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  • जिला ऊना अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष बने सुरेश अत्री, हरभगवान दास वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत

    जिला ऊना अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष बने सुरेश अत्री, हरभगवान दास वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत

    ऊना,सुशील पंडित: जिला ऊना अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के रिक्त पदों को भरने के लिए सोमवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह, ऊना में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। कर्मचारियों की सर्वसम्मति से सुरेश अत्री को महासंघ का अध्यक्ष तथा हरभगवान दास को वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। दोनों पदों पर नियुक्तियां कर्मचारियों और प्रतिनिधियों की सहमति से की गईं। चुनाव प्रक्रिया चुनाव अधिकारी तारा सिंह और भूपिंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला एवं विभिन्न ब्लॉक कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और संगठन को मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

    कार्यक्रम के दौरान तारा सिंह सुखनाल और भूपिंद्र सिंह को हाल ही में उच्च पद पर पदोन्नति मिलने पर जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की ओर से सम्मानित भी किया गया। उपस्थित कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की। नवनियुक्त अध्यक्ष सुरेश अत्री ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और मांगों को चरणबद्ध तरीके से सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि जल्द ही कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू तथा उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के समक्ष रखा जाएगा, ताकि उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए महासंघ हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएगा और सभी वर्गों के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेगा। बैठक का समापन संगठन की एकजुटता बनाए रखने तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ। इस मौका पर जिला महासचिव राजेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष रमेश ठाकुर, मनजीत सिंह जसवाल, राजीव पाठक, मुकेश धीमान,

    मुकेश जसवाल, ब्लॉक प्रधानों में हरोली से राज कुमार,  अंब से मनोज , ऊना से बलवीर सिंह, गगरेट से रविंद्र कुमार  समेत तमाम प्रतिनिधि मौजूद रहे।

     

  • Punjab News: मजदूरी के पैसे मांगने पर लोहे की रॉड से हमला, पीड़ित परिवार ने लगाया ये आरोप

    Punjab News: मजदूरी के पैसे मांगने पर लोहे की रॉड से हमला, पीड़ित परिवार ने लगाया ये आरोप

    लुधियानाः जिले के गांव हुसैनपुरा में सफाई कर्मियों एक व्यक्ति के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। जहां, एक तरफ जहां सिविल अस्पताल के बेड पर दर्द से कराहते मजदूर लोहे की रॉड से पीटकर टांग तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं,  वहीं व्यक्ति ने इसे विरोधियों की रची हुई एक गंदी राजनीतिक साजिश करार दिया है। पैसे मांगे तो रॉड से पीटकर टांग तोड़ दी सिविल अस्पताल में भर्ती घायल जुगविंदर सिंह और उनके भाई परमजीत सिंह ने आरोप लगाए हैं ,वे पिछले काफी समय से व्यक्ति के कहने पर गांव की नालियों, पार्कों और प्लॉटों की सफाई कर रहे थे। पीड़ितों का दावा है कि रात करीब 8:30 बजे वे अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई (बकाया मजदूरी) मांगने घर गए थे। आरोप है कि उन्हें बाहर से अंदर बुलाया और बिना कोई बात सुने लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जुगविंदर को इतनी बुरी तरह पीटा गया कि उसके पैर की हड्डी टूट गई। मुंह बंद रखने के लिए 5 हजार का दिया ऑफर पीड़ित परिवार का आरोप है कि अगली ही सुबह मामले को रफा-दफा करने के लिए व्यक्ति ने अस्पताल भेजा। उसने इलाज के नाम पर 5,000 रुपये देने की पेशकश की और मामले को खत्म करने का दबाव बनाया। पीड़ितों ने पैसे ठुकरा दिए हैं और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। व्यक्ति ने सभी आरोपों को किया खारिज दूसरी तरफ विवादों के घेरे में आए व्यक्ति ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ा सियासी ड्रामा बताया है। मेडिकल रिपोर्ट खोलेगी राज इस हाई-प्रोफाइल विवाद में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों ने मामले को पूरी तरह से उलझा दिया है। जहां पीड़ित न्याय के लिए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं व्यक्ति ने इसे पूरी तरह से एक राजनीतिक स्टंट बताया है। अब पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट ही यह साफ कर पाएगी कि नशे में गिरने से लगी चोट है जिसे सियासी रंग दिया जा रहा है  
  • Punjab News: खुदाई के दौरान मिला पुराना बम, इलाके में मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    Punjab News: खुदाई के दौरान मिला पुराना बम, इलाके में मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    फिरोजपुरः जिले के हुसैनीवाला सीमावर्ती इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब विकास कार्य के दौरान खुदाई करते समय जमीन के अंदर से एक पुराना बम मिला। यह घटना गांव झुग्गे हजारा सिंह की ढाणी के पास की है। बम मिलने की सूचना मिलते ही काम को तुरंत रोक दिया गया और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई।

