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गुरु पूर्णिमाः बाबा बाल जी से हजारों शिष्यों ने लिया आशीर्वाद
ऊना/सुशील पंडित: श्री राधा कृष्ण मंदिर कोटला कलां में गुरु पूर्णिमा के दिन हजारों भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना के बाद अपने प्रिय गुरु बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद लिया। किमी से भी लंबी लाइन में बाबा बाल जी के शिष्यों ने सपरिवार भगवान स्वरूप बाबा बाल जी को माथा टेका और उनकी स्तूति की। भक्तों ने बाबा बाल जी पर पुष्प वर्षा की और बाबा जी ने भी अपने शिष्यों को प्रसाद और ढेरों आशीर्वाद व शुभकामनाएं दी।कोटला कलां के प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण मंदिर और बाबा बाल जी महाराज से ऊना के लाखों लोग जुड़े हुए हैं। बाबा जी से जुड़े एक भक्त ने बताया कि बाबा बाल जी ने सत्य सनातन वैदिक धर्म की शिक्षाओं को ऊना के जन जन तक पहुंचाने का काम किया है। अंधकार में जी रहे लोगों को जब से बाबा बाल जी का आशीर्वाद और प्रेम मिला है तब से इस क्षेत्र के विकास की गति कई गुणा बढ़ गई है।उनका स्नेह और उनका प्रताप इतना दिव्य है कि जिसे भी बाबा जी आशीर्वाद देते हैं उसकी सदा चढ़ाई ही रहती है। घर में सुख समृद्धि बढ़ती है और परिवार का वातावरण सनातनी हो जाता है। बाल्य काल से भक्ति में रमे बाबा बाल जी अब वृद्ध हो रहे हैं। इसके उपरांत भी गुरु पूर्णिमा के दिन गर्मी और उमस में घंटों सुखासन में बैठ हजारों शिष्यों को अपने हाथ से आशीर्वाद व प्रसाद देते समय भी उनके चेहरे का तेज देखते ही बनता था। -

Corona के बाद इस virus का कहर हुआ जारी, 32 लोगों की हुई मौत
गुजरातः दुनियां भर में कोरोना वायरस का कहर देखने को मिला था। इस वायरस से कई लोगों की मौते हो गई थी। वहीं अब कोरोना वायरस के बाद चांदीपुरा वायरस ने कहर मचाना शुरू कर दिया। हालांकि यह वायरस गुजरात में देखने को मिला है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते दिन 13 नए मामले सामने आए थे, वहीं 5 लोगों की मौत भी हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इनमे से किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चांदीपुरा वायरस के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल को जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआइवी) भेजा गया है। राज्य में कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 84 हो गई है, जबकि अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है।
बताया जा रहा है कि नए मामले अहमदाबाद, अरावली, बनासकांठा, सुरेंद्रनगर, गांधीनगर, खेड़ा, मेहसाणा, नर्मदा, वडोदरा और राजकोट से मामले सामने आए हैं। वहीं इस मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने की सलाह दी है। मक्खी-मच्छरों के पनपने वाली जगहों पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए और आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। कूड़े का सही निपटान और उसे खुले में न रखने का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा, शौचालय का सही उपयोग और खुले में शौच न जाने की सलाह दी गई है।
गौर हो कि 1966 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुर गांव में अचानक 15 साल तक के बच्चों की मौत होने लगी थी। इसके बाद इस वायरस का नाम चांदीपुरा रख दिया गया था। उधर, गुजरात में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते मामलों को देख मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इससे जुड़ी जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। हालांकि एमपी में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। मगर गुजरात में मिले संक्रमित मामलों में एक मरीज मध्य प्रदेश का है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग चांदीपुरा वायरस की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार निगरानी की जा रही है।
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Punjab : डायरिया की बीमारी को लेकर डाक्टर ने दी चेतावनी, देखें वीडियो
लुधियाना : मौसम बदलते ही तरह-तरह की बीमारियाँ फैलती है। मौसम बदलते ही डायरिया जैसी खतरनाक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। खासकर डायरिया बच्चों और बुजुर्गों को होने का खतरा रहता है। डायरिया की बीमारी बाहर का खाना खाने और गंदा पानी पीने से फैलती है।
लुधियाना शहर के सिविल सर्जन ने जानकारी देते हुए कहा कि लोगों को बाहर का खाना नहीं खाना चाहिए और पानी उबालकर या फिल्टर वाला पानी पीएं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं करते हैं तो डायरिया की चपेट में आ सकते है। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में डायरिया के मरीजों के लिए सभी तैयारियां पूरी है। फिलहाल दो से पांच केस ही आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में कोई भी भर्ती नहीं है। -

