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  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुटों में हुई झड़प, वीडियो वायरल

    कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुटों में हुई झड़प, वीडियो वायरल

    ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कांग्रेस के दो गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान लाठी-डंडों का भी जमकर इस्तेमाल हुआ। दोनों गुट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह के स्वागत के लिए जमा हुए थे। इस घटना पर भाजपा ने जमकर तंज कसा है। मामला बुधवार का है, जब जयवर्धन सिंह ग्वालियर पहुंचे। उनके स्वागत के लिए बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन पर जमा थे। इनमें कांग्रेस नेता संजय यादव और पार्षद माटू यादव के समर्थक अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान दोनों गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। रेलवे स्टेशन पर दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ, धक्का-मुक्की भी हुई। वहां किसी तरह मामला शांत कराया गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, जयवर्धन सिंह बाद में एक होटल में पहुंचे। वहां भी दोनों गुटों के कार्यकर्ता जमा हुए और माटू यादव के समर्थकों ने वहां लाठी-डंडों से संजय यादव के समर्थकों के साथ मारपीट की। संजय यादव के समर्थक भी मारपीट पर उतारु थे। पूर्व मंत्री लाखन सिंह व पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष अशोक सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं को समझाया। बाद में किसी तरह मामला शांंत हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

    भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा- ग्वालियर में दिखे कांग्रेसी संस्कार, बेहद शर्मनाक। कमलनाथ गुट और दिग्विजय सिंह गुट के नेता आपस में भिड़े। पूर्व मंत्री के साथ गाली-गलौज, हथियार निकले, लाठी-हॉकी निकली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह भी मौके पर मौजूद।

  • ICC Cricket World से एक और टीम हुई बाहर, फूट-फूटकर रोने लगा ये खिलाड़ी

    ICC Cricket World से एक और टीम हुई बाहर, फूट-फूटकर रोने लगा ये खिलाड़ी

    नई दिल्ली: स्कॉटलैंड की जीत और मेजबान जिंबाब्वे का सपना चकनाचूर हो गया। स्कॉटलैंड ने न केवल जिम्बाब्वे को हराया बल्कि विश्व कप में स्थान की दौड़ से भी बाहर कर दिया। स्कॉटलैंड के पास अब भारत में विश्व कप खेलने का मौका है। श्रीलंका की टीम पहले ही क्वालीफाई कर ली है। जिम्बाब्वे को हार का सामना करना पड़ा। इस बीच सोशल मीडिया पर एक फोटो तेजी से वायरल हो रही है। जिम्बाब्वे खिलाड़ी सिकंदर रजा बाहर होने के बाद आंसू नहीं रोक सके। फूट-फूट कर रोने लगे। कई फैंस ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कई ने कहा कि आगे के बारे में सोचिए। रजा ने 40 गेंद में 34 रन बनाया, लेकिन जीत नहीं दिला सके।

    माइकल लीस्क के आलराउंड प्रदर्शन और क्रिस सोल की शानदार गेंदबाजी से स्कॉटलैंड ने विश्व कप क्वालीफायर्स के सुपर सिक्स के मैच में मेजबान जिंबाब्वे को 31 रन से हराकर भारत में अक्टूबर-नवंबर में होने वाली प्रतियोगिता में जगह बनाने की अपनी उम्मीदों को पंख लगाए। जिंबाब्वे इस मैच में हार से विश्व कप में जगह बनाने की दौड़ से लगभग बाहर हो गया है। स्कॉटलैंड के अब छह अंक हो गए हैं और वह श्रीलंका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जिंबाब्वे के भी छह अंक हैं लेकिन उसने अपने सभी मैच खेल लिए हैं और उसका नेट रन रेट भी अच्छा नहीं है।