    मजदूरों ने देखा संदिग्ध सामान
    मिली जानकारी के अनुसार, गांव में विकास से जुड़ा काम चल रहा था। खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन के अंदर एक संदिग्ध धातु की वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर शक हुआ कि यह कोई पुराना बम हो सकता है। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बिना किसी देरी के पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस और सेना ने संभाला मोर्चा
    सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और सेना की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। आसपास के लोगों को भी एहतियात के तौर पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा गया।

    बम की जांच में जुटी टीम
    सेना और पुलिस की टीम बरामद हुए बम की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर इसे पुराना बम माना जा रहा है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि यह बम कितने समय से जमीन में दबा था और किस समय का है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।

    लोगों से सावधानी बरतने की अपील
    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को कहीं भी कोई संदिग्ध या विस्फोटक जैसी वस्तु दिखाई दे, तो उसे हाथ न लगाएं और तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें। फिलहाल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

     

     

  • Punjab News: फास्ट फूड की दुकान पर एसिड अटैक, 2-3 लोग झुलसे, देखें वीडियो

    Punjab News: फास्ट फूड की दुकान पर एसिड अटैक, 2-3 लोग झुलसे, देखें वीडियो

    लुधियानाः शहर के धुरी लाइन इलाके में एक फास्ट फूड की दुकान पर संदिग्ध एसिड अटैक जैसी घटना सामने आई। जहां, इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में दो से तीन लोग झुलस गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है।

    लिफाफा पकड़ते ही फट गया, केमिकल लोगों पर गिरा
    मिली जानकारी के अनुसार, एक बाइक सवार युवक फास्ट फूड की दुकान पर पहुंचा। उसने वहां काम कर रहे एक कर्मचारी को एक लिफाफा देते हुए कहा कि यह उसके लिए लाया गया है। जैसे ही कर्मचारी ने लिफाफा हाथ में लिया, वह अचानक फट गया। लिफाफे के अंदर मौजूद तेज केमिकल जैसा तरल पदार्थ बाहर निकलकर वहां मौजूद लोगों पर गिर गया। इससे दुकान पर मौजूद दो से तीन लोग झुलस गए। अचानक हुई इस घटना से दुकान में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    लोगों ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया
    घटना के बाद आरोपी वहां से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन लोगों ने तुरंत उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।

    पुलिस ने शुरू की जांच
    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही घटनास्थल से सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।

    फोरेंसिक जांच के बाद होगा खुलासा
    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लिफाफे में मौजूद तरल पदार्थ का सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वह वास्तव में एसिड था या कोई दूसरा केमिकल। रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इलाके में दहशत का माहौल
    इस घटना के बाद धुरी लाइन इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनदहाड़े इस तरह की घटना से इलाके की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

     

     

  • 50 लाख रुपये से निर्मित भैनी खड्ड पंचायत सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन

    50 लाख रुपये से निर्मित भैनी खड्ड पंचायत सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन

    हरोली की छह नई पंचायतों में भी शीघ्र होंगे पंचायत भवनों के निर्माण : मुकेश अग्निहोत्री

