जालंधरः लोकसभा उपचुनाव को लेकर गरमाई सियासत, क्रिश्चियन समुदाय भी कर सकता नई पार्टी का ऐलान

जालंधर/वरुणः लोकसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पार्टियां में सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने भले ही अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है। लेकिन सू्त्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी टिकट पर संशय बना हुआ है। वहीं अन्य पार्टियों की बात करें तो अभी किसी ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। लोकसभा उपचुनाव को लेकर जहां पार्टियां अपने उम्मीदवार का ऐलान करने में सोच-विचार कर  रही है, वहीं एक अन्य पार्टी भी इस चुनाव से पहले मैदान पर उतरने की तैयारी में है। जालंधर में चुनाव से पहले कांग्रेस, भाजपा, अकाली और आप पार्टी के बाद अब क्रिश्चियन भाईचारा राजनीति में उतर रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक क्रिश्चियन भाईचारा आज अपनी नई पार्टी बनाकर एंट्री करने जा रहा है। बताया जा रहा है कि कपूरथला के तहत आती खोजेवाल चर्च के प्रोफेट (भविष्य वक्ता) हरप्रीत दिओल अपनी नई पार्टी का ऐलान कर सकते हैं। हरप्रीत दिओल वही हैं जिनके घर और ठिकानों पर पिछले दिनों इनकम टैक्स ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। प्रोफेट पर आरोप लगे थे कि वह विदेश में कोई चर्च बना रहे हैं भारतीय पैसे को वहां पर इन्वेस्ट कर रहे हैं। विदेश में भारतीय पैसे की ट्रांजैक्शन को लेकर आयकर विभाग ने छापामारी की थी। जालंधर लोकसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे पंजाब में अनुसूचित जाति का वोट बैंक सबसे ज्यादा है। पंजाब में कुल जनसंख्या का करीब 32 प्रतिशत हिस्सा SC समाज का है।

पंजाब में अनुसूचित जाति की आबादी में 60 फीसदी मजहबी सिख हैं और 40 फीसदी हिंदू हैं। इनमें से ही अधिकतर क्रिश्चियन बन चुके हैं। यदि यह समुदाय एक तरफ चल पड़ा तो राजनीतिक दलों खेल बिगाड़ सकता है। जालंधर लोकसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति बहुल होने के कारण ही आरक्षित भी है। यदि यहां से क्रिश्चियन समुदाय ने थोड़ी-बहुत भी हलचल की तो राजनीतिक दलों के समीकरण बिगड़ जाएंगे। जालंधर में बहुत से सारे एससी समुदाय से जुड़े लोग अपना धर्म परिवर्तन कर क्रिश्चियन बन चुके हैं।

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