किसानों ने फिर नेशनल हाईवे किया जाम, माहौल तनावपूर्ण, देखें वीडियो

कुरूक्षेत्रः एमएसपी पर सूरजमुखी खरीद की मांग को लेकर किसानों की पिपली अनाजमंडी में एमएसपी दिलाओ किसान बचाओ महारैली हुई। किसानों की रैली को देखते हुए सरकार ने किसान नेताओं से एक घंटे का समय मांगा था, लेकिन कोई बात सिरे नहीं चढ़ पाई। जिसके बाद किसानों ने एक बार फिर से दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे जाम कर दिया है। माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिहं भोरिया ने किसानों को अपील की है कि कानून व्यवस्था बनाए रखें। आम जन को किसी भी प्रकार से परेशानी का सामना न करना पड़े। कानून व्यवस्था बनाने में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा सवाल सिर्फ एक फसल पर एमएसपी का नहीं है। सरकार रेट घोषित करती हैं लेकिन उस पर खरीद नहीं करती। एमएसपी गारंटी कानून होना चाहिए। वहीं, कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को जल्द रिहा करे। जो भी यहां कमेटी फैसला लेगी, संयुक्त किसान मोर्चा उनका साथ देगा।

वहीं पहलवान बजरंग पूनिया भी किसानों के समर्थ में कुरुक्षेत्र रैली में पहुंचे है। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों को सड़कों पर देखकर दर्द होता है, लेकिन सरकार को किसान और पहलवानों की चिंता नहीं है। कहा कि यूपी में तो बीजेपी नेता द्वारा किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी गई थी, जो आज तक नहीं कहीं नहीं हुआ। पूनिया ने कहा पहले किसान यूपी में घटना के जिम्मेदार अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ लड़ रहे थे। हम बृजभूषण के खिलाफ लड़ रहे हैं। किसी पर एक्शन नहीं हुआ। हम जितने भी खिलाड़ी हैं, हम आपके साथ हैं। किसान नेता सुरेश कोच ने कहा कि जब तक बात सूरजमुखी की है। जब तक बात गुरनाम सिंह चढूनी समेत नौ किसानों को छोड़ने की है। स्थानीय कमेटी का हम निर्णय स्वीकार करेंगे। सरकार ने हाथ जोड़कर एक घंटे का समय मांगा है। हम बातचीत से किसी भी तरह नहीं भागेंगे। कहा कि हम सरकार से बात जरूर करेंगे, मगर मानेंगे वो जो किसानों की हर बात मानेगा। अगर सरकार नहीं मानती तो यह आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा पूरे देश में लड़ा जाएगा। किसान एक-एक लाठी का हिसाब लेंगे।

महारैली को सफल बनाने को लेकर किसान नेता दावा कर रहे तो वहीं हर प्रकार के हालात से निपटने को लेकर पुलिस ने भी पुख्ता प्रबंध किए हैं। मंडी में किसानों की अधिक भीड़ जुटने की आशंका के चलते प्रशासन की सांसें फूली हुई है। किसानों ने ऐलान किया कि रैली में लाखों लोग पहुंचेंगे और कहीं पर भी पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वहीं पर सड़क जाम कर दी जाएगी। यहीं नहीं बल प्रयोग किया तो इसका भी तत्काल ही जवाब दिया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ऐलान कर चुके हैं कि रैली में वे जरूर पहुंचेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए उत्तरप्रदेश से अधिक से अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने का आह्वान किया तो वहीं कहा कि प्रशासन गलत फहमी में न रहे। इस बार न किसान रूकेंगे और न ही गिरफ्तारियां देंगे। एमएसपी का मुद्दा अब पूरे देश का बन चुका है।

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