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  • पंजाबः रिश्वत लेते तहसीलदार और क्लर्क गिरफ्तार

    पंजाबः रिश्वत लेते तहसीलदार और क्लर्क गिरफ्तार

    दिड़बा मंडीः पंजाब में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजिलेंस ने रिश्वत लेेते तहसीलदार और क्लर्क को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने तहसील परिसर दिड़बा में रिश्वत लेने के मामले में दोनों को गिरफ्तार किया है।शिकायतकर्ता सुखदेव सिंह निवासी सूलर ने बताया कि एक विसवे की रजिस्ट्री करमजीत सिंह की पत्नी सुखजीत कौर के नाम पर करवानी थी।

    इस मामले में क्लर्क ने पुडा की एनओसी की मांग की। एनओसी के बिना रजिस्ट्रेशन करने पर 10,000 की मांग की, जिसके संबंध में विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई गई। डीएसपी विजिलेंस संगरूर परमिंदर सिंह के नेतृत्व में टीम ने तहसीलदार जिंसू बासंल और क्लर्क जसपाल सिंह को काबू किया है। टीम ने रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली है।

  • इस मामले में पंजाब ने रचा नया कीर्तिमान, सीएम मान ने अधिकारियों को दी बधाई

    इस मामले में पंजाब ने रचा नया कीर्तिमान, सीएम मान ने अधिकारियों को दी बधाई

    चंडीगढ़ः पंजाब ने एक नया कीर्तिमान रचा है। प्रदेश के मलेरकोटला और फरीदकोट जिलों ने ‘जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर जल’ अभियान में सभी ग्रामीण घरों को साफ और सुरक्षित पानी की सुविधा मुहैया करवाने में देश के सर्वोच्च राज्यों की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों को बधाई दी।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पाइप से 100 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या को साफ पानी मुहैया करवाने वाले देशभर में आठ जिलों का चयन किया गया। यह गौरव की बात है कि मलेरकोटला और फरीदकोट जिलों ने इन आठ जिलों की सूची में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने बताया कि पंजाब के लिए यह बहुत ही गर्व की बात है। भगवंत मान ने आगे बताया कि मलेरकोटला जिले की कुल 2.58 लाख ग्रामीण जनसंख्या है। जिले के 49,881 ग्रामीण घरों को पाइप से शुद्ध पानी मुहैया करवाया जा रहा है। वहीं फरीदकोट जिला की 4.09 लाख ग्रामीण आबादी है। यहां के 78,408 घरों को साफ पानी मिल रहा है।  

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत पंजाब 34.24 लाख ग्रामीण घरों को पाइपों से पीने का पानी मुहैया करवा चुका है और 11933 गांवों एवं 20 जिलों को 100 प्रतिशत जल आपूर्ति की सुविधा प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दिसंबर 2022 तक पंजाब में 100 प्रतिशत जल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि राष्ट्रीय लक्ष्य 2024 का है। भगवंत मान ने बताया कि राज्य सरकार गांवों के सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायतों, दवाखाना, स्कूलों को पाइप से पानी की आपूर्ति कर रही है।

  • पंजाबः दिल दहलाने वाली घटना, मामूली बात को लेकर कलियुगी मां ने 3 साल के बच्चे को लगाई आग, बच्चे की हालत गंभीर

    पंजाबः दिल दहलाने वाली घटना, मामूली बात को लेकर कलियुगी मां ने 3 साल के बच्चे को लगाई आग, बच्चे की हालत गंभीर

    लुधियाना : पंजाब के घुदानी कलां गांव में बच्चे के रोने की आवाज से गुस्साई मां ने तीन साल के मासूम को तेल छिड़कर आग लगा दी। महिला को लेकर बताया जा रहा है कि वह कथित तौर पर अपने अशांत वैवाहिक जीवन से निराश चल रही थी। एक महिला ने बच्चे को रोता देख आपा खो दिया और गुस्सा करते हुए अपने साढ़े तीन साल के बेटे पर मोबिल ऑयल डालकर आग लगा दी। पति के साथ तनावपूर्ण संबंधों के चलते महिला अपने तीन बच्चों के साथ पिछले दो साल से अपने मायके में ही रह रही थी। पुलिस ने मामले में बच्चे की मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि पति से काफी अनबन के चलते महिला रूपिंदर मानसिक रूप से तनाव में रहती थी, जिसके चलते उसने घटना को अंजाम दिया है।