    स्कॉटलैंड ने टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 234 रन बनाए। उसकी तरफ से लीस्क ने सर्वाधिक 48 रन बनाए। उनके अलावा मैथ्यू क्रॉस ने 38, ब्रैंडन मैकमुलेन ने 34 और जॉर्ज मुंसे ने 31 रन का योगदान दिया। जिंबाब्वे के लिए सीन विलियम्स ने तीन विकेट लिए। जिंबाब्वे के लिए यह अपेक्षाकृत छोटा लक्ष्य भी पहाड़ जैसा बन गया और उसकी टीम रेयान बर्ल की 83 रन की पारी के बावजूद 41.1 ओवर में 203 रन पर सिमट गयी। स्कॉटलैंड की तरफ से सोल ने तीन जबकि लीस्क और मैकमुलेन ने दो – दो विकेट लिये। सोल को मैन ऑफ द मैच चुना गया। 

  • केदारनाथ में ‘प्रपोज का वीडियो हुआ वायरल’, समिति ने लिया एक्शन

    केदारनाथ में ‘प्रपोज का वीडियो हुआ वायरल’, समिति ने लिया एक्शन

    उत्तराखंड: सोशल मीडिया पर अक्सर नए-नए आइडिया के साथ क्रिएटिव वीडियो वायरल होते रहते हैं। सोशल मीडिया के जामने में आज-कल यूट्यूबर्स कई तरह के वीडियो बनाते हैं जो सोशल मीडिया पर तो काफी हिट साबित होते हैं लेकिन समाज में इन्हें लेकर बवाल खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक वीडियो आस्था का स्थान केदारनाथ धाम का वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बाबा केदारनाथ धाम पहुंचकर एक कपल ने वीडियो बनाया जिसमें वह लड़की लड़के को प्रपोज कर रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद उत्तराखंड में केदारनाथ मंदिर के पुजारियों ने ऐसे वीडियो बनाने वाले लोगों पर आपत्ति जताई है। पुजारियों का कहना है कि ऐसे स्थान पर ऐसी वीडियो बनाने से उस जगह की धार्मिक पवित्रता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। गौरतलब है कि मंदिर समिति ने पुलिस से ऐसे वीडियो बनाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। 

    क्या है वायरल वीडियो?

    दरअसल, वायरल वीडियो में एक यूट्यूबर महिला अपने बॉयफ्रेंड के साथ केदारनाथ मंदिर के पास घूमती नजर आ रही है। बाद में वह घुटनों के बल बैठ जाती है और अपने बॉयफ्रेंड को अंगूठी देकर प्रपोज करती है। उसके प्रस्ताव से आस-पास चल रहे लोग आश्चर्यचकित रह गए और कुछ लोगों ने इसे अपने फोन पर रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद केदारनाथ मंदिर समिति ने इस पर नाराजगी जताई और ऐसे वीडियो को धार्मिक स्थलों पर करने से आपत्ति जताई। 

    सख्त कार्रवाई की मांग 

    इस वीडियो के जवाब में बद्री-केदारनाथ मंदिर समिति ने पुलिस को पत्र लिखकर ऐसे वीडियो बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। समिति ने कहा कि यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर प्रभावशाली लोग केदारनाथ मंदिर के पास वीडियो बना रहे थे और भारत और विदेश में भक्तों की भावनाओं को आहत कर रहे थे। समिति का मानना ​​था कि ऐसे वीडियो केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

    समिति के कार्यकारी अधिकारी रमेश चंद्र तिवारी ने पुलिस से उन लोगों पर नजर रखने को कहा है जो धार्मिक भावनाओं के खिलाफ यूट्यूब शॉर्ट्स और रील बनाते हैं। वहीं, दूसरी ओर वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद, इस पर कई प्रतिक्रियाएं आ रही है। कई लोगों ने वीडियो का समर्थन किया तो कई इसके विरोध में खड़े होकर बोल रहे हैं। वीडियो ने ट्विटर पर भी बहस छेड़ दी है कि क्या शादी के प्रस्ताव के लिए मंदिर सही जगह है।

