जालंधरः लाडोवाली रोड पर बन रही बांसल की अवैध बिल्डिंग में निगम की जमकर हो रही बदनामी

नवंबर में डिच चला कर तोड़ी थी सीढ़ियां अब उन्ही सीढ़ियों के रास्ते दूसरी मंजिल पर ड़ाला लैंटर…

सीवीओ के पास पहुंचा मामला…

जालंधर, अनिल वर्माः नगर निगम के बिल्डिंग विभाग के तेजतर्रार माने जाते एटीपी सुखदेव वशिष्ट सहित निगम के आलाधिकारियों द्वारा अवैध बिल्डिंगों में पक्षपात करने के मामले में अब शहर में जमकर बदनामी हो रही है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि सभी कारवाई एंटी आम आदमी पार्टी के सर्मथकों पर ही की गई इनमें से जिन लोगों ने आम आदमी पार्टी की शरण ली उसे बदले में अवैध निर्माण करने की शह दी गई। एनकांऊटर न्यूज की पड़ताल में ऐसे कई केस सामने आए हैं जिनमें एटीपी सुखदेव वशिष्ट की भूमिका भी संदेह के घेरे में साफ नजर आ रही है।

पहला मामला लाडोवाली रोड फाटक के नजदीक कार्नर में बन रही पूर्व कांग्रेसी विधायक बेरी के समर्थक बांसल नामक व्यक्ति की तीन मंजिला बिल्डिंग का है जिसका निर्माण पूर्व एटीपी राजिंदर शर्मा के कार्यकाल दौरान बिना नक्शा पास करवाए शुरु हुआ था मगर निर्माण दौरान ही सूबे में सत्ता परिवर्तन हो गया तब आनन फानन में इस अवैध बिल्डिंग का राजीनामा कर दिया गया मगर इस राजीनामे में मौके पर बनी बेसमैंट का जिक्र नहीं किया गया और यह राजीनामा सिर्फ ग्रांऊड फ्लोर और पहली मंजिल का ही था मगर इस राजीनामे के बाद यहां दूसरी मंजिल पर भी लैंटर की शटरिंग कर ली गई और सीढ़ियों को गल्त दिशा में बना दिया गया। एटीपी ने 1 नवंबर 2022 को यहां डिच चला कर सीढ़ियों को तोड़ दिया था उस दौरान इस बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर लैंटर नहीं डाला गया था।

एनकांऊटर न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि अब इस बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर भी लैंटर डाल लिया गया और सीढ़ियों को दोबारा उसी जगह पर बना दिया गया मगर इस बिल्डिंग का निगम की ओर से न तो नया नक्शा पास किया गया और न ही राजीनामा किया गया। इस मामले में निगम के आलाधिकारियों सहित एटीपी सुखदेव वशिष्ट की जमकर बदनामी हो रही है। जनहित सोसायटी की ओर से इस मामले में कई दस्तावेज तथा तस्वीरें सीवीओ राजीव सेखड़ी को भेजी हैं जिनमें दो एटीपी सहित कमिशनर की लापवरवाही का भी जिक्र किया गया है। माना जा रहा है इस मामले में मिलीभगत कर सरकार को चूना लगाने वाले अधिकारियों सहित अवैध बिल्डिंग पर कानूनी कारवाई हो सकती है। इस मामले में एटीपी सुखदेव वशिष्ट का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया मगर उन्होने कहा कि वह अदालत में है अभी बात नहीं कर सकते।

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