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  • Punjab News: पिता द्वारा बेटी को नहर में धकेलने के मामले में आया नया मोड़, देखें वीडियो

    Punjab News: पिता द्वारा बेटी को नहर में धकेलने के मामले में आया नया मोड़, देखें वीडियो

    लड़की की मां बोली, मेरी बेटी जिंदा है

    फिरोजपुर। जिले में एक पिता ने अपनी 17 साल की बेटी को नहर में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने जिस बेटी को नहर में फेंका था वह जिंदा है। किशोरी 68 दिन के बाद मौत के मुंह से निकलकर सभी के सामने आई है। इतना ही नहीं वह जेल में बंद अपने पिता को छुड़वाने के लिए पुलिस के पास पहुंची है।

    करीब ढाई महीने पहले पिता द्वारा अपनी बेटी को नहर में धकेलकर मार डालने के बाद, आज बेटी ज़िंदा होने का दावा कर रही है। सोशल मीडिया पर चल रहे एक इंटरव्यू में, कथित तौर पर मरी हुई लड़की ने ज़िंदा होने का दावा किया है। आपको बता दें कि करीब ढाई महीने पहले पिता ने अपनी बेटी को नाजायज़ संबंध के शक में नहर में धकेल दिया था। उसने इसका वीडियो भी बनाया था। फिरोजपुर पुलिस ने केस दर्ज करके लड़की के पिता को गिरफ्तार कर लिया। लड़की के ज़िंदा होने का दावा करने के बाद, पुलिस अब लड़की की तलाश कर रही है।

    लड़की की मां भी आई सामने
    इधर, अब लड़की की मां भी सामने आई है। उसने कहा कि उसे भी खबरों से पता चला है। कि उसकी बेटी ज़िंदा है। जब उसे नहर में फेंका गया था। उस समय उसे पता भी नहीं था कि उसके पिता ने उसके साथ ऐसा किया है। उसने कहा कि उसने अपनी बेटी के साथ बहुत प्यार से पेश आया था। अगर उसने माफी मांग ली होती, तो शायद वह उसे जाने देता।

  • Jalandhar News: Tejaswi Minhas को कोर्ट से मिली राहत, देखें वीडियो

    Jalandhar News: Tejaswi Minhas को कोर्ट से मिली राहत, देखें वीडियो

    जालंधरः पंजाब बचाओं मोर्चा के मुखी तेजस्वी मिन्हास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा सिविल अस्पताल में मेडीकल करवाकर मिन्हास को कोर्ट में पेश किया। वहीं मिन्हास की ओर से उसके ऊपर दर्ज मामले में कोर्ट में बेल की एप्लिकेशन लगाई थी। जिसे माननीय अदालत ने मंजूर करते हुए स्वीकार करते हुए मिन्हास को बेल दे दी है।

    मीडिया को जानकारी देते हुए मिन्हास ने कहा कि उसे इस एफआईआऱ के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। अब वह जमानत मिलने पर इस मामले को पुलिस के उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाकर इंसाफ की गुहार लगाएंगे।

    वहीं तेजस्वी के वकील संजीव बंसल ने बताया कि पुलिस ने तेजस्वी को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा था। तेजस्वी के ऊपर पुलिस ने 26 नवंबर को एफआईआर दर्ज की थी जिसमें पुलिस ने आज सुबह गिरफ्तारी डाली थी।कोर्ट में चली लंबी दलीलों के बाद जमानत मंजूर कर दी।

    जानकारी अनुसार ईडी दफ्तर के बाहर पिछली दिनी भाणा सिद्धू, तेजस्वी मिन्हास सहित निहंग सिंहों की ओर से पास्टर अंकुर नरूला के खिलाफ प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी मिन्हास की पुलिस के साथ बहस हो गई थी। जिसके बाद आज पुलिस ने तेजस्वी मिन्हास को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी ने आरोप लगाए थे कि विदेश से गलत तरीके से अकुंर नरूला द्वारा फडिंग करवाई जा रही है। वहीं अंबाला की रहने वाली महिला ने बताया था कि वह अकुंर नरूला की फ्रांसिक मिनिस्टरी आई थी। पीड़ित महिला के अनुसार, आरोपी ने उनके पति, देवर और देवरानी के नाम पर नकली वीजा, एयर टिकट और दस्तावेज दिखाकर 37 लाख रुपए ले लिए। अब विदेश भेजने के नाम पर डेढ़ साल से टालमटोल कर रहे हैं और पासपोर्ट भी उनके कब्जे में हैं।

