Tuesday, 2 Jun 2026
  • My Feed
  • My Interests
  • My Saves
  • History
  • Blog
Subscribe
Laptop World daily samvad logo
  • Home
  • Opinion

    Punjab News: सीएम मान के नेतृत्व में मंत्रिमंडल ने चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को दी हरी झंडी

    By k.roshan257

    Punjab News: पंजाब के राज्यपाल ने 16वीं पंजाब विधानसभा का 12वां सत्र उठाया

    By k.roshan257

    Punjab News: पंजाब की GST वसूली में 14.59% की बढ़ोतरी, मई में 2400 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व

    By k.roshan257

    Punjab News: एस.सी. कमीशन ने रवनीत सिंह बिट्टू को 4 जून को किया तलब

    By k.roshan257

    Innocent Hearts: इनोसेंट हार्ट्स के विद्यार्थी का जेईई एडवांस्ड- 2026 में शानदार प्रदर्शन

    By k.roshan257

    Jalandhar News: जालंधर में जनगणना ड्यूटी से गैर हाजिर शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

    By k.roshan257
  • Politics

    Haryana News: ‘मेक इन हरियाणा’ नीति लॉन्च, 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हुए समझौते

    By k.roshan257

    Punjab News: पंजाब में दिनदहाड़े सरकारी टीचर की हत्या, तेजधार हथियारों से काटा गला, फैली दहशत

    By k.roshan257

    Jalandhar News: जालंधर कोर्ट कॉप्लैक्स को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    By k.roshan257

    Haryana News: सीएम नायब सिंह सैनी ने हरियाणा पुलिस को सौंपीं 312 नई ERV वाहन

    By k.roshan257

    Navjot Kaur Sidhu: विधानसभा चुनावों को लेकर नवजोत कौर सिद्धू ने किया बड़ा ऐलान

    By k.roshan257

    Gold-Silver Price: महीने के पहले दिन सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, जाने आज के लेटेस्ट रेट्स

    By k.roshan257
  • Health

    Punjab Weather Update: देशभर में बदला मौसम का मिजाज, कई राज्यों में भारी बारिश-तूफान का अलर्ट

    By k.roshan257

    Punjab News: अकाली नेता बिक्रम मजीठिया के घर पहुंची पुलिस, थाने में हंगामे के बाद एक्शन, 12 टीमें छापेमारी में जुटीं

    By k.roshan257

    Punjab News: फैक्ट्री में गैस लीक से मचा हड़कंप, बाप-बेटे की मौत और कई गंभीर घायल

    By k.roshan257

    गोवा में भूमि विवाद पर गरमाई राजनीति, केजरीवाल ने ग्रामीणों के आंदोलन को दिया समर्थन

    By k.roshan257

    Jalandhar News: जालंधर में परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा, एंट्री न मिलने पर अभ्यर्थियों ने किया प्रदर्शन

    By Mahabir

    Punjab News: 12वीं की छात्रा ने किया सुसाइड, मौत से पहले सुनाई आपबीती; VIDEO में स्कूल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

    By Mahabir
  • Pages
    • Blog Index
    • Contact US
    • Search Page
    • 404 Page
    • Travel
    • Technology
    • World
Reading: Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब को सिंधु नदी के जल में से न्यायोचित हिस्सा देने की मांग रखी
Share
  • 🔥
  • पंजाब|ब्रेकिंग न्यूज़
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • देश|ब्रेकिंग न्यूज़
  • एजुकेशन|ब्रेकिंग न्यूज़
  • ब्रेकिंग न्यूज़|हरियाणा
  • ब्रेकिंग न्यूज़|राजनीति
  • ब्रेकिंग न्यूज़|हिमाचल प्रदेश
  • दिल्ली|ब्रेकिंग न्यूज़
  • उत्तराखंड|ब्रेकिंग न्यूज़
  • जम्मू-कश्मीर|ब्रेकिंग न्यूज़
Font ResizerAa
Laptop WorldLaptop World
  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • History
  • Travel
  • Opinion
  • Politics
  • Health
  • Technology
  • World
Search
  • Pages
    • Home
    • Blog Index
    • Contact Us
    • Search Page
    • 404 Page
  • Personalized
    • My Feed
    • My Saves
    • My Interests
    • History
  • Categories
    • Opinion
    • Politics
    • Technology
    • Travel
    • Health
    • World
Have an existing account? Sign In
Follow US
देश|ब्रेकिंग न्यूज़

Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब को सिंधु नदी के जल में से न्यायोचित हिस्सा देने की मांग रखी

Mahabir
Last updated: July 9, 2025 12:00 am
Mahabir
Share
SHARE

डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिर स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सिंधु नदी के पानी में हिस्सा मांगने के साथ-साथ सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल.) नहर के बजाय यमुना सतलुज लिंक (वाई.एस.एल.) नहर का विचार भी प्रस्तुत किया।

Contents
  • सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार
  • शारदा-यमुना लिंक प्रोजेक्ट को प्राथमिकता
  • पंजाब के लिए विचार किया जाए
  • SYL नहर एक ‘भावनात्मक मुद्दा’
  • पंजाब में भूजल पर निर्भरता
  • रावी-ब्यास और सतलुज नदियां
  • सीमा के अनुसार पानी बांटा
  • रावी के पानी के बारे में भी चुप
  • यमुना-सतलुज लिंक नहर का निर्माण

आज यहां श्रम शक्ति भवन में एक बैठक में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एक बूंद भी साझा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने फिर कहा कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार राज्य में पानी की उपलब्धता का पुनर्मूल्यांकन कराने की आवश्यकता है।

यह भी पढ़ें: पंजाब में जालंधर का यह नेता निकला डकैत, पार्टी से निष्कासित

भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने कहा कि राज्य के अधिकांश ब्लॉक पहले ही खतरे की कगार पर पहुंच चुके हैं और राज्य में भूजल की स्थिति गंभीर हालत में है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कई नदी स्रोत सूख चुके हैं, जिसके कारण सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए और पानी की आवश्यकता है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि पंजाब के पास बहुत कम पानी है, जो किसानों को फसल उगाने के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब खुद ऐसी स्थिति का सामना कर रहा हो, तो किसी अन्य राज्य को एक बूंद भी अतिरिक्त देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए और पश्चिमी नदियों से पानी लाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए ताकि पानी की मांग को पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंधु जल संधि को स्थगित करने के अवसर का उचित उपयोग किया जाना चाहिए ताकि राज्य की पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार के हालिया फैसले ने भारत से सटी पश्चिमी नदियों (सिंधु, जेहलम और चिनाब) से पानी का अधिकतम उपयोग करने की बड़ी संभावनाएं पैदा की हैं। इस दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब इस समय भूजल के गिरते स्तर की समस्या से जूझ रहा है, इसलिए राज्य को नदी जल के उपयोग, प्रवाह और वितरण के लिए भविष्य की रणनीतियों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

SYL News Update
SYL News Update

मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी नदियों का पानी प्राथमिकता के आधार पर पंजाब को दिया जाना चाहिए और हिमाचल प्रदेश में मौजूदा भाखड़ा और पौंग बांधों के ऊपर नए जलाशय बांध बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे पश्चिमी नदी जल के भंडारण और नियमन में काफी वृद्धि होगी।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह समय की मांग है कि पंजाब को उचित मुआवजा दिया जाए, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पानी और उपजाऊ भूमि जैसे अनमोल प्राकृतिक संसाधनों को भी दांव पर लगा दिया।

शारदा-यमुना लिंक प्रोजेक्ट को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से चल रहे शारदा-यमुना लिंक प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाना चाहिए और अतिरिक्त पानी को उचित स्थान पर यमुना नदी में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे उपलब्ध अतिरिक्त पानी हरियाणा की रावी-ब्यास व्यवस्था से पानी के संतुलन की जरूरत को पूरा कर सकता है, साथ ही दिल्ली की लगातार बढ़ती पेयजल जरूरत और राजस्थान को यमुना के पानी की उपलब्धता को पूरा कर सकता है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि उपरोक्त परिस्थितियों के अनुसार एस.वाई.एल नहर के निर्माण के मुद्दे को टाला जा सकता है और इसे हमेशा के लिए त्याग दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की मांगों को पूरा करने के लिए शारदा-यमुना लिंक का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि शारदा के अतिरिक्त पानी को यमुना नदी में स्थानांतरित किया जा सके और चिनाब के पानी को रोहतांग सुरंग के माध्यम से ब्यास नदी में मोड़ा जा सके, ताकि एस.वाई.एल नहर की आवश्यकता को समाप्त किया जा सके।