Modi सरकार ने हटाया 58 साल पुराना लगा प्रतिबंध, जानें मामला
नई दिल्ली: भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में शामिल होने पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। दरअसल, गृह मंत्रालय द्वारा एक आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि अब केंद्रीय कर्मचारी भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। केंद्र सरकार ने 1966, 1970 और 1980 में तत्कालीन सरकारों द्वारा जारी उन आदेशों में संशोधन किया है, जिनमें सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की शाखाओं और उसकी अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाई गई थी। वहीं आरएसएस के शताब्दी वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा यह तोहफा माना जा रहा है।
केंद्र सरकार के अधिनिष्ठ कर्मचारी जो संघ के स्वयंसेवक के कार्यक्रमों में शामिल होना चाहते थे, पाबंदियों की वजह से उसमें शामिल नहीं हो सकते थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने सरकार के फैसले पर कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गत 99 वर्षों से सतत राष्ट्र के पुनर्निर्माण एवं समाज की सेवा में संलग्न है। राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता-अखंडता एवं प्राकृतिक आपदा के समय में समाज को साथ लेकर संघ के योगदान के चलते समय-समय पर देश के विभिन्न प्रकार के नेतृत्व ने संघ की भूमिका की प्रशंसा भी की है।” आंबेकर ने कहा, “अपने राजनीतिक स्वार्थों के चलते तत्कालीन सरकार द्वारा शासकीय कर्मचारियों को संघ जैसे रचनात्मक संगठन की गतिविधियों में भाग लेने के लिए निराधार ही प्रतिबंधित किया गया था।
शासन का वर्तमान निर्णय समुचित है और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पुष्ट करने वाला है।”केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में केंद्रीय कर्मचारियों के शामिल होने पर लगी 58 साल पुरानी रोक हटा दी है। बता देें कि आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर कर्मचारियों को कड़ी सजा देने तक का प्रावधान लागू किया गया था। हालांकि, इस बीच मध्य प्रदेश सहित कई राज्य सरकारों इस आदेश को निरस्त कर दिया था, लेकिन केंद्र सरकार के स्तर पर यह आदेश बना हुआ था। 9 जुलाई 2024 को 58 साल का प्रतिबंध हटा दिया गया। बता दें कि ये कानून अटल बिहारी वाजपेई ने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान भी लागू था।
9 जुलाई 2024 को केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सरकारी कर्मचारी RSS की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। यह आदेश गवर्नमेंट इंडिया मिनिस्ट्री आफ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांसेज एंड पेंशन डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनल एंड ट्रेंनिंग डिपार्मेंट की तरफ से जारी किया गया है। आदेश पर डेप्युटी सेक्रेट्री गवर्नमेंट आफ इंडिया की हस्ताक्षर हैं।
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मांगे न पूरी होने पर 31 जुलाई को करेंगे Mega Rally, देखें वीडियो
पंचकूला : हरियाणा सरकार ओर उच्च शिक्षा विभाग की वायदा खिलाफी के कारण एक्सटेंशन लेक्चरर्स वेलफेयर एसोसिएशन 31 जुलाई को पंचकूला में महारैली का आयोजन करेगी। इनकी मुख्य मांग नियमितीकरण और 58 वर्ष की आयु तक रोजगार सुरक्षा है। पिछले लंबे समय से आश्वासन के बाद भी सरकार ने इनकी मांगों को पूरा नहीं किया। इस महारैली में 2 हजार से अधिक एक्सटेंशन लेक्चरर्स भाग लेंगे। एसोसिएशन के प्रधान ईश्वर सिंह ने बताया कि 3 मार्च 2022 को 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स ने अपनी मुख्य मांग नियमितीकरण के लिए पंचकुला में आमरण अनशन किया था।
हरियाणा सरकार के निर्देश पर हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियो ने ये कह कर आमरण अनशन खुलवाया था कि उनकी मांग को जल्द पूरा करवा दिया जाएगा। लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी सरकार और डिपार्टमेंट ने कुछ नही किया है जिसे 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स ओर उनके परिवार का भविष्य अंधकार में चला गया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एक तरफ सरकार कच्चे कर्मचारियो को नियमित या 58 साल रोजगार सुरक्षा करने का आश्वाशन दे रही है और दूसरी तरफ 2450 पोस्ट निकालकर 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स को बेरोजगार करने जा रही है। एसोसिएशन के प्रधान ईश्वर सिंह ने बताया कि सोमवार को हरियाणा की सभी जिलों से एसोसिएशन के राज्यकरकरिणी सदस्यों ने धरना स्थल पर बैठक की ओर सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया और सर्व सहमति से फैसला लिया कि 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स की मुख्य मांग के लिए 31 जुलाई 2024 को पंचकूला में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।