पंजाबः अमृतपाल सिंह के नशामुक्ति केंद्र को लेकर डॉक्टर ने किए चौकाने वाले खुलासे!

अमृतसर: वारिस पंजाब संगठन के मुखिया अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। वहीं अब अमृतपाल द्वारा पंजाब के युवाओं को नशे से दूर करने के लिए स्थापित केंद्र पर बड़े सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। दरअसल, उक्त नशा केंद्र के डॉ़क्टर ने एक मीडिया चैनल के सामने नशा केंद्र को लेकर बड़े खुलासे किए है। उक्त डॉक्टर ने बिना अपना नाम बताए बताया कि खालसा वहीर के दौरान उसकी मुलाकात अमृतपाल सिंह से हुई थी। जब उसने अमृतपाल सिंह को बताया कि वह गांव में मेडिकल स्टोर चलाता है तो उसे गांव जालूपुर में नशा छुड़ाने के लिए लाए जा रहे युवकों को दवा देने की जिम्मेदारी दी गई ।

हालांकि, उक्त युवक का दावा है कि उसने अमृतपाल और उसके साथियों से कहा था कि वह नशामुक्ति केंद्र में दी जाने वाली दवाएं नहीं दे सकता, क्योंकि केवल एक डॉक्टर ही इन दवाओं को दे सकता है। युवक के मुताबिक उसने डी-फार्मेसी की है और गांव में वह प्रैक्टिस भी करता है। उन्हें गांव जल्लुपुर के नशामुक्ति केंद्र में आने वाले युवाओं के लिए दवा की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई थी। युवक को दवाई के बदले में उसके बनते पैसे भी दिए जाते थे। युवक का कहना है कि वह केवल बुखार, खांसी, जुकाम या सिरदर्द जैसी सामान्य समस्याओं की ही दवा देता रहा है। इसके मुताबिक वहां पर ऐसा कोई प्रंबंध नहीं था जोकि एक नशामुक्ति केंद्र में होना चाहिए। वहां पर जितनी बड़ी संख्या में युवा नशा छुड़वाने के लिए आते थे, उतनी ही संख्या वापस चले जाते थे।

क्योंकि वहां पर न तो कोई नशा छुड़वाने के लिए किसी कौंसलर का प्रबंध था और न ही नशा छुड़ाने के लिए योग्य चिकित्सक का प्रबंध था। युवक ने बताया कि इतना जरूर है कि कुछ नौजवान गुरु से लढ़ लगकर नशे से तौबा कर चुके हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। फिलहाल पुलिस इस नशामुक्ति केंद्र की भी जांच कर रही है। क्योंकि अमृतपाल अक्सर अपने भाषणों और बयानों में दावा करता रहा है कि उसने युवाओं को नशे से दूर करने के लिए अभियान चलाया है, जिसके कारण सभी राजनीतिक दल उसके खिलाफ हैं। अब जांच में साफ होगा कि आखिरकार नशे की लत को लेकर अमृतपाल के दावे कितने सच थे।

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