    जबकि कुछ लोगों को इस भाव में कुछ भी गलत नहीं लगा, इंटरनेट के एक बड़े वर्ग ने इसे अपमानजनक पाया। आलोचकों ने बताया कि ऐसे कार्यों के कारण केदारनाथ मंदिर की पवित्रता से समझौता किया गया था।

  • बारिश से मची हाहाकार, सड़कों से स्कूलों तक पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई पर बना संकट

    बारिश से मची हाहाकार, सड़कों से स्कूलों तक पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई पर बना संकट

    दतिया: मानसून आने के बाद आसमान से बरसी बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। मध्यप्रदेश के दतिया की तहसील इंदरगढ़ में बारिश का पानी मुसीबत बना हुआ है। कल मंगलवार को आई बारिश से जो हालात नजर आए वह बेहद चिंताजनक है। तेज आंधी के साथ आई बारिश से घरों में पानी भरा गया तो वहीं स्कूलों के अंदर पानी भर जाने के कारण मुसीबत खड़ी हो गई है। स्कूल के बच्चे स्कूल में पानी भर जाने के कारण बेहद परेशान है। सरकारी दफ्तर सहित स्कूल के कमरों में अथवा प्रवेश द्वार पर बारिश का पानी भरा हुआ है।

    बारिश का पानी तहसील इलाके के कई गरीब बस्तियों में अपना कहर ढाया और कई लोगों के कच्चे घर जमींदोज हो गए। स्कूल में कक्षा छठवीं, सातवीं एवं आठवीं के बच्चों को वितरित होने के लिए आई किताबें भी पानी में तरबतर हो गई। नगरवासी इसे नगर परिषद की नाकामी मान रहे है। तीसरे दल के रूप में उभर रही आम आदमी पार्टी के नेता नपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नपा को दोषी ठहरा रहे है।

    तहसील इंदरगढ़ के विद्यालय में सब कुछ पानी पानी हो गया। विद्यालय के कमरों एवं रास्तों में कमर तक पानी भरा हुआ है। स्कूल का रिकॉर्ड भी पानी में तैरता हुआ नजर आ रहा है। विद्यालय के प्राचार्य राजीव छारी स्कूल में भरे बारिश के पानी से लोग बेहद परेशान नजर आए। कक्षा छठवीं, सातवीं एवं आठवीं में पढ़ रहे बच्चों को वितरित होने वाली सरकारी किताबें भी पानी से खराब हो गई। स्कूल में नालियां पूरी तरह से चौक हो गई हैं और विद्यालय के प्राचार्य तहसील इंदरगढ़ नगर परिषद पर आरोप मढ़ रहे है।  इसी बीच कक्षा छठवीं में पढ़ने वाली ज्योति स्कूल में पानी भर जाने के कारण घर लौट कर जाती नजर आई। उसे यह नहीं पता कि यह पानी कितने दिन में खाली होगा।

    तहसील इंदरगढ़ में बारिश ने हर तरफ मुसीबत खड़ी कर दी लोगों के घरों में पानी आ गया जहां देखो वहीं तालाब जैसे हालात बन गए हैं । दतिया निवासी सुहानी का कहना है कि बारिश के मौसम में इस प्रकार के हालात बन जाते हैं। कई मर्तबा बारिश का पानी घरों में भर जाने की शिकायत वे लोग कर चुके हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। वहीं ग्रामिण महिला कमला बाल्मिक ने बताया कि वे तकरीबन 12 साल से वह कच्चे घर में रह रही है लेकिन तेज बारिश आने से उसका घर ढह गया अब रहने को जगह नहीं। कोई मुसीबत में सुनने वाला नहीं। सरकारी आवास की सुविधा इनको नहीं मिली है। बारिश ने नगर परिषद के दावों की पोल खोलकर रख दी है। करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाने के बाद भी नालों की सफाई न होने के कारण नगर में जल भराव की स्थिति बन गई है।