  • इंडिगो संकट के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मशहूर Comedian का वीडियो, लोग बोले – ‘पहले ही बता दिया था’

    इंडिगो संकट के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मशहूर Comedian का वीडियो, लोग बोले – ‘पहले ही बता दिया था’

    नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में इन दिनों गंभीर ऑपरेशनल संकट चल रहा है। पिछले छह दिनों से यह लगातार जारी है और इसका असर पूरे देश के बड़े-बड़े एयरपोर्ट्स पर देखने को मिल रहा है। यात्रियों को कई घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई उड़ानें इस दौरान लगातार रद्द हो रही हैं। रविवार यानी आज भी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल हुई है। अब इसी बीच मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी का एक पुराना कॉमेडी वीडियो अचानक वायरल हो रहा है। इसे लोग मौजूदा इंडिगो के हालातों से जोड़कर देख रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    यह वीडियो साल 1995 में प्रसारित हुए जसपाल भट्टी के टीवी शो फुल टेंशन के एक एपिसोड का है। इसमें जसपाल भट्टी ने SOS Airlines नाम की एक काल्पनिक एयरलाइन के कर्मचारी का किरदार निभाया था। इस कॉमेडी स्केच में एक्टर विवेक शौक मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट में पहुंचते हैं। एयरपोर्ट के बाहर उनकी मुलाकात जसपाल भट्टी के साथ होती है। वह पहले उनका सामान गाड़ी से उतरने में मदद करते हैं। इसके बाद वही जसपाल भट्टी टिकट काउंटर पर बैठकर टिकट काटते दिखते हैं। इसके बाद वह खुद ही चेक-इन काउंटर संभालते हैं और आखिर में यह भी कहते हैं कि अगर जरुरत पड़ी तो प्लेन भी वही उड़ाएंगे। इस पर जब उनसे वजह पूछी जाती है तो कहते हैं कि एयरलाइन में स्टाफ की भारी कमी है। इसके बाद वह यह भी कहते हैं कि इस एयरलाइन का नाम sos यानी की Shortage Of Staff है।

    इस वजह से इंडिगो संकट से जोड़ी जा रही वीडियो

    सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो की तुलना इंडिगो में चल रहे संकट से कर रहे है। अब मौजूदा हालातों में इंडिगो की कई उड़ानें पायलट और केबिन क्रू की कमी के कारण प्रभावित हुई है। इस वजह से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी है। लोग का कहना है कि जसपाल भट्टी ने करीबन 30 साल पहले ही ऐसी स्थिति कॉमेडी के तौर पर दिखा दी थी। अब यह वीडियो सच्चाई के तौर पर साबित हो रही है। वीडियो पर यूजर्स फनी कमेंट करते हुए दिख रहे हैं।

    डीजीसीए ने मांगा इंडिगो से जवाब

    इंडिगो में चल रहे संकट को लेकर विमानन नियामक डीजीसीए ने शनिवार 6 दिसंबर को बड़ा कदम उठाया है। डजीसीए ने इंडिगो को सीईओ पीटर एल्बर्स और कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ने शो कॉज नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इस हफ्ते उड़ान संचालन में हुई गंभीर गड़बड़ियों को लेकर भेजा गया है। दोनों अधिकारियो को 24 घंटे के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • Haryana News: ईआरवी टीम ने बचाई लिफ्ट में फंसे 6 लोगों की जान, देखें वीडियो

    Haryana News: ईआरवी टीम ने बचाई लिफ्ट में फंसे 6 लोगों की जान, देखें वीडियो

    पंचकूला: सेक्टर-17 मेंं स्थित एक घर की लिफ्ट में छह लोग फंस गए थे। इसकी सूचना ईआरवी 708 की टीम को मिली। सूचना मिलते ही ईआरवी 708 टीम जिसमें इंचार्ज शक्ति सिंह, होमगार्ड हरी सिंह और एसपीओ राम सिंह शामिल थे।

    टीम मौके पर तुरंत पहुंची और आस-पास के लोगों की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल गया। टीम की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण किसी भी तरह की दुर्घटना से बचाव हो गया। अधिकारियों ने ईआरवी इंचार्ज रामूस्वामी और दोनों ईआरवी टीमों को त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।

    पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी तरह की इमरजेंसी स्थिति में तुरंत 112 नंबर पर संपर्क करें। हम आपकी सहायता के लिए समर्पित और तत्पर रहेंगे।

  • Haryana News: बस छूटने पर ईआरवी टीम ने लड़कियों को सुरक्षित पहुंचाया घर, देखें वीडियो

    Haryana News: बस छूटने पर ईआरवी टीम ने लड़कियों को सुरक्षित पहुंचाया घर, देखें वीडियो

    पंचकूला: बीती रात 1 बजे पेट्रोलिंग के दौरान ईआरवी 709 टीम को पुराने पंचकूला बस स्टैंड के पास दो लड़कियां खड़ी मिली। पूछताछ के दौरान दोनों लड़कियों ने बताया कि वो पुराना पंचकूला से शिमला के लिए निकली थी परंतु उनका वाहन निकल गया। देर रात उन्हें कोई भी वाहन नहीं मिला।

    ईआरवी टीम ने इस मामले में खुद संज्ञान लेते हुए दोनों लड़कियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया। टीम में ईआरवी के इंचार्ज सुरेंद्र पाल, एसपीओ रणजीत और होमगार्ड जगपाल शामिल थे। इस दौरान लड़कियों के पिता ने टीम का आभार जताया।

    पिता ने आभार जताते हुए कहा कि पुलिस ने उनकी बेटियों को सुरक्षित घर पहुंचाकर सराहनीय कार्य किया है। इसके लिए वे पंचकूला पुलिस का धन्यवाद करते हैं।

  • नशा मुक्त और सुसंस्कारित समाज के निर्माण में दें योगदान: न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर

    नशा मुक्त और सुसंस्कारित समाज के निर्माण में दें योगदान: न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर

    कहा…संस्कारयुक्त शिक्षा से ही संभव है आदर्श समाज का निर्माण

    नारी शक्ति है सामाजिक बदलाव की धुरी: डॉ. मुक्ता ठाकुर

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने सभी नागरिकों से नशा मुक्त और सुसंस्कारित समाज के निर्माण में योगदान का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त और जागरूक समाज का निर्माण प्रत्येक नागरिक के आत्म-संकल्प और व्यक्तिगत आचरण से ही संभव है। न्यायमूर्ति श्री ठाकुर ने सभी से अनुरोध किया कि वे नशा उन्मूलन और पर्यावरण संरक्षण को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं और समाज को सही दिशा देने में सक्रिय योगदान दें।

    वे रविवार को लता मंगेशकर कला केंद्र, ऊना में आयोजित विशाल विधिक साक्षरता शिविर में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। यह शिविर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना के सहयोग से आयोजित किया गया था। शिविर का मुख्य फोकस दो विषयों, नशा मुक्त समाज-भारत का संकल्प तथा पर्यावरण संरक्षण-भूमंडल रक्षण पर केंद्रित रहा।

    संस्कारयुक्त शिक्षा ही समाज का भविष्य तैयार करती है

    श्री ठाकुर ने कहा कि समाज की समस्याओं का मूल समाधान सही मूल्यों और संस्कारों में निहित है। उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा से समाज में ‘राम’ जैसे आदर्श जन्म लेते हैं, जबकि संस्कारहीन शिक्षा रावणों को जन्म देती है। हमें यह तय करना होगा कि हम अपने समाज में कौन-से गुणों का विकास चाहते हैं।

    राष्ट्र के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है नशा

    विवेक सिंह ठाकुर ने नशे को भारत की युवा शक्ति के लिए सबसे बड़ा विनाशकारी कारक बताया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र को दुर्बल करने का सबसे आसान तरीका उसकी युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में धकेल देना है। यदि युवा दिशाहीन हो जाएं, तो समाज और राष्ट्र, दोनों की कमजोर हो जाते हैं।

    अमर बलिदानियों से प्रेरणा लें युवा

    उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में युवा शक्ति ने राष्ट्र के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। आज के युवाओं को उन महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। कितने महापुरुषों ने राष्ट्र निर्माण में जीवन लगाया है। आज के युवा कभी अवसाद या छोटी-सी परेशानी में नशे का सहारा न लें। उन्होंने याद दिलाया कि स्वतंत्रता सेनानियों ने कितनी कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद राष्ट्र निर्माण का रास्ता नहीं छोड़ा।