पंजाब के लिए विचार किया जाए

उन्होंने कहा कि एस.वाई.एल मामले (ओ.एस नंबर-6 ऑफ 1996) के संबंध में कार्यवाही को तब तक स्थगित रखा जा सकता है जब तक रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल का फैसला नहीं आ जाता। भगवंत सिंह मान ने कहा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान के बीच यमुना के पानी के वितरण के 12 मई, 1994 के समझौते की समीक्षा 2025 के बाद की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने मांग की कि पंजाब को यमुना के पानी के वितरण में हिस्सेदार राज्य के रूप में शामिल किया जाए और यमुना के पानी का वितरण करते समय शारदा-यमुना के 60 प्रतिशत पानी को पंजाब के लिए विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि सतलुज यमुना लिंक (एस.वाई.एल) नहर के बजाय इस प्रोजेक्ट को अब यमुना सतलुज लिंक (वाई.एस.एल) के रूप में पुनर्विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि सतलुज नदी पहले ही सूख चुकी है और इसमें से एक बूंद भी पानी साझा करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

SYL नहर एक ‘भावनात्मक मुद्दा’

भगवंत सिंह मान ने कहा कि गंगा और यमुना का पानी सतलुज नदी के माध्यम से पंजाब को आपूर्ति किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एस.वाई.एल नहर एक ‘भावनात्मक मुद्दा’ है। पंजाब की कानून व्यवस्था के लिए यह गंभीर मुद्दा होगा और यह राष्ट्रीय समस्या बन जाएगा, जिसका खामियाजा हरियाणा और राजस्थान को भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि एस.वाई.एल नहर के लिए आज तक जमीन भी उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने कहा कि तीन नदियों के 34.34 एमएएफ पानी में से पंजाब को केवल 14.22 एमएएफ पानी आवंटित किया गया था, जो 40 प्रतिशत है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाकी 60 प्रतिशत हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान को आवंटित किया गया था, हालांकि इनमें से कोई भी नदी वास्तव में इन राज्यों से होकर नहीं बहती।

पंजाब में भूजल पर निर्भरता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को पहले ही पंजाब की रावी, ब्यास और सतलुज नदियों से कुल 5.95 एमएएफ (रावी-ब्यास से 1.62 एमएएफ और सतलुज से 4.33 एमएएफ) पानी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि रावी, ब्यास और सतलुज के अलावा हरियाणा को यमुना से 4.65 एमएएफ और शारदा यमुना लिंक के माध्यम से शारदा से 1.62 एमएएफ पानी मिल रहा है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि नहरी पानी की कमी के कारण पंजाब में भूजल पर निर्भरता बढ़ी है, जिसके कारण पंजाब के कुल 153 में से 115 जोन (75 प्रतिशत) को अत्यधिक पानी निकालने वाला घोषित किया गया है, जबकि हरियाणा के केवल 61 प्रतिशत (143 में से 88) जोन में ही अत्यधिक पानी निकाला जा रहा है।

रावी-ब्यास और सतलुज नदियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में ट्यूबवेलों की संख्या 1980 के छह लाख से बढ़कर 2018 में 14.76 लाख (केवल कृषि ट्यूबवेल) हो गई और पिछले 35 वर्षों में इसमें 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में देश की तुलना में 157 प्रतिशत अधिक पानी भूजल से निकाला जाता है, जो राजस्थान (150 प्रतिशत) से भी अधिक है।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने अपनी जरूरतों को भी नजरअंदाज किया और 60 प्रतिशत पानी गैर-रिपेरियन राज्यों को दे दिया, जहां से रावी-ब्यास और सतलुज नदियां गुजरती भी नहीं हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने 2024 के दौरान देश के अनाज भंडार में 124.26 लाख मीट्रिक टन का योगदान दिया, जो भारत भर में 47 प्रतिशत है, जबकि पंजाब केंद्रीय पूल में 24 प्रतिशत चावल भी देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की पानी की कुल आवश्यकता 52 एमएएफ है और राज्य को सभी स्रोतों से केवल 26.75 एमएएफ पानी मिलता है, जिसमें 12.46 एमएएफ नहरी पानी और 14.29 एमएएफ भूजल है। उन्होंने कहा कि पंजाब की नदियों का पानी पड़ोसी राज्यों के साथ बांटा गया है, जबकि बाढ़ के समय नुकसान केवल पंजाब में होता है, जिससे हर साल पंजाब पर भारी वित्तीय बोझ पड़ता है।