  • पंजाबः अस्पताल में 6 वर्षीय बच्ची की मौत, परिजनों का आरोप डॉक्टर जन्मदिन मनाने में रहे व्यस्त

    पंजाबः अस्पताल में 6 वर्षीय बच्ची की मौत, परिजनों का आरोप डॉक्टर जन्मदिन मनाने में रहे व्यस्त

    अमृतसरः गुरु नानक देव अस्पताल का बेबे नानकी वार्ड एक बार फिर विवादों में घिर गया है। तरनतारन के पट्टी के एक परिवार ने 6 वर्षीय बच्ची को इलाज के लिए भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों द्वारा उसकी देखभाल न करने के कारण उसकी मौत हो गई। मृतक बच्ची के पीड़ित परिवार ने बताया कि 6 वर्षीय इकलौती बच्ची को इलाज के लिए गुरु नानक देव अस्पताल के बेबे नानकी वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों द्वारा इलाज नहीं करने के कारण उनकी बेटी की मौत हो गई।

    परिवार ने आरोप लगाया कि बेटी इलाज के लिए तड़पती रही लेकिन डॉक्टर उसका इलाज करने के बजाय उसका जन्मदिन मनाते रहे। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और पुलिस में शिकायत भी दर्ज करायी गई है।इस संबंध में डॉक्टर ने बताया कि बच्ची का इलाज चल रहा है, हालत खराब होने के कारण बच्ची को रेफर कर दिया गया है। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली, जिसके बाद मामले की जांच की जा रही है। यह बात सामने आई है कि बच्ची को चंडीगढ़ रेफर किया गया था और वे बच्ची को वापस ले आए हैं, लेकिन मामले की जांच चल रही है।

  • शर्मनाक: पुलिस ने महिला को कार के बोनट पर बांधकर घसीटा, हुआ सस्पेंड, वीडियो वायरल

    शर्मनाक: पुलिस ने महिला को कार के बोनट पर बांधकर घसीटा, हुआ सस्पेंड, वीडियो वायरल

    नरसिंहपुरः मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में पुलिस का शर्मनाक और अमानवीय चेहरा सामने आया है। बता दें कि, यहां पुलिसकर्मी ने एक महिला को अपनी कार के बोनट में बांधकर करीब 500 मीटर घसीटा है। बताया जा रहा है कि, महिला का कसूर सिर्फ ये था कि, वो स्मैक तस्करी के आरोप में पकड़े गए अपने बेटे को छोड़ देने की गुहार लगाने थाने चली गई थी। इलाके में मौजूद लोगों ने पुलिस की इस शर्मनाक करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। मामले पर अब कांग्रेस भी प्रदेश सरकार पर हमलावर हो गई है।

    बताया जा रहा है कि, बुजुर्ग महिला के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए इस शर्मनाक कृत्य की घटना सोमवार शाम की है। हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा बनाया गया वीडियो मंगलवार को वायरल हुए है। जिसके बाद पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए हैं। वीडियो सामने आने के बाद नरसिंहपुर एसपी ने आरोपी गोटेगांव थाने के संबंधित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश भी दे दिए गए हैं।

  • पंजाबः मुख्तार अंसारी के बेटों के नाम जमीन को लेकर पीड़ित परिवार ने किया बड़ा खुलासा

    पंजाबः मुख्तार अंसारी के बेटों के नाम जमीन को लेकर पीड़ित परिवार ने किया बड़ा खुलासा

    रोपड़ः  उत्तर प्रदेश के बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटों के नाम पर रोपड़ के गांव सनाणा में पंजाब वक्फ बोर्ड की जमीन लीज पर देने के मामलों को लेकर बीते दिन सीएम मीडिया को बताया था। इस मामले को लेकर सीएम मान ने कैप्टन अमिरंदर सिंह पर निशाना साधते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। इससे पहले आप सरकार ने रंगदारी के आरोप में रोपड़ जेल में रहे मुख्तार अंसारी को कांग्रेस सरकार के समय वीआईपी सुविधाएं देने के आरोप लगा रही है। दरअसल, पंजाब वक्फ बोर्ड की लगभग 20 एकड़ जमीन मुख्तार अंसारी के बेटे तथा भतीजे के नाम पर लीज करने की चर्चा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छेड़ा था। 

