकज काफी हंसमुख था और योगा एक्सपर्ट भी था। कॉलेज प्रंबधकों का कहना है कि पंकज पढ़ाई में अव्वल था। स्वभाव का भी अच्छा था। आर्थिक स्थिति भी अच्छी थी। आत्महत्या का कारण किसी को समझ नहीं आया।

मकसूदां पुलिस ने छात्र के सहपाठियों के बयान भी कमलबद्ध किए हैं, जिसमें उनका कहना है कि पंकज केसरी बिल्कुल ठीक ठाक था। अचानक से क्या हुआ, वह भी अंजान हैं। डीएसपी सुरिंदर धोगड़ी ने बताया कि छात्र की डायरी को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। सामान समेत कमरे को कॉलेज प्रबंधन ने सील कर दिया है। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया है। देर रात मृतक छात्र के परिजन एनआईटी हॉस्टल पहुंचे। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। 

दुर्गा प्रसाद केसरी ने बताया कि उन्हें हॉस्टल की ओर सूचना दी गई थी कि उनके बेटे की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। लेकिन जब वह जालंधर आए तो पता चला बेटे ने आत्महत्या कर ली है। वहीं हॉस्टल की ओर बेटे से मौके बरामद हुआ सुसाइड दिया तो उसे देख पिता ने बताया कि यह मेरे बेटे की लिखाई नहीं है और ना वह ऐसा कोई कदम उठा सकता है। पिता ने बताया कि बेटे को मानसिक परेशानी नहीं थी और ना ही कोई मजबूरी थी जिसके कारण वह आत्महत्या कर सके। पिता ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें शक है कि बेटे ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि किसी ने उसकी हत्या की है।

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