    बच्चे की हालत गंभीर, पीजीआई में किया रेफर

    आग से बुरी तरीके से जल चुके बच्चे की हालत फिलहाल गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा करीब 60 फीसदी तक जल चुका है। बच्चे को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया है। इस मामले में रूपिंदर की मां मंजीत कौर के बयान पर पायल पुलिस ने मां रूपिंदर कौर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

    तीन बच्चों में सबसे छोटा हरमन

    सहायक पुलिस आयुक्त पायल हरसिमंत सिंह ने कहा कि आरोपी महिला रूपिंदर अपने पति के साथ विवाद के कारण मानसिक अवसाद में है। वह पिछले दो साल से अपने तीन बच्चों के साथ अपने माता-पिता के साथ रह रही है। घायल हरमन (3) अपने तीन बच्चों में सबसे छोटा है। रूपिंदर के परिवार के अनुसार, हरमन रो रहा था और रूपिंदर उसे नियंत्रित नहीं कर पा रही थी। जिसके बाद वह भड़क गई और हरमन को आग लगा दी।

    नानी ने दौड़कर बुझाई आग

    रूपिंदर की मां मंजीत कौर ने बताया कि हरमन की चीख पुकार सुनकर वह दौड़ीं और उस पर पानी डालकर आग बुझाई। एसीपी ने कहा कि परिवार लड़के को स्थानीय अस्पताल ले गया, जहां से उसे सिविल अस्पताल लुधियाना रेफर कर दिया गया। इसके बाद हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने बच्चे को वहां से पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ रेफर कर दिया। आरोपी महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और किशोर न्याय अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

  • पंजाबः बीएसएफ ने बड़ी साजिश को किया नाकाम, 38 करोड़ की हेरोइन सहित पकड़ा कारतूसों का जखीरा 

    पंजाबः बीएसएफ ने बड़ी साजिश को किया नाकाम, 38 करोड़ की हेरोइन सहित पकड़ा कारतूसों का जखीरा 

    फाजिल्काः पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। पंजाब में लगातार नशे की खेप भेजी जा रही है। वहीं मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान नापाक इरादों पर पानी फेर देते हैं। 24 घंटे के भीतर ही बीएसएफ जवानों ने फाजिल्का में पाकिस्तानी तस्करों के प्लान को नाकाम कर दिया है। बीएसएफ की 66 बटालियन के जवानों ने गांव मुहर जमशेर में 38 करोड़ रुपये की 6.370 किलोग्राम हेरोइन, 190 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाली अफीम और बड़ी तादाद में कारतूस पकड़े हैं। रात में ही बीएसएफ जवानों ने तस्करों पर फायिंग की। मगर वह अंधेरे का फायदा उठा भगाने में कामयाब हो गए।

    इससे पहले मंगलवार को बीएसएफ ने सरहद पर लगी फेंसिंग पार खेत में छिपाकर रखे हेरोइन के चार पैकेट पकड़े। ये पैकेट पाक तस्करों ने रखे थे, जिन्हें भारतीय तस्कर उठाकर फेंसिंग के इस तरफ लाए थे। उक्त हेरोइन का वजन तीन किलो 780 ग्राम आंका गया है। बीएसएफ अधिकारी उस किसान से पूछताछ करने में लगे जिसके खेत से हेरोइन मिली है।

    बीएसएफ बटालियन-66 के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि पाक तस्करों ने भारतीय खेतों में हेरोइन की खेप छिपाकर रखी है, ये खेप भारतीय तस्करों ने मंगवाई है। बीएसएफ ने सरहद से सटे गांव झंगड़ भैणी और राम सिंह वाली के बीच के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। जवानों को फेंसिंग पार खेत में से एक प्लास्टिक के लिफाफे में चार पैकेट हेरोइन के मिले हैं, पीली टेप वाले तीन पैकेट व किसी प्लास्टिक के लिफाफे में बंद एक पैकेट मिला है। हेरोइन का वजन तीन किलो 780 ग्राम है। 