    इस जमीन पर कृषि करने वाले परिवार का कहना है कि प्रशासन और पुलिस ने दबाव डाल कर उनसे इस जमीन का कब्जा मुख्तार अंसारी को दिलवाया है। जमीन पर खेती करने वाले परिवार के सदस्य जगतिंदर सिंह, जसपाल कौर, जसमेर सिंह, गुरदयाल सिंह, गुरचरन सिंह तथा कुलवंत सिंह ने कहा कि उनके परिवार का गुजारा इसी जमीन से चलता था और इस जमीन पर वह 1960 से कृषि करते आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बंजर जमीन को उनके बुजुर्गों ने आबाद कर कृषि योग्य बनाया, पर अब इस जमीन का कब्जा उनसे ले लिया गया। परिवार का कहना है कि प्रशासन व पुलिस ने उन पर दबाव डाल कर यह कब्जा लिया है।

    इस वजह से उनके परिवार के एक बुजुर्ग की मौत हो गई और दूसरा बुजुर्ग तनाव में है। इस परिवार ने मांग की है कि उन्हें इस जमीन का कब्जा दोबारा दिलवाया जाए। वह वक्फ बोर्ड को बनती जायज लीज राशि भी देने के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि पहले इस जमीन पर कृषि करने वाला परिवार वक्फ बोर्ड को जमीन की बनती लीज राशि नहीं दे रहा है, जिसके चलते इस संबंध में अदालत में भी केस चलता रहा। बाद में केस वक्फ बोर्ड के पक्ष में होने के बाद यह जमीन की लीज मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी तथा भतीजे उमर अंसारी के नाम हो गई। अब इस पर सीएम भगवंत मान ने सवाल खड़े कर नई चर्चा छेड़ दी है। 

  • चलती कार में लगी भीष्ण आग, बाल-बाल बचा परिवार, देखें वीडियो

    चलती कार में लगी भीष्ण आग, बाल-बाल बचा परिवार, देखें वीडियो

    चंडीगढ़ः सेक्टर 27 लाइट प्वाइंट के पास एक कार में आग लग गई। यह घटना मंगलवार रात की है। जब चलती एक लाल रंग की मारुति स्विफ्ट कार में अचानक आग लग गई। लोगों ने तुरंत चंडीगढ़ पुलिस और फायर डिपार्टमेंट को सूचना दी। जिस के तुरंत बाद चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं समय रहते चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया फायर स्टेशन से आग पर काबू पाने के लिए फायर टेंडर भी पहुंच गया। गाडी में 2 बच्चों समेत 5 लोग सवार थे। 

    मौके पर पहुंची चंडीगढ़ पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत ट्रैफिक को रोका और फायर डिपार्टमेंट के कर्मियों ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। हादसे में किसी को कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। कार हिमाचल से आ रही थी। जानकारी के मुताबिक यह कार हिमाचल से आ रही थी कि अचानक शॉर्ट सर्किट होने के कारण सेक्टर 27 लाइट पाइंट के पास आग की चपेट में आ गई। पहले कार से धुआँ निकलना शुरू हुआ तभी कार में बैठे सभी लोग बाहर आ गए थे। जिस से बड़ा हादसा होने से टल गया।

    कार के मालिक का नाम विजय कुमार बताया जा रहा है। जिस समय ये हादसा हुआ उस समय कार में कुल 2 छोटे बच्चों समेत 5 लोग सवार थे। फायर डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के मुताबिक मौके पर फायरमैन रमेश कुमार, रोमन, सुमित रंगी, रजत चौधरी ने 10 मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया गया।