सीमा के अनुसार पानी बांटा

भगवंत सिंह मान ने कहा कि जब पड़ोसी राज्यों के साथ तय सीमा के अनुसार पानी बांटा जाता है, तो बाढ़ के कारण होने वाली तबाही के लिए भी पड़ोसी राज्यों को सालाना आधार पर पंजाब को उचित मुआवजा देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समझौतों और ट्रिब्यूनलों के फैसलों की बदलते हालात और पर्यावरणीय बदलावों के संदर्भ में समीक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मानक भी हर 25 साल बाद समीक्षा के लिए बाध्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि जैसे हरियाणा रावी-ब्यास के पानी पर अपना हक समझता है, वैसे ही पंजाब यमुना के पानी पर अपना हक समझता है, क्योंकि भारत सरकार के सिंचाई आयोग की 1972 की रिपोर्ट में पंजाब को यमुना नदी का रिपेरियन राज्य बताया गया है। भगवंत सिंह मान ने अफसोस जताया कि भारत सरकार का तर्क है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम-1966 यमुना नदी के बारे में चुप है, क्योंकि इन पानी को पंजाब और हरियाणा के बीच बांटने योग्य नहीं माना गया।

रावी के पानी के बारे में भी चुप

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह यह अधिनियम रावी के पानी के बारे में भी चुप है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने पहले ही रावी-ब्यास के अतिरिक्त पानी के संबंध में 1981 में बने समझौते को रद्द कर ‘पंजाब समझौता रद्द अधिनियम, 2004’ के तहत निरस्त कर चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य ने ‘पंजाब समझौता रद्द अधिनियम, 2004’ की धारा-5 के तहत रावी-ब्यास के पानी के हरियाणा द्वारा उपयोग को बरकरार किया। भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब से पाकिस्तान की ओर कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा और पाकिस्तान में जो पानी पहुंच रहा है, वह जम्मू-कश्मीर से निकलने और बहने वाली उज्ज नदी के माध्यम से पहुंचता है।

यमुना-सतलुज लिंक नहर का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी कारणों की रोशनी में यह जरूरी है कि यमुना-सतलुज लिंक नहर का निर्माण किया जाए ताकि पंजाब की पानी की जरूरत पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि हरियाणा के पास अतिरिक्त पानी है, क्योंकि हरियाणा को घग्गर, टांगरी नदी, मारकंडा नदी, सरस्वती नदी, चौतांग-राकशी, नई नाला, साहबी नदी, कृष्णा धौन और लंडोहा नाला से 2.703 एमएएफ पानी मिल रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्यों के बीच पानी के वितरण का फैसला करते समय इस पानी को ध्यान में नहीं रखा गया।

Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram
Previous Article Jalandhar News: जालंधर सैंट्रल के MLA रमन अरोड़ा और 3 अन्य आरोपियों की जमानत को लेकर आई ये खबर
Next Article Punjab News: हैल्थ डिपार्टमेंट की बड़ी कार्रवाई, सोया चाप की फैक्ट्री सील किया, 125 किलो पनीर भी जब्त
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
- Advertisement -
Ad image

You Might Also Like

देश|ब्रेकिंग न्यूज़

Weather News: भीषण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, कई राज्यों में 47 से अधिक लोगों की मौत

By Mahabir
देश|ब्रेकिंग न्यूज़

Australia: ऑस्ट्रेलिया का वर्क एंड हॉलिडे वीजा, महज 1500 में रजिस्ट्रेशन, 1 साल घूमने-काम करने की आजादी, 4 जून से शुरू होंगे आवेदन

By Mahabir
देश|ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: सरकार की बड़ी कार्रवाई, दो IAS अधिकारियों को किया सस्पेंड, जाने क्या है मामला

By Mahabir
देश|ब्रेकिंग न्यूज़

Toxic Liquor: जहरीली शराब ने ली 15 लोगों की जान, कई की हालत गंभीर, मचा हड़कंप

By Mahabir
Laptop World daily samvad logo
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

डेली संवाद (Daily Samvad) एक विश्वसनीय हिंदी समाचार पोर्टल है, जो पंजाब, देश-विदेश, राजनीति, सरकारी योजनाओं, शिक्षा, रोजगार और जनहित से जुड़ी खबरें पाठकों तक पहुंचाता है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और त्वरित समाचार प्रदान करना है।

Top Categories
  • World
  • Opinion
  • Politics
  • Tech
  • Health
  • Travel
Usefull Links
  • Contact Us
  • Advertise with US
  • Complaint
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Submit a Tip

© Daily Samvad. All Rights Reserved. Developed by iTree Network Solutions.