एसोसिएशन महिला राज्यकरकरिणी डॉ राधा राठी ओर सीता डागर ने बताया कि 2000 एक्सटेंशन लेक्चरर्स में 1000 नेट/पीएचडी महिला एक्सटेंशन लेक्चरर्स कार्यरत है जो पिछले कई सालों से नियमित होने के लिए सरकार से संघर्ष कर रही है। एसोसिएशन प्रधान ने बताया कि 2014 में भी पिछली सरकार ने कॉलेजो में कार्यरत 400 गेस्ट लेक्चरर्स को पक्का कर दिया था और 2003, 2006 में भी इस तरह की नियमितीकरण की पालिसी बनाई जा चुकी है ओर इसके अलावा हरियाणा सरकार स्कूल लेवल पर गेस्ट टीचर्स को 58 साल का रोजगार सुरक्षा एक्ट बनाकर सुरक्षित कर चुकी है। जब सरकार स्कूल लेवल पर इस तरह की पालिसी लागू कर सकती है तो हायर एजुकेशन में कॉलेज काडर में कार्यरत इलीजिबल एक्सटेंशन लेक्चरर्स पर भी ये 58 साल रोजगार सुरक्षा का एक्ट लागू हो सकता है।
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Curfew जैसे बने हालात, Internet बंद, यात्रा के दोनों ओर पुलिस तैनात
नूंहः हरियाणा के नूंह से बड़ी खबर सामने आई है, जहां आज कावड़ यात्रा के दौरान कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए है। दरअसल, पिछली बार हुई हिंसा के बाद आज पांडवकालीन शिव मंदिरों में कर्फ्यू जैसे हालातों के बीच ब्रजमंडल यात्रा निकाली जा रही है। बताया जा रहा है कि यह यात्रा नलहड़ेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के बाद शुरू हुई है और यह यात्रा फिरोजपुर झिरका के झिरकेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
कहा जा रहा है कि यात्रा 80 किलोमीटर लंबी है और जलाभिषेक के बाद पुन्हाना के सिंगार श्रृंगेश्वर महादेव मंदिर में यात्रा संपन्न होगी। वहीं इस यात्रा को लेकर प्रशासन की तरफ से 5 घंटे का समय तय किया गया है। यात्रा में शामिल गाड़ियों को एक साथ जाने के बजाय अलग-अलग जा रही हैं। बता दें कि बीते दिन हिंसा के आशंका को लेकर प्रशासन ने द्वारा कल शाम से आज शाम 6 बजे तक इंटरनेट बंद किया है।
वहीं नूंह में 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। अरावली की पहाड़ियों की ड्रोन के जरिए निगरानी की जा रही है। यात्रा को दोनों तरफ से पुलिस ने सिक्योरिटी कवर दिया है। वहीं ऑल इंडिया इमाम ऑर्गेनाइजेशन के चेयरमैन डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी ने कल कहा कि पिछली बार हिंसा की वजह से मुस्लिमों पर लगे दाग मिटाने के लिए इस यात्रा को कामयाब बनाने का यह अच्छा समय है।
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Jalandhar: Car से 3 करोड़ रुपए बरामद होने को लेकर पुलिस ने किया खुलासा, देखें Live
जालंधर, ENS: 40 क्वार्टर के पास नाकेबंदी दौरान बीते दिन क्रेटा कार से करोड़ों रुपए बरामद होने का मामला सामने आया था। वहीं इस मामले को लेकर आज ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर संदीप शर्मा ने अहम खुलासे किए है। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के नेतृत्व में जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने हवाला कारोबार में शामिल एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3100 अमेरिकी डॉलर सहित लगभग 3 करोड़ रुपये बरामद किए है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए ज्वाइंट सीपी ने कहा कि उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस स्टेशन नवी बारादरी की टीम टी-प्वाइंट बशीरपुरा जालंधर के पास चेकिंग कर रही थी। उन्होंने बताया कि पुलिस को विश्वसनीय सूत्र से सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी शहर में अवैध हथियार, शराब और नशीली दवाएं बेच रहे हैं। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने एक क्रेटा कार को जांच के लिए रोककर पुनीत सूद उर्फ गांधी पुत्र राज देव निवासी होशियारपुर को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया का आरोपी हवाला राशि की डिलवरी देने के लिए के जा रहा था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से 2,93,05,800 रुपये, 3100 विदेशी मुद्रा (अमेरिकी डॉलर) बरामद की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने एफआईआर 178 दिनांक 21-07-2024 के तहत 21,22,27-ए एनडीपीएस एक्ट, 61/1/14 एक्साइज एक्ट, 25/27(1)/54/59 आर्म्स एक्ट, पी.एस. न्यू बारादरी जालंधर के तहत मामला दर्ज किया है।
