देश की पहली पॉड टैक्सी इस शहर में चलेगी, जानें रुट और अन्य डिटेल्स 

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश प्रशासन ने नोएडा में पॉड टैक्सी को मंज़ूरी दे दी है। नई फिल्म सिटी से जेवर एयरपोर्ट के बीच यह पॉड टैक्सी चलाई जाएगी। पॉड टैक्सी का यह कॉरिडोर अलग-अलग सेक्टर्स को भी जोड़ेगा। 14.6 किलोमीटर के इस कॉरिडोर की डीपीआर तैयार हो गई है। इस परियोजना पर 641.53 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डबल ट्रैक वाली पॉड टैक्सी के कॉरिडोर को पूरा करने में एक वर्ष का समय लगेगा। अगले हफ्ते इसके लिए कंपनी का चयन किया जाएगा। प्राधिकरण ने परियोजना लाने के लिए लंदन व अबुधाबी मॉडल का अध्य्यन कराया है। इस परियोजना को मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा. इस पॉड टैक्सी को लेकर अगले हफ़्ते ग्लोबल टेंडर जारी किए जाएंगे। बता दें, एक पॉड टैक्सी में 12 यात्री सवार हो सकेंगे।

रूट पर होंगे 12 स्टेशन

देश की पहली पॉड टैक्सी नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच चलेगी। इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कार्पोरेशन लिमिटेड ने नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक 14 किमी के बीच पॉड टैक्सी चलाने का प्लान किया है। इस रूट पर बारह स्टेशन होंगे। ड्राइवरलेस पॉड टैक्सी के लिए फाइनल डीपीआर यमुना अथॉरिटी में पेश कर दिया गया है। यमुना एक्स्प्रेसवे अथॉरिटी के सीईओ डॉक्टर अरुण वीर सिंह ने बताया कि इस डीपीआर को अब यीडा बोर्ड (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के समाने रखा गया है जिसके बाद प्रस्ताव मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया था। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

इस वजह से उठाया गया कदम

जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में यह कदम बढ़ाया गया है। यमुना प्राधिकरण ने जेवर एयरपोर्ट और फिल्म सिटी के बीच पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (पीआरटी) चलाने की योजना बनाई है। पॉड टैक्सी की डीपीआर बनाने के लिए इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉरपोरेशन लिमिटेड कंपनी का चयन किया गया है।

इन सेक्टरों में भी बनेगा ट्रैक

यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फिल्म सिटी की दूरी करीब 5.5 किलोमीटर है। इसकी उपयोगिता बढ़ाने के लिए यीडा के सेक्टरों में भी इसका ट्रैक ले जाने का सुझाव डीपीआर में दिया गया है। यीडा के सेक्टर 21,28,29,32 व 33 होते हुए नोएडा एयरपोर्ट से फिल्म सिटी के बीच यह पॉड टैक्सी चलेगी। यीडा के सीईओ डॉ अरुण वीर सिंह ने बताया कि भारत सरकार की संस्था इंडियन पोर्ट रेल एंड रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने जो फाइनल डीपीआर दिया है। उसके हिसाब से इसको विकसित करने के लिए पीपीपी मॉडल पर तीन सुझाव दिए गए। इन सुझावों पर बोर्ड की बैठक में चर्चा के बाद प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया था। प्रदेश सरकार से मंजूरी लेकर ग्लोबल टेंडर के जरिए इसको विकसित करने के लिए कंपनी का चयन किया जा रहा है।

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