    पर्यावरण क्षरण मानव जाति के लिए गंभीर खतरा

    उन्होंने चेताया कि पर्यावरण की हानि केवल एक मुद्दा नहीं, बल्कि समूची मानव जाति के अस्तित्व से जुड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जीवनशैली और व्यवहार को प्रकृति-हितैषी बनाना होगा। केवल उपदेशों से नहीं, बल्कि अपने आचरण में बदलाव लाकर ही पर्यावरण संरक्षण संभव है।

    अपने शास्त्रों को जीवन शिक्षा की तरह पढ़ें

    न्यायमूर्ति श्री ठाकुर ने कहा कि हमारे शास्त्र केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि उनमें जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य शिक्षाएं हैं। युवा उन्हें उसी दृष्टि से पढ़ें। उन्होंने कहा कि सृष्टि हमें सब कुछ देती है, हमें भी समाज और प्रकृति को कुछ लौटाने की भावना विकसित करनी चाहिए।

    मन पर संयम से ही चरित्र और समाज निर्माण

    उन्होंने कहा कि मनुष्य का मन उसका मित्र भी है और शत्रु भी। यदि मन के अधीन हो जाएं तो वह शत्रु बनकर बुरी आदतों की ओर ले जाता है, परंतु यदि मन को अपने अधीन कर लें तो वही मन श्रेष्ठ गुणों और समाज की भलाई की दिशा में प्रेरित करता है।

    न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर ने सभी से आग्रह किया कि वे नशा उन्मूलन, पर्यावरण संरक्षण, संवेदनशीलता, संस्कार और जिम्मेदार नागरिकता को अपने जीवन का संकल्प बनाएं।

    नारी शक्ति है सामाजिक बदलाव की धुरी: डॉ. मुक्ता ठाकुर

    कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारीं प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाजसेवी डॉ. मुक्ता ठाकुर ने कहा कि सशक्त समाज का निर्माण केवल शिक्षा, संस्कृति और संस्कार के समन्वय से ही संभव है। उन्होंने भगवद्गीता, वेद और पुराणों के नीति वाक्यों और कथाओं को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए बताया कि ये जीवन के मूल सिद्धांत और आचरण के आदर्श प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं और नागरिकों से आग्रह किया कि वे शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा को अपनाकर समाज में नैतिकता, जिम्मेदारी और सकारात्मक बदलाव लाएं।

    डॉ. मुक्ता ने नारी शक्ति को सामाजिक बदलाव की धुरी बताते हुए कहा कि नारी, विशेषकर मां के रूप में, जीवन में मूल्य, संस्कार और सकारात्मक आदर्शों का बीजारोपण करती है। उन्होंने रेखांकित किया कि यदि नारी जागरूक और सशक्त हो, तो समाज अपने आप सुधार और विकास की दिशा में अग्रसर होता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि अपने जीवन में संस्कार, संस्कृति और सकारात्मक विचारों को अपनाएं और नशा मुक्त, संवेदनशील और समृद्ध समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

    जन-जागरूकता को प्रयासरत है प्राधिकरण: रंजीत सिंह

    राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंजीत सिंह ने अपने संबोधन में नशा निवारण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इन प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने व्यवहार में बदलाव लाकर समाज को सही दिशा दें।

    उन्होंने चेताया कि यदि हम अनियंत्रित गतिविधियों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पहाड़ियों का वातावरण सुनिश्चित नहीं कर पाएंगे। साथ ही, नशे की चुनौती से निपटने के लिए समाज को सक्रिय होकर आगे आना होगा।

    समाज को लेनी होगी सुधार की जिम्मेदारी: नरेश कुमार

    जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऊना नरेश कुमार ने नशा निवारण और पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से नष्ट कर देता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए केवल कानून पर निर्भर रहने के बजाय समाज को स्वयं आगे आना होगा। उन्होंने जल, जंगल और जमीन को हमारे अस्तित्व का मूल आधार बताते हुए कहा कि प्लास्टिक, प्रदूषण, जंगलों की कटाई और अनियंत्रित मानव गतिविधियां समय की चुनौती हैं। छोटे-छोटे कदम लेते,  मिलकर हमें सुधार की बढ़ना है।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा ने मुख्य अतिथि सहित कार्यक्रम में पधारे सभी विशिष्ट अतिथियों, प्रतिभागियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया।