ज्वाइंट सीपी ने कहा कि पुलिस हवाला धन के पैसों को मूल उत्पत्ति और ठिकाने का पता लगा रही है और विवरण जल्द ही साझा किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी के संबंध का पता लगाया जा रहा है कि उसने हवाला का पैसा कहां से इकट्ठा किया है और कहां पहुंचाया है, इसकी जांच की जा रही है। ज्वाइंट सीपी ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों और ऐसे मामलों में कानून अपना काम करेगा।
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चलती Train से निकला धुआं, यात्रियों में मचा हड़कंप
नई दिल्ली: बरेली से दिल्ली जा रही एक ट्रेन से गत रात अचानक धुआं निकलने लगा। इस दौरान लोग डर गए और चीख-पुकार मच गई। यह देखकर ट्रेन के जनरल डिब्बे में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। जिसके बाद ट्रेन को पास के गुमथल स्टेशन पर ट्रेन को रोक दिया गया। इसके बाद सभी लोग ट्रेन से बाहर निकल आए। यहां आधे घंटे तक ट्रेन रुकी रही।
इसके बाद ट्रेन को रात 8.40 बजे यहां से रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन की अच्छे से जांच पड़ताल की गई गुमथल रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने बताया कि किसी ने कोच के अंदर लगे आग बुझाने वाली मशीन के साथ छेड़छाड़ की थी। इसके बाद वह लीक होने लगा। जब ट्रेन स्टेशन पर आई तो जनरल कोच के अंदर से धुआं निकलता दिखाई दे रहा था। इस कारण ट्रेन में सवार यात्री डर गए थे और अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
स्टेशन मास्टर ने बताया कि जनरल डिब्बे में लगे अग्निशमन यंत्र के साथ किसी ने छेड़छाड़ कर दी। इसके बाद उससे धुआं जैसा फॉग निकलने लगा। यात्रियों ने आग बुझाने वाली मशीन से रिसने वाली धुंध को ही धुआं समझ लिया और सुरक्षित बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। बता दें कि इस स्टेशन पर ट्रेन सिर्फ दो मिनट के लिए रुकती है। इस घटना के बाद गाड़ी गुमथल स्टेशन पर आधे घंटे तक रुकी रही।
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Punjab: बच्चों की गलती पर अभिभावकों पर होगी कार्रवाई, देखें वीडियो
अमृतसर: ट्रैफिक नियमों की उल्लंघना करने वालों पर पुलिस सख्त होने जा रही है। अगर कोई नाबालिग दोपहिया वाहन चलाता पकड़ा गया तो पुलिस उसके अभिभावकों पर कार्रवाई करेगी औऱ 25 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। अमृतसर ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए अमृतसर के न्यू फ्लावर पब्लिक स्कूल से अभियान की शुरुआत की है। जिसके चलते स्कूल मैनेजमेंट के चेयरमैन हरपाल सिंह यूके ने पंजाब सरकार के इस फैसले की सराहना की।
न्यू फ्लावर पब्लिक स्कूल के चेयरमैन ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इस अभियान की शुरुआत हमारे स्कूल से की गई है। अभियान से बच्चों को जागरूक किया गया है, उम्मीद है कि बच्चों के माता-पिता भी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे और बच्चों को वाहन देने से परहेज करेंगे। जिससे बच्चे के साथ सड़क हादसों में कमी आएगी। हालांकि, अगर माता-पिता या बच्चे इस आदेश का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें जुर्माना लगाया जाएगा।अमृतसर पुलिस के एडीसीपी ट्रैफिक हरपाल सिंह ने बताया कि यह जागरूकता पाठशाला एडीजीपी के आदेश पर शुरू की गई है। आने वाले समय में अन्य स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों और स्कूल प्रबंधन को इसके बारे में जागरूक किया जाएगा। अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसका रजिस्ट्रेशन एक साल के लिए रद्द कर दिया जाएगा।
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Jalandhar: निजी School में बच्चा हुआ बेहोश, आनन-फानन में स्कूल किया बंद
जालंधर, ENS: गुरु नानकपुरा इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में 6ठीं कक्षा के छात्रों में लंच के दौरान झड़प होने आरोप लगे है। आरोप है कि 2 छात्रों की लड़ाई के बाद एक छात्र बेहोश हो गया। स्कूल के परिजनों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। वहीं उसे उपचार के लिए अस्पताल में ले जाया गया। बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
बच्चे के माता पिता का आरोप है कि जब वह बच्चे का सिर फटा हुआ था, किसी ने उसके सिर पर हमला किया है। उधर, इस घटना को लेकर कहा जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में आकर सभी बच्चों को घर भेजकर स्कूल को बंद कर दिया। वहीं मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चों की आपसी लड़ाई में छात्र को चोट लगी है। हालांकि इस मामले को लेकर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।