Jalandhar: Lally Infosys की बिल्डिंग सील, सही तथ्य छुपाकर गलत राजीनामा करने वाले पूर्व ATP पर लटकी तलवार..!

जालंधर, अनिल वर्मा/वरुण अग्रवालः बीएमसी चौंक स्थित लाली इंफोसिस की बिल्डिंग को आज दोपहर बिल्डिंग विभाग ने सील कर दिया। यह कारवाई नगर निगम कमिशनर के आदेशों के बाद बिल्डिंग विभाग के एमटीपी नरिंदर शर्मा, एटीपी पूजा मान, एटीपी सुखदेव वशिष्ट, ड्राफ्ट्समैन सतीश मल्होत्रा ने यह कार्रवाई की। इस इमारत का नगर निगम की ओर से कंपाऊडिंग नक्शा पास था, मगर मौके पर निर्माण कारोबारी कर लिया गया था। जिसका दोबारा राजीनामा नहीं किया जा सकता था। बिल्डिंग विभाग की ओर से इस मामले में लाली इंफोसिस के मालिकों को लंबे समय से नोटिस भेजे जा रहे थे, मगर इन नोटिसों का न तो कोई ज्वाब भेजा और न ही इमारत को नक्शे के अनुसार ठीक किया। मिली जानकारी अनुसार इस इमारत फ्रंट में 8 फुट की डैवलिंग छोड़ी गई थी जिसे पब्लिक स्ट्रीट की तरह इस्तेमाल किया जाना था।

इसी तरह बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों का नक्शे अनुसार रिहायशी इस्तेमाल करना था। मगर मौके पर पूरी बिल्डिंग में एजुकेशन इंस्टीट्यूट चलाया जा रहा था। बिल्डिंग बाईलाज के माहिरों के अनुसार यह बिल्डंग नगर निगम के स्कीम एरिया बद्रीनाथ कालोनी के आधीन है प्राप्टी मालिक ने पूर्व एटीपी रजिंदर शर्मा सहित बिल्डिंग विभाग के पूर्व अधिकारियों की मिलीभगत से यहां पुरानी बिल्डिंग की रिपेयर करने की परमिशन ली। मगर रिपेयर की आढ़ में पुरानी इमारत को जमीन तक गिरा दिया और नए सिरे से पूरा निर्माण शुरु कर दिया गया। इस मामले में कई शिकायतें निगम के पास पहुंची मगर एटीपी रजिंदर शर्मा ने कोई एक्शन नहीं लिया मगर अपनी स्किन सेव करने के लिए इस इमारत को एससीएफ कैटागरी में कंपाऊंड कर दिया। जोकि मौके पर बने स्ट्रक्टर के साथ मेल नहीं खाती इस राजीनामे की रिपोर्ट ड्राफ्ट्समैन ने की थी मगर रिपोर्ट में ऊपरी मंजिलों पर नक्शे के विपरीत हुए निर्माण का जिक्र नहीं किया गया।

ऊपरी मंजिलों पर राजीनामे में दर्शाए गए नक्शे में किचन, स्टोर रूम, बैडरूम है मगर मौके पर क्लास रूम बनाए गए हैं। बिल्डिंग बाईलाज अनुसार कारोबारी, रिहायशी, एजुकेशन, एससीएफ कैटागरी के अलग अलग मापदंड और फीस है। इस राजीनामे में बिल्डिंग को एससीएफ कैटागरी में मंजूर किया गया मगर मौके पर इमारत को एजुकेशन पर्पस के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। जिसकी फीस एससीएफ से अलग है इस कैटागरी में फ्रंट एरिया में पार्किंग छोड़ने का भी प्रार्वधान है। इस मामले की लंबी चौड़ी शिकायतें सीएम आफिस तक  पहुंची थी जिसमें पूर्व एटीपी रजिंदर शर्मा द्वारा किए गए राजीनामे को भी गलत बताया गया था आरोप लगाए गए कि बिल्डिंग के मौजूदा स्ट्रक्चर की गल्त रिपोर्ट करके राजीनामा कर प्राप्टी मालिक को फायदा पहुंचाया गया जिसमें पंजाब सरकार के राजस्व का बड़े स्तर पर नुक्सान  हुआ। बिल्डिंग विभाग ने उक्त राजीनामे को रिजैक्ट कर इमारत को सील कर दिया है और गल्त राजीनामा करने वाले पूर्व एटीपी पर अब विभागिय कारवाई की तलवार लटक गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में सरकार कोई बड़ी कारवाई कर सकती है।

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