    गीत-संगीत और लघु नाटिकाओं से संदेश

    कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों, संस्थाओं और नाट्य दलों के प्रतिभागियों ने भाषण, गीत-संगीत और लघु नाटिकाओं के माध्यम से नशा निवारण तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्कॉलर्स यूनिफाइड स्कूल ऊना की छात्रा अनिका जोशी ने पर्यावरण संरक्षण तथा प्रिशा ठाकुर ने नशा निवारण पर प्रभावी भाषण प्रस्तुत किए। प्रथम आरक्षण वाहिनी बनगढ़ के नाट्य दल ने एंटी-चिट्टा अभियान पर नाटिका प्रस्तुत की, जबकि प्रेम आश्रम के बच्चों ने पेड़ों के संरक्षण का संदेश दिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुठारकलां के छात्र वंश ने नशा निवारण-भारत का संकल्प विषय पर मधुर गीत प्रस्तुत किया।

    विभागीय प्रदर्शनी में योजनाओं की जानकारी

    इस दौरान कला केंद्र परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। न्यायाधिपति विवेक सिंह ठाकुर ने सभी प्रदर्शनों का अवलोकन किया और वहां प्रदान की जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

    कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

    कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नरेश कुमार, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव रंजीत सिंह, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऊना कांता वर्मा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऊना राजेंद्र धीमान, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा, अन्य न्यायिक अधिकारी, हिमाचल सरकार में सचिव रितेश चौहान, उपायुक्त जतिन लाल, पुलिस अधीक्षक अमित यादव, बार एसोसिएशन ऊना के अध्यक्ष रोहित जोशी, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारी, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • CM मान का बड़ा ऐलान: पंजाबी यूनिवर्सिटी को 30 करोड़, अब शिक्षा में नहीं होगी कोई रुकावट

    CM मान का बड़ा ऐलान: पंजाबी यूनिवर्सिटी को 30 करोड़, अब शिक्षा में नहीं होगी कोई रुकावट

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला को 30 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की घोषणा की है। यह ऐलान उन्होंने जरीआ फाउंडेशन की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर पंजाबी यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह राशि इसलिए दी जा रही है ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए और संस्थान अपनी शैक्षणिक गतिविधियों को निर्बाध रूप से जारी रख सके। यह घोषणा पंजाब सरकार की उच्च शिक्षा के प्रति गंभीरता और छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाती है। पंजाबी भाषा और संस्कृति के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाली इस यूनिवर्सिटी को मिली यह आर्थिक सहायता न केवल संस्थान के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी बल्कि हजारों छात्रों के शैक्षणिक सपनों को भी पंख देगी।

    कार्यक्रम में विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसी भी हालत में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है बल्कि पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति का गढ़ है जिसकी मजबूती प्रदेश की पहचान से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ने इस बात को समझा है कि शिक्षा में निवेश ही सबसे बड़ा निवेश है और यही कारण है कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद शिक्षा बजट में कोई कटौती नहीं की गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और पंजाब को देश-विदेश में गौरवान्वित करे।

    पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला उत्तर भारत की उन गिनी-चुनी यूनिवर्सिटीज में से एक है जो क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को समर्पित है। इस संस्थान में हजारों छात्र पंजाबी साहित्य, भाषा विज्ञान, इतिहास, कला और विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय संकट के कारण यूनिवर्सिटी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। 30 करोड़ रुपये की यह राशि इन समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस राशि से न केवल वेतन और प्रशासनिक खर्चों को पूरा किया जा सकेगा बल्कि पुस्तकालय, प्रयोगशाला और डिजिटल संसाधनों के विकास में भी निवेश संभव होगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए आश्वासन दिया है कि इस राशि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ छात्रों के हित में किया जाएगा।

    पंजाब सरकार ने सत्ता में आने के बाद से शिक्षा क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदम उठाए है। सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विकास, शिक्षकों की नियुक्ति में पारदर्शिता, मुफ्त किताबें और यूनिफॉर्म योजना तथा उच्च शिक्षा संस्थानों को वित्तीय सहायता इसके प्रमुख उदाहरण है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई बार स्पष्ट किया है कि शिक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है क्योंकि शिक्षित युवा ही प्रदेश के विकास की असली ताकत है। इस नीति के तहत न केवल पंजाबी यूनिवर्सिटी बल्कि प्रदेश के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को भी समय-समय पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे उच्च शिक्षा में पंजाब की स्थिति मजबूत हो रही है और अधिक से अधिक छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर पा रहे है।

