बड़ी खबरः विजिलेंस सचिव के दफ्तर से फाइलें गायब, अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज

नई दिल्लीः मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण में हुए घोटाले, शराब घोटाले समेत कई संवेदनशील मामलों की जांच से संबंधित फाइलें गायब होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। विशेष सचिव (सतर्कता) वाईवीवीजे राजशेखर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। बीते दिनों सतर्कता विभाग के विशेष सचिव वीवी राजशेखर ने अपने दफ्तर के अंदर से फाइलें चोरी होने का आरोप लगाया था। राजशेखर ने कई फाइलों को नष्ट करने की आशंका भी जताई थी। इसे लेकर विजिलेंस सचिव ने उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट भी सौंपी थी। इस मामले में अब अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

दिल्ली पुलिस, उपराज्यपाल और गृह मंत्रालय को भेजी गई अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि 15-16 मई की रात दस्तावेज चोरी करने के इरादे से उनका कमरा खोला गया था। कमरे से मुख्यमंत्री आवास के रेनोवेशन में हुई गड़बड़ियों सहित 67 संवेदनशील दस्तावेज गायब थे। राजशेखर ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया था कि कई फाइलों की फोटोकॉपी भी कराई गई है। इससे गोपनीयता का उल्लंघन हुआ है और सुबूतों से छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने आशंका जताई थी कि उनके कमरे में जासूसी उपकरण लगाए हैं। कमरे से जो फाइलें गायब हुई हैं, उनमें शराब घोटाले से जुड़ी फाइल भी है। सीएम आवास के रेनोवेशन से जुड़ी फाइल और मुख्यमंत्री आवास का निरीक्षण कर चुके लोगों की तस्वीरें शामिल हैं। गायब हुई कुछ फाइलें विभिन्न अदालतों में चल रहे मामलों से संबंधित हैं। वह नहीं मिली तो मुकदमा प्रभावित होगा।

दरअसल, पिछले माह दिल्ली में सेवा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिल्ली सरकार के पक्ष में आया था। इसके बाद दिल्ली सरकार के सतर्कता मंत्री सौरभ भारद्वाज ने राजशेखर के खिलाफ जबरन वसूली रैकेट चलाने और प्रोटेक्शन मनी मांगने का आरोप लगाते हुए उनसे कामकाज वापस ले लिया था। बाद में एलजी ने उन्हें फिर से बहाल कर दिया था। राजशेखर अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास के जीर्णोद्धार में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर रहे थे। उन्होंने जांच रिपोर्ट एलजी को सौंप दी है। वह दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश के खिलाफ भी जांच कर रहे हैं। उदित प्रकाश पर आरोप है कि उन्होंने जल बोर्ड कार्यालय परिसर में स्थित ऐतिहासिक धरोहर को तोड़कर अपने लिए बंगला बनवाया था।

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