    ऊना,सुशील पंडित: उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित पंचायत सामुदायिक केंद्र भैनी खड्ड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र में गठित छह नई पंचायतों में भी शीघ्र पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा, ताकि पंचायतों के कार्यों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

    भैनी खड्ड पंचायत में अत्याधुनिक सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके प्रथम चरण में 50 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। वहीं, शेष स्वीकृत राशि से सामुदायिक केंद्र का व्यापक विस्तारीकरण किया जाएगा , जिसमें एक  आधुनिक मीटिंग हॉल सहित अन्य आवश्यक जनसुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इससे पंचायत क्षेत्र के लोगों को सामुदायिक गतिविधियों के आयोजन के लिए एक सुसज्जित एवं सुविधासंपन्न केंद्र मिलेगा।

    इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रणजीत राणा, परिवहन निगम सदस्य अशोक ठाकुर, जिला कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र मनकोटिया, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह, पंचायत प्रधान वंदना देवी, उप प्रधान हैप्पी कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।

     

  • ड़ा.संजीव रनोट ने बद्दी में संभाला बीएमओ का कार्यभार

    ड़ा.संजीव रनोट ने बद्दी में संभाला बीएमओ का कार्यभार

    ड़ा. अनिल आरोड़ा से सेवानिवृत के बाद बीएमओ का पद चल रहा था खाली

    बद्दी, सचिन बैंसल: बद्दी में बीएमओ ड़ा.संजीव रनोट ने  सोमवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वह शिमला के मशोबरा में तैनात थे। बद्दी में बीएमओ ड़ा. अनिल आरो़ड़़ा के 30 जून को सेवानिवृत होने के बाद यह पद खाली था।

    ड़ा. संजीव रनोट ने बताया कि जनता व सीएसआर  के सहयोग से बद्दी में  संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। वर्ष 2019 से 24 तक वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी  के पद पर रह चुके है। अपने अनुभव से दून में सभी राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय कार्यक्रम लागू करने प्रयास रहेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत टीकाकरण, मातृ शिशु  योजना तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रो को एनक्वाज प्रमाण पत्र दिलाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। वह सभी केंद्रो में मेन पावर, दवाईयां व अन्य सुविधाएं दिलाने का प्रयास करेंगे।

    राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय योजनाओं को शत प्रतिशत लागू करने का उनका प्रयास रहेगा। बद्दी में प्रवासी कामगारों की संख्या अधिक है। यहां  पर रहने वाले लोगों के बच्चों के खसरे के टीके लगे है, लेकिन बाहर से आने वाले कुछ प्रवासी कामगार सभी टीके नहीं लगाते है जिससे यहां पर बच्चे भी खसरे जैसी बीमारी से ग्रस्त हो सकते है। उनका प्रयास रहेगा कि बाहर से आने वाली प्रवासी बच्चों को पंचायत व स्थानीय लोगों की मद्द से उनका पंजीकरण करने के बाद इस बात की जांच की जाएगी उनके  बच्चों के टीके लगे या नहीं।

    स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी भी रोगी को उपचार के लिए इनकार नहीं किया जा सकता है, चाहे वह प्रवासी क्यों न हो। प्रवासी गर्भवती महिला मुफ्त टीकाकरण व अन्य सुविधा विभाग की ओर से मुहैया कराई जाती है। जो भविष्य में भी जारी रहेगी। बद्दी नया स्वास्थ्य खंड बना है। शुरूआत में इसे ढर्रे पर लगाने के लिए काफी प्रयास करने होगें और यह सभी संभव है जब लोग उनका सहयोग करेंगे।

    बद्दी के  बीएमओ ड़़ा. संजीव रनोट

     

  • Punjab News: धारदार हथियारों से हमला कर साढ़ू का कत्ल, मां और बेटी घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: धारदार हथियारों से हमला कर साढ़ू का कत्ल, मां और बेटी घायल, देखें वीडियो