    ज़रीआ फाउंडेशन की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक और समाजसेवी उपस्थित थे। ज़रीआ फाउंडेशन एक गैर-सरकारी संगठन है जो सामाजिक कार्यों, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्यरत है। पिछले दशक में इस संस्था ने समाज के विभिन्न वर्गों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए हैं। मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि समाज के हर वर्ग तक विकास की धारा पहुंच सके। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और युवाओं को समाज को वापस देने की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

    पंजाबी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया। छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह राशि उनके लिए राहत की सांस लेकर आई है क्योंकि पिछले कुछ समय से वित्तीय संकट के कारण कई शैक्षणिक कार्यक्रम और सुविधाएं बाधित हो रही थीं। पंजाबी साहित्य की छात्रा सिमरनजीत कौर ने कहा कि सरकार का यह कदम सिद्ध करता है कि पंजाब सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेती है। कंप्यूटर साइंस के छात्र अमरजीत सिंह ने कहा कि अब वे बिना किसी चिंता के अपने करियर पर फोकस कर सकेंगे। शिक्षकों ने भी इस निर्णय की सराहना की और आशा व्यक्त की कि यह राशि यूनिवर्सिटी के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम दूरदर्शी और स्वागत योग्य है। पंजाब में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थानों का दबदबा बढ़ता जा रहा है और ऐसे में सरकारी यूनिवर्सिटीज को मजबूत करना बेहद जरूरी है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। शिक्षाविद डॉ. बलविंदर सिंह ने कहा कि पंजाबी यूनिवर्सिटी जैसे संस्थान क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी यूनिवर्सिटीज को नियमित रूप से वित्तीय सहायता देनी चाहिए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित हो सकें। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस तरह की घोषणाएं युवाओं में सकारात्मक संदेश भेजती है और उन्हें पंजाब में रहकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

    पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि एकमुश्त अनुदान के रूप में जारी की जा रही है और यूनिवर्सिटी को इसका उपयोग तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करना होगा। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस राशि का एक हिस्सा शिक्षकों और कर्मचारियों के बकाया वेतन के भुगतान के लिए उपयोग किया जाएगा जबकि शेष राशि से बुनियादी ढांचे के विकास और शैक्षणिक संसाधनों में सुधार किया जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे हर तीन महीने में राशि के उपयोग की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपें। इस पारदर्शिता से यह सुनिश्चित होगा कि जनता का पैसा सही तरीके से खर्च हो और छात्रों को अधिकतम लाभ मिले। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो भविष्य में और भी वित्तीय सहायता प्रदान की जा सकती है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह घोषणा पंजाब की शिक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह न केवल पंजाबी यूनिवर्सिटी के लिए बल्कि पूरे प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संदेश है। इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए गंभीर है और छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं करेगी। शिक्षा में निवेश का यह निर्णय लंबे समय में पंजाब के युवाओं को सशक्त बनाएगा और प्रदेश के सर्वांगीण विकास में योगदान देगा। जैसे-जैसे यह राशि यूनिवर्सिटी तक पहुंचेगी और इसका उपयोग शुरू होगा, हजारों छात्रों के चेहरों पर मुस्कान आएगी और उनके सपने नई उड़ान भरेंगे। पंजाब सरकार का यह कदम शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।

     

  • सुखबीर–कैप्टन की विदेशी सैरों के विपरीत, CM मान का जापान दौरा युवाओं को देगा नौकरी

    सुखबीर–कैप्टन की विदेशी सैरों के विपरीत, CM मान का जापान दौरा युवाओं को देगा नौकरी

    चंडीगढ़: पंजाब की जनता ने दशकों तक भ्रष्टाचार, परिवारवाद और जनता के पैसे की बर्बादी का दर्द सहा है। अकाली दल और कांग्रेस के पुराने मुख्यमंत्रियों ने सरकारी खजाने को अपनी निजी संपत्ति समझा, जहां विदेश यात्राओं के नाम पर करोड़ों रुपये उड़ाए जाते थे, लेकिन राज्य के विकास के लिए एक पैसा भी नहीं लगता था। इन नेताओं की लग्जरी ट्रिप्स, परिवार के साथ शॉपिंग और मौज-मस्ती पर जनता का मेहनत का पैसा लुटाया जाता था, जबकि पंजाब के किसान, नौजवान और आम आदमी गरीबी, बेरोजगारी और कर्ज के बोझ तले दबे रहते थे।