  • हिमाचल बारिश से लोगों के घरों में घुसा पानी, तेज बहाव में बही गाड़ियां, देखें वीडियो

    हिमाचल बारिश से लोगों के घरों में घुसा पानी, तेज बहाव में बही गाड़ियां, देखें वीडियो

    ऊनाः हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में बुधवार सुबह हुई भारी बारिश के बाद स्वां नदी के साथ लगती सभी खड्डें उफान पर हैं। खड्डों में एकाएक जलस्तर बढ़ गया। गांवों में लोगों के घरों में बारिश का पानी जा घुसा। सड़कें लबालब हो गईं। हरोली थाने के साथ लगती खड्ड में एक स्कॉर्पियो गाड़ी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गई। गाड़ी काफी दूर तक बहती चली गई। गनीमत रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। गाड़ी के चालक ने छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।


    हरीश निवासी सेंसोवाल अपने पिता को हरोली तहसील के पास छोड़कर घर वापस जा रहा था। इस दौरान खड्ड को पार करते समय अचानक जलस्तर बढ़ गया। हरीश ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गाड़ी के बोनट पर आकर छलांग लगा अपनी जान बचाई। गाड़ी काफी दूर तक बहती चली गई। बता दें कि ऊना के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को तेज बारिश हुई है। इससे हरोली के साथ अंब, गगरेट, दौलतपुर चौक और अन्य क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है।

    मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में आज से आठ जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई क्षेत्रों में गर्जना के साथ भारी बारिश होने के आसार हैं। मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। बीते दिनों हुई बारिश से प्रदेशभर में 33 सड़कें अभी बंद पड़ी हैं। प्रशासन ने पर्यटकों व आम लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है। वहीं लाहौल की चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से जरसथ व जोबरंग में किसानों के खेतों व बगीचों से नदी का पानी बह रहा है।

  • पंजाबः लोगों को बड़ी राहत, CM मान ने एक और टोल प्लाजा किया फ्री, देखें वीडियो

    पंजाबः लोगों को बड़ी राहत, CM मान ने एक और टोल प्लाजा किया फ्री, देखें वीडियो

    मोगाः लोगों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज गाँव चन्दपुराना के नज़दीक मोगा-कोटकपूरा रोड पर राज्य में 10वां टोल प्लाज़ा बंद करवाया। पंजाब में अब तक 10 टोल प्लाज़े बंद होने से आम लोगों की रोज़मर्रा के 44. 43 लाख रुपए की बचत हो रही है। सिंघावाला टोल प्लाज़ा बंद करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 10 टोल प्लाजों से निकलने के मौके पर लोगों को रोज़मर्रा के 44.43 लाख रुपए टोल के तौर पर अदा करने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि अब यह टोल बंद होने से लोगों को बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिली है। भगवंत मान ने कहा कि मोगा-कोटकपूरा मार्ग पर पड़ते इस सिंघावाला टोल प्लाज़े से निकलने के मौके पर लोगों को रोज़मर्रा के 4.68 लाख रुपए टोल देना पड़ता था जिस कारण टोल बंद होने से लोगों के यह पैसे अब बचेंगे।