    बटालाः जिले के रंगढ़ नंगल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले मन्ना गांव में एक साढ़ू द्वारा दूसरे रिश्तेदार की हत्या का मामला सामने आया है। जहां, बताया जा रहा है कि मन्ना गांव के रहने वाले महिंदर सिंह के बेटे दविंदर सिंह की अपने रिश्तेदार (चाचा के बेटे) आत्मा सिंह के बेटे राज सिंह से संयुक्त परिवार की ज़मीन के विवाद को लेकर पुरानी दुश्मनी थी। कुछ दिन पहले उनके बीच झगड़ा भी हुआ था, लेकिन गांव के बुज़ुर्गों और दोनों परिवारों के रिश्तेदारों ने समझौता करवा दिया था।

    इसी पुरानी रंजिश के चलते, कल राज सिंह ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक योजना बनाई और अपने रिश्तेदार दविंदर सिंह के घर में घुसकर धारदार हथियारों से उस पर हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। गंभीर चोट लगने के कारण दविंदर सिंह की मौत हो गई। मृतक की पत्नी गुरजीत कौर और परिवार के सदस्य गज्जन सिंह ने बताया कि हमलावरों में राज सिंह, उसकी पत्नी और अन्य रिश्तेदार शामिल थे और उन सभी ने दविंदर सिंह पर धारदार हथियारों से बुरी तरह हमला किया।

    गुरजीत कौर ने बताया कि जब हमलावर उनके घर में घुसे, तो वह गुरुद्वारे में माथा टेकने गई हुई थीं, लेकिन उनकी बेटी ने पीछे से आकर उन्हें बताया कि उनके पिता पर हमला हुआ है। जब तक वह घर पहुंचीं, उनके पति दविंदर सिंह पर दरांती से हमला कर उनकी हत्या की जा चुकी थी और दर्दनाक तरीके से उनकी मौत हो गई थी। उनके अनुसार, इस हमले के दौरान हमलावरों ने घर में मौजूद दविंदर की मां कुलवंत कौर और बेटी मनप्रीत कौर को भी घायल कर दिया और घटना को अंजाम देने के बाद वहां से भाग गए। इस बीच, रंगर नंगल पुलिस स्टेशन की सब-इंस्पेक्टर राजवंत कौर ने बताया कि मृतक दविंदर सिंह का शव कब्जे में लेने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल बटाला भेजा गया है।

    मामले में कार्रवाई करते हुए रंगर नंगल पुलिस स्टेशन में राज सिंह समेत 7 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें बनाकर छापेमारी की जा रही है और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

     

     

  • गैंगस्टरों ते वार का 174वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 667 स्थानों पर छापेमारी; 413 काबू

    गैंगस्टरों ते वार का 174वां दिन: पंजाब पुलिस द्वारा 667 स्थानों पर छापेमारी; 413 काबू

    चंडीगढ़: राज्य में चल रहे अभियान ‘गैंगस्टरों ते वार’ के 174वें दिन पंजाब पुलिस ने आज पूरे राज्य में गैंगस्टरों के साथियों के चिन्हित और मैप किए गए 667 ठिकानों पर छापेमारी की। उल्लेखनीय है कि ‘गैंगस्टरों ते वार’— पंजाब को गैंगस्टर मुक्त राज्य बनाने के लिए निर्णायक जंग, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी, 2026 को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव द्वारा की गई थी। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) पंजाब के समन्वय से सभी जिलों की पुलिस टीमें पूरे राज्य में विशेष अभियान चला रही हैं।

    174वें दिन पुलिस टीमों ने 4 हथियारों सहित 413 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिससे अभियान की शुरुआत के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या 48,098 हो गई है। इसके अलावा 293 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीमों ने 4 भगोड़े अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है। लोग, एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 के माध्यम से वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के बारे में गुप्त रूप से रिपोर्ट कर सकते हैं तथा अपराध एवं आपराधिक गतिविधियों संबंधी सूचना भी दे सकते हैं।