    आज भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस काले दौर को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जहां हर फैसला जनता के हित में लिया जाता है और पारदर्शिता सबसे ऊपर है। अब विदेश यात्राओं का एकमात्र मकसद पंजाब में निवेश लाना, फैक्ट्रियां लगाना और लाखों नौकरियां पैदा करना है, ताकि राज्य आर्थिक रूप से मजबूत बने और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो। यह बदलाव न सिर्फ राजनीतिक है, बल्कि पंजाब की जनता के लिए एक नई उम्मीद की किरण है, जहां भ्रष्टाचार की जगह ईमानदारी और विकास ने ले ली है।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान इन दिनों जापान और दक्षिण कोरिया के 10 दिवसीय दौरे पर हैं, जहां वे पंजाब को निवेश का हब बनाने के लिए रोडशो और उच्च-स्तरीय बैठकों का आयोजन कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान ही जापानी कंपनी टोप्पन स्पेशलिटी फिल्म्स ने पंजाब में 400 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया है, जो राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। टोक्यो और ओसाका में रोडशो के दौरान भगवंत मान ने जापानी उद्योगपतियों को बताया कि पंजाब अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और लाभदायक जगह है, जहां सरकारी नीतियां सरल हैं और बुनियादी ढांचा मजबूत है। आप सरकार की यह रणनीति पंजाब को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।

    अब जरा पुराने मुख्यमंत्रियों को याद कीजिए, जैसे सुखबीर सिंह बादल, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते विदेश यात्राओं का बहाना बनाकर दुबई, लंदन और दक्षिण अफ्रीका जैसी जगहों पर सरकारी पैसे से मौज की। इन ट्रिप्स पर लाखों रुपये खर्च होते थे, जिसमें पॉकेट मनी तक शामिल होती थी, लेकिन लौटकर आते तो हाथ खाली रहते और सूटकेस परिवार के लिए ब्रांडेड कपड़े-जूते से भरे होते थे। एक बार तो दक्षिण अफ्रीका जाने के बहाने दुबई में रुककर परिवार के साथ शॉपिंग की गई और पूरा बिल पंजाब की जनता के टैक्स से चुकाया गया। लंदन ओलंपिक्स देखने के नाम पर भी सरकारी खजाने से लाखों उड़ाए गए, जबकि पंजाब में किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी बढ़ रही थी।

    कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी भी भ्रष्टाचार में पीछे नहीं थे, जिन्होंने 2022 में चुनाव हारने के बाद जैसे ही ईडी की जांच उनके करीब पहुंची, फौरन कनाडा और अमेरिका भाग गए। महीनों तक वे वहां रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ रहकर मौज करते रहे, जबकि पंजाब में उनके भतीजे भूपिंदर सिंह हनी से 10 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई थी, जिसमें 8 करोड़ उनके रिश्तेदार से ही मिले। अवैध रेत खनन मामले में ईडी ने छापे मारे, लेकिन चन्नी जांच से बचने के लिए विदेश में छिपे रहे और पंजाब की जनता को उनके भ्रष्टाचार की सजा भुगतनी पड़ी। सरकारी पैसों से विदेशी टूर करना और जांच आते ही फरार हो जाना कांग्रेस की पुरानी आदत है, जहां नेता अपनी जिम्मेदारी से भागते हैं और राज्य को अराजकता में छोड़ देते हैं। चन्नी ने खुद को आम आदमी बताकर सत्ता हासिल की, लेकिन ईडी की छापेमारी ने उनकी असली छवि उजागर कर दी, जहां करोड़ों का काला धन परिवार के लिए जमा किया गया था। ऐसे नेताओं ने पंजाब को विकास से दूर रखा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।