  • जालंधरः सिविल अस्पताल का हाल बेहाल, यहां मरीजों को ना मिल रही दवाइयां ना हो रहा ईलाज

    जालंधरः सिविल अस्पताल का हाल बेहाल, यहां मरीजों को ना मिल रही दवाइयां ना हो रहा ईलाज

    जालंधर/वरुणः महानगर के सिविल अस्पताल की व्यवस्था इतनी खराब हो गई है कि ईलाज करवाने आए मरीजों को ना ही दवाइयां मिल रही है और ना ही उनका ईलाज किया जा रहा है। आप सरकार भले ही सत्ता में आने के बाद बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन इसकी सिविल अस्पताल में असलीयत कुछ और ही बयां हो रही है।

    दरअसल, अस्पताल में ईलाज करवाने आ रहे क्रिटिकल मरीजों को तुरंत अमृतसर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा है। पिछली रात भी एक बच्चा सीरियस कंडीशन में लेकर मां-बाप जब अस्पताल में पहुंचे तो एक रात्रिकालीन स्टाफ ने बच्चे का इलाज करने की बजाय सीधे उसे अमृतसर रेफर कर दिया। स्टाफ की ओर से मां-बाप को बोला गया कि उनके पास आक्सीजन का प्रबंध नहीं है। बच्चे के मां-बाप ने कहा कि वह बहुत गरीब हैं। सिविल अस्पताल में इसलिए ही आए थे कि उन्हें इलाज मिल जाएगा, लेकिन किसी ने भी उनके बच्चे की सुध नहीं ली। इसी तरह एक अन्य पीड़ित ने बताया कि उनकी पत्नी की अस्पताल में डिलीवरी हुई है। अस्पताल के स्टाफ ने दवाइय़ों की एक लिस्ट उसे थमा दी है। बाहर से 7 हजार रुपए का सामान खड़े पांव उसे लाकर देना पड़ा।

    एम्बुलेंस के चालकों ने भी बोला कि मरीजों को यह कहकर अमृतसर रेफर कर दिया जाता है कि वहां पर आपका सारा इलाज फ्री है, लेकिन जब मरीजों को वहां पैसे खर्च करने पड़ते हैं तो वह गालियां निकालते हैं। यह सब उन्हें मौके पर सुनना पड़ता है। मरीजों को लेकर जाने वाली 108 एम्बुलेंस चालकों ने बताया कि सिविल अस्पताल जालंधर की हालत यह है कि वह अभी एक मरीज को अमृतसर छोड़कर वापस पहुंचते ही हैं कि उन्हें दोबारा फिर से अमृतसर के लिए भेजा जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टरों की निजी अस्पताल वालों से साठगांठ है। यदि कोई मरीज पैसे खर्च करने वाला हो तो उसे निजी अस्पताल में भेज देते हैं और यदि कोई मरीज गरीब हो तो उसे अमृतसर रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि यदि अस्पताल में मरीजों का इलाज ही नहीं है। यहां पर दवाइयों का प्रबंध नहीं है तो फिर ऐसे अस्पताल का कोई फायदा नहीं है। इसे बंद कर देना चाहिए। इतना अस्पताल मात्र रेफरल यूनिट बना हुआ है।

    अस्पताल में अपने गंभीर रूप से बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची मां ने जब महिला डॉक्टर से कहा कि इसका इलाज करो तो आगे से जवाब मिला कि इसे वेंटिलेटर की ज़रूरत है। महिला ने डॉक्टर से कहा कि इतना बड़ा अस्पताल है तो क्या यहां पर वेंटिलेटर नहीं है। इस पर डॉक्टर ने भड़कते हुए कहा कि वह भी यहां नौकरी करती है। वेंटिलेटर घर से लेकर नहीं आऊंगी। अस्पताल में सुविधाएं नहीं है तो इसके बारे में सरकार से बात करो या फिर अस्पताल प्रशासन से बात करो।