    इस दौरान पुलिस टीमों ने नशों के विरुद्ध अपनी मुहिम ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ को 499वें दिन भी जारी रखते हुए आज 45 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 621 ग्राम हेरोइन, 190 नशीली गोलियां तथा 1600 रुपये ड्रग मनी बरामद की गई। इसके साथ ही केवल 499 दिनों में गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 73,596 हो गई है। नशा मुक्ति अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने आज 15 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने एवं पुनर्वास का उपचार करवाने के लिए भी प्रेरित किया है।

     

  • पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नंद किशोर गोयनका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

    पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नंद किशोर गोयनका के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया

    चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के स्पीकर स कुलतार सिंह संधवां ने प्रख्यात समाजसेवी एवं एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्र के पिता नंद किशोर गोयनका के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।स्पीकर संधवां ने कहा कि नंद किशोर गोयनका मानवता की सेवा के प्रति समर्पित एक महान व्यक्तित्व थे। उन्होंने गोयनका की समाज कल्याण तथा गौ-सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

    संधवां ने कहा, “गोयनका जी न केवल दूरदर्शी सोच के धनी थे, बल्कि समाज की उन्नति और अग्रोहा धाम के विकास के लिए भी एक प्रेरक शक्ति थे। उनके निधन से सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में एक बड़ी रिक्तता उत्पन्न हो गई है।”

    स्पीकर ने डॉ. सुभाष चंद्र तथा एस्सेल परिवार के सभी सदस्यों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

     

  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वन विभाग के 516 दिहाड़ीदार कामगारों की सेवाओं को नियमित किया, नियमित हुए कर्मचारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वन विभाग के 516 दिहाड़ीदार कामगारों की सेवाओं को नियमित किया, नियमित हुए कर्मचारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

    चंडीगढ़: ठेका आधारित कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भगवंत सिंह मान सरकार ने आज वन विभाग के 516 दिहाड़ीदार कामगारों की सेवाओं को नियमित किया है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और वन विभाग के 237 अधिकारियों व कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को बहाल करने की भी घोषणा की।

    कर्मचारियों की भलाई और पारदर्शी शासन के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा ठेकेदारी प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है, पूर्ण रूप से मेरिट के आधार पर 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और रंगला पंजाब बनाने के सरकार के लक्ष्य के तहत हर योग्य कर्मचारी को सम्मान, नौकरी की सुरक्षा और बराबर के अवसर मिलते रहेंगे।

    इस समारोह की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स हैंडल पर लिखा: “आज का दिन वन विभाग के कर्मचारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण और खुशी भरा रहा। सालों से इंतजार कर रहे 516 दिहाड़ीदार कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करते हुए हमने उन्हें नियमित नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। इसके साथ ही विभाग के 237 कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को बहाल करने पर भी मुहर लगाई गई है।”

    उन्होंने आगे लिखा, “हमारी सरकार ने ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर दी है और अब तक 68,000 से अधिक युवाओं को नियमित सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। हम रंगला पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”

    एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने कभी भी ऐसी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं किए जिससे किसी कर्मचारी का नुकसान हुआ हो या राज्य या इसके कर्मचारियों को कोई वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा हो। पिछली सरकारों ने कभी भी ठेका आधारित कर्मचारियों का साथ नहीं दिया क्योंकि उन्होंने इन कर्मचारियों द्वारा निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका को कभी समझा ही नहीं। मुझे पूरा भरोसा है कि वन विभाग के कर्मचारी पंजाब के हरे-भरे क्षेत्र को बढ़ाने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान लगातार देते रहेंगे। इसके साथ ही हमारी सरकार पूरे राज्य में वन फॉरेस्ट रेस्ट हाउसों के कायाकल्प के लिए भी सार्थक प्रयास कर रही है।”