    इन सबके विपरीत भगवंत मान विदेश इसलिए जा रहे हैं ताकि पंजाब में फैक्ट्रियां लगें, नौजवान नौकरियां पाएं और गांव-गांव में तरक्की आए। उनकी हर यात्रा का पूरा हिसाब जनता के सामने है, जहां कोई परिवार साथ नहीं जाता, कोई शॉपिंग या मौज-मस्ती नहीं होती – सिर्फ और सिर्फ पंजाब के आर्थिक उत्थान पर फोकस रहता है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा जैसे अधिकारियों के साथ यह डेलीगेशन निवेशकों से सीधे बात करता है, और परिणाम भी दिखते हैं जैसे टोप्पन कंपनी का निवेश। आप सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है, जहां विदेश यात्राएं विकास का माध्यम बनी हैं, न कि निजी सुख का। यह पारदर्शिता पंजाब की जनता को विश्वास देती है कि उनका पैसा सही जगह लग रहा है, और राज्य अब देश का सबसे समृद्ध प्रदेश बनने की राह पर है। मान की यह पहल पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार से मुक्ति का प्रतीक है।

    आज पंजाब की जनता देख रही है कि असली मुख्यमंत्री कैसा होता है – जो जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब देता है और उसी पैसे से पंजाब को दुनिया का सबसे समृद्ध राज्य बनाने में जुटा रहता है। भगवंत मान और आम आदमी पार्टी ने साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार का दौर अब इतिहास बन गया है, और पंजाब का सुनहरा दौर शुरू हो चुका है, जहां निवेश, रोजगार और समृद्धि हर घर पहुंचेगी। पुराने नेताओं की लग्जरी ट्रिप्स और परिवारवाद की जगह अब विकास की राजनीति ने ले ली है, जो पंजाब को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। जनता अब समझ चुकी है कि सच्चा नेता वही है जो राज्य के हित में सोचे, न कि निजी लाभ में। आप सरकार की यह सफलता अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है, जहां ईमानदारी से शासन चलाया जा सकता है। अंत में, भगवंत मान की यह यात्रा पंजाब के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।

  • सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया अंशदान, प्रदेशवासियों से बढ़-चढ़कर योगदान की अपील

    सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया अंशदान, प्रदेशवासियों से बढ़-चढ़कर योगदान की अपील

    ऊना/सुशील पंडित: सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज गोंदपर जयचंद में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अंशदान किया। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, ऊना के उपनिदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) एस. के. कलिया ने उप मुख्यमंत्री और उनके निजी स्टाफ को सशस्त्र सेना का झंडा लगाकर उनसे योगदान प्राप्त किया।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वीर सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रित परिवारों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 7 दिसंबर को मनाया जाने वाला सशस्त्र सेना झंडा दिवस उन अमर वीरों को समर्पित है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए या गंभीर रूप से घायल हुए।

    उन्होंने बताया कि इस दिवस पर लगाए जाने वाले विशेष झंडे के माध्यम से एकत्रित राशि शहीद सैनिकों के परिजनों, अपंग सैनिकों और पूर्व सैनिकों के कल्याण पर खर्च की जाती है। यह दान राशि पूरी तरह से आयकर मुक्त होती है। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आवाहन किया कि वे इस पुनीत कार्य के लिए अधिक से अधिक योगदान देकर देश के वीर सैनिकों के प्रति अपना सम्मान प्रकट करें।

    इसके बाद उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अपने आवास पर स्थानीय लोगों की समस्याएँ सुनीं। उन्होंने अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया तथा शेष मामलों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाने के निर्देश दिए।

  • बस सवार महिला व पुरुष से 1.175 किलोग्राम चरस पकड़ी 

    बस सवार महिला व पुरुष से 1.175 किलोग्राम चरस पकड़ी 

    ऊना/सुशील पंडित: भोटा हमीरपुर से ऊना आ रही निजी बस में सवार एक महिला व पुरुष से एसआईयू पुलिस टीम ने 1.175 ग्राम चरस पकड़ी है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती देर शाम पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार एसआईयू ऊना पर आधारित पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कुरियाला मोड पर एक निजी बस जो भोटा से ऊना के लिए आ रही थी,को जांच के लिए रोका।

    बस में सवार चेत राम पुत्र लाल दास निवासी गांव बनवाड़ी डा0 थाची तह0 बालीचौकी जिला मण्डी व महिला श्रीमति तारा देवी पत्नी होड़ी राम निवासी गांव निशेणी डा0 गुराण तह0 बाली चौकी जिला मण्डी के कब्जे से जूते में छुपाकर रखी 1.175 किलोग्राम चरस बरामद हुई। वहीं इस संबंध में पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध मादक द्रव्य अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत पुलिस थाना सदर ऊना में मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।