    मुख्यमंत्री ने दुख ज़ाहिर किया कि वास्तव में यह टोल प्लाज़े आम लोगों को लूटने वाली दुकानें हैं। उन्होंने कहा कि इन टोल प्लाज़ों ने लोगों का आर्थिक शोषण करने के लिए सरकार के साथ हुए समझौतों के नियमों की जी भर कर धज्जियाँ उड़ाई हैं। भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत हैरानी वाली बात है कि पिछली सरकारों ने लोगों के हित में टोल प्रबंधकों पर कोई कार्यवाही करने की बजाय उल्टा इनको संरक्षण दिया और लोगों की होती लूट की तरफ जानबुझ कर कोई ध्यान नहीं दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे लोग अपने हितों की रक्षा के लिए सरकारें चुनते हैं परन्तु सत्ता में अंधे हुए राजनीतिज्ञों ने ऐसे डिफलटरों को सिर्फ़ अपने स्वार्थों के लिए ढाल बनाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने इन टोल प्लाजों की कमियों को नजरअन्दाज किया और आम लोगों की परवाह किये बिना इनको ग़ैर- कानूनी ढंग के साथ पैसा वसूलने की छूट दी। भगवंत मान ने कहा कि अब तक बंद किये गए किसी भी टोल प्लाज़े पर समझौते में व्यवस्था होने के बावजूद एंबुलेंस या रिकवरी वैन की सुविधा नज़र नहीं आई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस टोल प्लाज़ा का समझौता कैप्टन सरकार समय पर 25 सितम्बर, 2006 को हुआ था और साढ़े सोलह सालों के लिए टोल लगाया गया था। उन्होंने कहा कि कंपनी की तरफ से सड़क पर पहली बार कोलतार डालने के काम में 158 दिन की देरी की गई थी जिस कारण कंपनी को 2.48 करोड़ रुपए का जुर्माना किया गया। भगवंत मान ने कहा कि उस मौके की सरकार द्वारा कंपनी से यह जुर्माना कभी भी वसूल नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि समझौते के अंतर्गत यह टोल 10 नवंबर, 2019 को बंद किया जा सकता था क्योंकि जब दूसरी बार कोलतार डालने के काम में फिर देरी की गई थी और इस गलती के लिए कंपनी पर 3.89 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने कहा कि यह समझौते की सरकार उल्लंघन था क्योंकि यदि जुर्माने की रकम 3.11 करोड़ रुपए से अधिक होती है तो सरकार की तरफ से समझौता ख़त्म किया जा सकता था। भगवंत मान ने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि सत्ताधारी लोगों ने कंपनी को नियमों का उल्लंघन करने के लिए खुली छूट दी हो।  

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने इन टोल प्लाजों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की थी, जिस अनुसार यह टोल प्लाज़े बंद कर दिए गए हैं। इसके बारे भ्रामक बयान देने के लिए कांग्रेसी नेताओं पर बरसते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेसी नेता लोगों को यह स्पष्ट करें कि उनके कार्यकाल के दौरान इन टोल प्लाजों को बंद क्यों नहीं किया गया था। भगवंत मान ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस ने इन टोल प्लाजों की सरप्रस्त थी, जिस कारण उन्होंने कभी भी कसूरवार टोल कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि टोल बंद करवाने का उद्देश्य शोहरत कमाना नहीं है बल्कि इसका मनोरथ लोगों को राहत देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह टोल चलाने वाली कंपनी किसान आंदोलन और कोविड महामारी के बहाने मियाद बढ़ाने की माँग कर रही थी परन्तु उनकी सरकार ने इससे साफ़ इन्कार कर दिया।

    उन्होंने कहा कि कंपनी को 60 दिन पहले नोटिस देना ज़रूरी होता है, जिस कारण उन्होंने कंपनी को नोटिस देकर आज टोल प्लाज़ा बंद कर दिया है। भगवंत मान ने कहा कि यह काम पहले हो जाना चाहिए था परन्तु उनसे पहली सरकार के राजनीतिज्ञों ने लोगों के हितों की रक्षा करने के लिए कोई कदम उठाया बल्कि उन्होंने टोल प्लाज़ा का प्रबंध करने वाली कंपनियों के अधिकारों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि लोगों से लूटा गया एक-एक पैसा इन कंपनियों से वसूल किया जायेगा और कानूनी रास्ता अपना कर इन कंपनियों से बकाया राशि भी भरवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि लोगों को राहत देने के लिए आने वाले दिनों में ऐसे और टोल प्लाज़े बंद करवाए जाएंगे। भगवंत मान ने पंजाब के सर्वांगीण विकास और लोगों की खुशहाली को यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराया।