जालंधरः बिक्रम मजीठिया ने आप विधायक के बेटे की पुलिस में भर्ती को लेकर लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

जालंधर, वरुण/हर्षः लोकसभा उपचुनाव दौरान करतापुर से आप विधायक बलकार सिंह और शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम मजीठिया के बीच जंग तेज हो गई है। बीते दिन आप विधायक ने मजीठिया को खुला चैलेंज किया था। जिसके बाद आज मजीठिया ने जालंधर में प्रेस वार्ता के दौरान एक बार फिर से आप विधायक पर पलटवार किया है। इस दौरान मजीठिया ने आप विधायक पर आरोप लगाया कि बलकार ने अपने बेटे को नौकरी दिलाने के लिए फर्जीवाड़ा किया है। मजीठिया ने आरोप लगाया कि विधायक बलकार सिंह ने अपने बेटे को पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती करवाने के लिए अपना 50 प्रतिशत डिसेबल का सर्टिफिकेट बनाया। इसके बाद कोर्ट में पिटीशन देकर सारे प्रोसेस को स्टे करवा दिया। जिससे सभी लोग परेशान हैं। आरोप लगाया कि 2021 में कांग्रेस शासन में यह पद निकले थे, लेकिन आप सरकार में बलकार के लिए नियम बदले।

मजीठिया ने विधायक बलकार सिंह को जारी सर्टिफिकेट के मामले में डीजीपी गौरव यादव पर भी सवाल खड़े किए हैं। मजीठिया ने कहा कि यह सर्टिफिकेट गौरव यादव ने जारी किया है। उन्होंने कहा कि क्या यह रिकमेंडेशन मेडिकल बोर्ड ने दी होगी? सर्टिफिकेट जारी करने वाले ने भी तो देखा होगा कि उसके सामने खड़ा व्यक्ति 50 प्रतिशत डिसेबल है या नहीं और सर्टिफिकेट में यह भी लिखा है कि बलकार सिंह की रिक्वेस्ट पर जारी किया गया है। उन्होंने सवाल उठाए कि बलकार सिंह कहां से लगता है कि 50 प्रतिशत डिसेबल (दिव्यांग) हैं। मजीठिया ने कहा कि 50 प्रतिशत डिसेबल का मतलब होता है कि आधे शरीर का काम न करना। 50 प्रतिशत में शरीर का एक पूरा हिस्सा आता है जिसमें एक टांग-बाजू और आंख भी हो सकती है और शरीर का ऊपरी या निचला हिस्सा भी हो सकता है।

उन्होंने राघव चड्ढा के साथ फोटो दिखाते हुए कहा कि यह कहां से डिसेबल है? मजीठिया ने कहा ने कहा कांग्रेस शासन में सब इंस्पेक्टर की भर्ती निकली थी, लेकिन उस समय भर्ती हो नहीं सकी थी। सत्ता बदलते ही आप की सरकार आ गई। सरकार ने कहा सभी कैंडिडेट ऑनलाइन प्रोफार्मा भरें, लेकिन पहले भरा है उसमें जो कैटेगरी भरी है उसमें कोई हेरफेर नहीं होगा। आरोप लगाया कि बलकार ने अपने एक्साइज टेस्ट और नायब तहसीलदार के टेस्ट में फेल बेटे को पुलिस विभाग में एडजस्ट करवाने के लिए अपना फर्जी सर्टिफिकेट बनाया। बलकार ने यह पुलिस का कोटा लेने के लिए किया। सरकार अपने विधायक के लिए रुल तोड़े और नई कैटेगरी उसमें शामिल की। इसके बाद कोर्ट से स्टे लिया 560 युवाओं के रोजगार पर ब्रेक लगा दी।

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