  • अब सिर्फ आगे ही नहीं पीछे बैठने वाले भी लगाएंगे सीट बेल्ट

    अब सिर्फ आगे ही नहीं पीछे बैठने वाले भी लगाएंगे सीट बेल्ट

    बेल्ट नहीं लगाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना


    नई दिल्ली : कार में बैठने वाले सभी लोगों के लिए अब सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यह ऐलान किया है और इसे लेकर ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री अगले 2-3 दिन में एक नोटिफिकेशन भी जारी कर देगी। आपको बता दें कि टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की एक रोड एक्सीडेंट में मौत ने कार की पिछली सीट पर भी सीट बेल्ट लगाने की जरुरत पर नई बहस छेड़ दी थी। मिस्त्री की मौत के बाद सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठने लगे थे।


    साइरस मिस्त्री के निधन के बाद लिया यह फैसला


    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार वाहन विनिर्माताओं के लिए पिछली सीट की सीट बेल्ट अलार्म प्रणाली को अनिवार्य करने की योजना बना रही है। वर्तमान में, सभी वाहन विनिर्माताओं के लिए केवल आगे की सीट पर बैठे यात्रियों के लिए सीट बेल्ट ‘रिमाइंडर’ देना अनिवार्य है। उन्होंने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंगलवार को कहा कि पालघर में रविवार को एक कार दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री के निधन के बाद हमने यह निर्णय लिया है कि पीछे की सीटों के लिए भी वाहनों में सीट बेल्ट अलार्म प्रणाली होनी चाहिए।

    केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर) के नियम 138 (3) के तहत पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि, ज्यादातर लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि यह नियम अनिवार्य है। यातायात पुलिसकर्मी भी पिछली सीट पर बैठे यात्रियों के सीट बेल्ट लगाने पर जुर्माना नहीं लगाते हैं।

    गडकरी ने कहा कि देश में 1 साल के अंदर 500,000 दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड देखकर दंग रह गया हूं। उन्होंने बताया कि सड़क हादसों में 60 प्रतिशत 18-34 उम्र वर्ग के लोग शामिल हैं। उन्होंने ग्रामीण आबादी के शहरी क्षेत्रों में भारी प्रवास पर अफसोस जताया और कहा कि आज गांवों और वन क्षेत्रों में 65 प्रतिशत लोग सकल घरेलू उत्पाद के 12% से ज्यादा का योगदान नहीं करते हैं।  

    टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की रविवार को मुंबई के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। सायरस मिस्त्री अहमदाबाद से मुंबई जा रहे थे इस दौरान उनकी कार डिवाइडर जा से टकराई। साइरस की कार में 4 लोग सवार थे, हादसे के दौरान 2 की मौके पर ही मौत गई, जबकि बाकी 2 लोगों को कासा के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस हादसे में साइरस मिस्त्री के अलावा जहांगीर दिनशा पंडोल की भी जान गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि इस जानलेवा हादसे का एक बड़ा कारण दोनों यात्रियों का सीट बेल्ट न पहनना रहा। सीट बेल्ट न पहनने से जब उनकी तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई तो पीछे बैठे दोनों यात्री उछलकर अगले हिस्से की तरफ टकरा गए होंगे।

  • जालंधरः पूर्व सीएम शहीद बेअंत सिंह की प्रतिमा पर देश विरोधी नारे लिखने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

    जालंधरः पूर्व सीएम शहीद बेअंत सिंह की प्रतिमा पर देश विरोधी नारे लिखने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर/वरुणः महानगर में कुछ दिन पहले पूर्व सीएम शहीद बेअंत सिंह की प्रतिमा पर देश विरोधी नारे लिखने वाले शरारती अनसरों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नर गुरशरण सिंह संधू जल्द ही इस मामले को लेकर खुलासा कर सकते है। आरोपियों की पहचान  रमन सिंह गिल और सैम मसीह के रूप में हुई है।

    यह दोनों अमृतसर जिलें के रहने वाले है। बता दें कि कुछ दिन पहले सीएम भगंवत मान के जालंधर दौरे के एक दिन पहले संविधान चौक (बीएमसी चौक) पर पूर्व सीएम शहीद बेअंत सिंह की प्रतिम पर देश विरोधी नारे लिखे गए थे। इस घटना को अंजान देने के लिए 5 आरोपी मोटरसाइकिल पर आए थे। यह आरोपी नारे लिखने के बाद स्काई लार्क चौक, पटेल चौक और मकसूदां चौक से होते हुए अमृतसर की तरफ निकल गए थे। हालांकि तीन फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि उन्होंने सिंतबर महीने की 4 और 5 तारीख की रात शिमला बस स्टैंड पर खालिस्तानी झंडे लगाए थे और 2 महीने पहले अमृतसर के रोज गार्डन में खालिस्तानी झंडे भी लगाए थे। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद उनके साथियों पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा, जिससे पंजाब और विदेशों में खालिस्तानी समर्थकों के नेटवर्क के बारे में और अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।

  • पंजाबः पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की जमानत अर्जी पर आया कोर्ट का फैसला

    पंजाबः पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की जमानत अर्जी पर आया कोर्ट का फैसला

    चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की जमानत याचिका पर आज सुनवाई हुई। जिस पर बहस होने के बाद अदालत ने फैसला रिज़र्व रखते हुए अगली तारीक 9 सितंबर तय की है। बता दें कि टेंडर घोटाला मामले में भारत भूषण आशू 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। घोटाले की जांच करते हुए विजिलेंस ने आशू को 22 अगस्त को गिरफ्तार किया था। 3 बार में 8 दिन का रिमांड लेने के बाद आशू को 31 अगस्त को पटियाला जेल में भेज दिया गया है। अब आशू ने जमानत याचिका लगाई हुई थी। जिस पर बहस होने के बाद अगली तारीक 9 सितंबर को अदालत ने तय की है। बता दें कि यह सिर्फ अभी एक घोटाले का मामला है।

    आशू के खिलाफ शिकायतों के ढेर विजिलेंस के पास लग रहे हैं। अब विजिलेंस किस तरह से निष्पक्षता से जांच करती है, यह तो वक्त बताएगा। फिलहाल ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में विजिलेंस के हाथ अभी तक खाली ही लग रहे हैं, क्योंकि 7 आरोपियों में से विजिलेंस सिर्फ दो लोगों को ही पकड़ पाई है, जिनमें ठेकेदार तेलूराम और भारत भूषण आशू शामिल हैं।

    बाकी के आरोपी कहां छिपे हैं या किसी राजनेता की शरण में हैं, यह जांच का विषय है। 7 आरोपियों में से 5 जगरूप सिंह, संदीप भाटिया, राकेश सिंगला, मीनू मल्होत्रा व इंद्रजीत इंदी 22 दिन से फरार हैं। कहां छिपे हैं, अभी तक विजिलेंस इसका सुराग नहीं लगा पाई है। वहीं केस से जुड़ी 2 फाइलें गायब हैं। इस्सेवाल से मिली रजिस्ट्रियों की जांच भी नहीं हुई है।

  • पंजाबः दो पुलिस अधिकारियों को उम्रकैद, 5 लाख रुपए जुर्माना

    पंजाबः दो पुलिस अधिकारियों को उम्रकैद, 5 लाख रुपए जुर्माना

    गुरदासपुरः जिलें के अतिरिक्त सेशन जज परमिंदर सिंह राय की अदालत ने 30 साल पुराने एक मामले का निपटारा करते हुए फर्जी मुकाबले में लिप्त दो पुलिस अधिकारियों को उम्र कैद और पांच लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दंडित कर्मचारियों में डेरा बाबा नानक थाने में तैनात एएसआई चन्नन सिंह और एएसआई तरलोक सिंह शामिल हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता गांव अलावलपुर कलानौर निवासी हरजीत सिंह की विधवा लखबीर कौर ने अदालत में मुकदमा दायर किया था।

    लखबीर कौर की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 364 के तहत दोष तय किए गए। शिकायतकर्ता ने बताया कि 21 मार्च 1993 को दोपहर में वह अपने बेटे बलविंदर सिंह के साथ बस में गांव भोमा से लौट रही थी। उसी बस में उसका परिचित विरसा सिंह, उसकी पत्नी सुखविंदर कौर और बेटा बलजिंदर सिंह उर्फ ​​लाटू भी सवार थे। तलवंडी रामा के बस स्टॉप पर बस रुकी तो अचानक डेरा बाबा नानक थाने के एसएचओ बलदेव सिंह, कांस्टेबल चन्नन सिंह, कांस्टेबल निर्मल सिंह समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मी बस में घुस गए। उन्होंने उसके बेटे बलविंदर सिंह और उसके साथ यात्रा कर रहे युवक बलजिंदर सिंह उर्फ ​​लाटू को जबरन बस से उतार दिया।

    पुलिस से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि ये युवक आतंकी हैं। पुलिस उन्हें डेरा बाबा नानक थाने ले गई। परिजन और गांव वाले डेरा बाबा नानक थाने गए और युवक को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई की मांग की, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उस वक्त पुलिस ने बलविंदर सिंह नाम के एक अन्य युवक को भी थाने में रखा था। 23 मार्च 1993 को पुलिस उन्हें जबरदस्ती एक वाहन में बिठाकर कठ्याली गांव ले गई। युवक चिल्ला रहे थे कि उन्हें मार दिया जाएगा। कुछ देर बाद जब पुलिस की गाड़ी कठियाली गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने गोली चलने की आवाज सुनी। इस प्रकार युवक को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया गया।

    शिकायतकर्ता लखबीर कौर ने कहा कि उनके बेटे का शव भी नहीं दिया गया। पुलिस ने खुद ही बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया। इस अहम मामले की सुनवाई करीब तीस साल तक चली। इस दौरान तीन अन्य आरोपी एसएचओ बलदेव सिंह, एएसआई ज्ञान सिंह और हेड कांस्टेबल निर्मल सिंह की मौत हो गई थी। इस तरह कोर्ट ने दो पुलिसकर्मियों एएसआई चानन सिंह और तरलोक सिंह को उम्रकैद और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। यह जुर्माना राशि पीड़ित परिवार को सौंपी जाएगी।

  • सरकार का बड़ा फैसलाः दिवाली पर बैन रहेंगे पटाखे, ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर 1 जनवरी 2023 तक लगी रोक

    सरकार का बड़ा फैसलाः दिवाली पर बैन रहेंगे पटाखे, ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी पर 1 जनवरी 2023 तक लगी रोक

    नई दिल्लीः राजधानी में इस बार भी दिवाली बिना पटाखों वाली रहेगी। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में एक जनवरी तक सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर भी लागू है। एक ट्वीट में राय ने कहा- दिल्ली में लोगों को प्रदूषण के खतरे से बचाने के लिए पिछले साल की तरह ही इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा रहा है, तांकि लोगों की जिंदगी बचाई जा सके।

    गोपाल राय ने दी ये जानकारी

    उन्होंने कहा- इस बार दिल्ली में पटाखों की ऑनलाइन बिक्री / डिलीवरी पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध 1 जनवरी 2023 तक लागू रहेगा। प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने को लेकर दिल्ली पुलिस, डीपीसीसी और राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्य योजना बनाई जाएगी। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली सरकार ने विंटर एक्शन प्लान पर बैठक की थी। इस बाबत गोपाल राय ने कहा था कि विंटर एक्शन प्लान को लेकर सभी संबंधित विभागों के साथ बैठक हुई। सरकार द्वारा तैयार की गई 15 फोकस बिंदु पर लगभग 30 विभागों को विस्तृत प्लान तैयार करने का टास्क दिया गया। उन्होंने कहा था कि पर्यावरण विभाग को 15 सितंबर तक सभी विभागों से रिपोर्ट लेकर विस्तृत विंटर एक्शन प्लान बनाकर सौपने के निर्देश दिए गए।

    बनाया गया ये प्लान

    पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण की समस्या को लेकर विकास एवं राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके अलावा धूल प्रदूषण के लिए पीडब्ल्यूडी , एमसीडी, डीसीबी, एनडीएमसी, डीडीए, सीपीडब्ल्यूडी, आई एंड एफसी , डीएसआईआईडीसी, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली मेट्रो और राजस्व विभाग को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया।

    वाहनों से होने वाले प्रदूषण के लिए नोडल एजेंसी के तौर पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, ट्रांसपोर्ट विभाग , डीआईएमटीएस, डीटीसी, दिल्ली मेट्रो और जीएडी को नियुक्त किया गया। वहीं खुले में कूड़ा जलाने को लेकर नोडल एजेंसी के तौर पर एमसीडी , एनडीएमसी, डीसीबी, विकास विभाग, आई एन्ड एफसी, दिल्ली फायर सर्विस, डीडीए एवं राजस्व विभाग को नियुक्त किया गया।