    कर्मचारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछली सरकारों के दौरान ऐसे समारोह कभी हुए ही नहीं क्योंकि उस समय सत्ता में बैठे लोग कर्मचारियों के प्रति हमेशा उदासीन रवैये वाले रहे। पर आप सरकार के सत्ता में आने के बाद माहौल बदल गया है। आज लोग ऐसे खुशी के मौकों के गवाह और हिस्सा बन रहे हैं। यह रंगले पंजाब की झलक है और हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही कि लोग ऐसी पहलकदमियों के माध्यम से खुशी और सम्मान का अनुभव करते रहें।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के 65,000 से अधिक ठेका आधारित कामगारों ने राज्य की सेवा में अपनी जिंदगी के कई कीमती साल दिए हैं। आज पंजाब सरकार उन्हें वह दे रही है, जो उनका हक है। अब इन कर्मचारियों और सरकार के बीच कोई ठेकेदार नहीं होगा। अब से इन कर्मचारियों को सीधा रोजगार होगा, जो सम्मानजनक होने के साथ-साथ उन्हें पक्का होने का स्पष्ट रास्ता देगा।”

    सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि हमारी सरकार ने पंजाब के युवाओं को लगभग 68,268 सरकारी नौकरियां दी हैं। पैसे लेने और पक्षपात का दौर खत्म हो गया है। आज योग्य युवाओं को केवल मेरिट और योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार द्वारा की गई एक भी नियुक्ति को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “यह नीति कर्मचारियों के लिए सेवा सुरक्षा की गारंटी देती है क्योंकि हमारी सरकार हर कर्मचारी के हितों और भलाई की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 16 मई, 2023 को अधिसूचित ऐतिहासिक नीति के तहत इस नीति के अंतर्गत आने वाले सभी कर्मचारियों को नौकरी की पूरी सुरक्षा प्रदान की गई है। वे 58 वर्ष की आयु तक बिना किसी बाधा के अपनी नौकरी करते रहेंगे, जिसके बाद वे सामान्य प्रक्रिया के तहत सेवानिवृत्त होंगे।”

    नीति के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जनवरी 2024 में वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, ऐसे सभी कर्मचारियों के लिए एक पारदर्शी और स्पष्ट वेतन संरचना निर्धारित की गई है। इस नीति में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आठवीं कक्षा और ग्रुप सी ड्राइवरों के लिए दसवीं कक्षा निर्धारित की गई है। जो 516 कर्मचारी शैक्षणिक योग्यता के मानदंड पूरे नहीं करते, सरकार द्वारा उन्हें भी बड़ी राहत दी गई है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी योग्य कामगार इस नीति के लाभों से वंचित न रहे।”

    पिछली सरकारों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के लोगों ने उन शासकों को भुला दिया है जिन्होंने उन्हें तवज्जो नहीं दी थी। आज मैं राहत महसूस कर रहा हूं क्योंकि हमारी सरकार ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। वन विभाग के दिहाड़ीदार कामगारों के लिए यह एक ऐतिहासिक दिन है, जिन्होंने कई सालों तक विभाग के लिए अपनी सेवाएं दी हैं और अब वे नियमित कर्मचारियों के रूप में औपचारिक रूप से सरकारी परिवार का हिस्सा बन रहे हैं। मैं उन सभी को दिल से बधाई देता हूं क्योंकि एक सरकारी नौकरी न सिर्फ एक कर्मचारी को बल्कि पूरे परिवार को सुरक्षा प्रदान करती है।”

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आज नियमित किए जा रहे 516 दिहाड़ीदार कामगारों में से कई ने 10 साल से अधिक सेवा निभाई है, जबकि कई ने लगभग 25 साल तक दिहाड़ीदार के रूप में काम किया है। एक दशक से अधिक समय तक विभाग के लिए सेवा करने के बावजूद, कई कामगार निर्धारित शैक्षणिक योग्यताओं और आयु के मानदंडों के कारण 2023 की नीति के तहत योग्य नहीं हो सके थे। इसलिए मंत्रिमंडल ने इन शर्तों में विशेष छूट को मंजूरी दी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी योग्य कामगार नियमित होने के लाभों से वंचित न रहे।”

    वन विभाग के कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा, “वन विभाग के दिहाड़ीदार कामगारों ने पंजाब को हरा-भरा रखने और इसके जंगलों व वन्य जीवों की रक्षा के लिए अमूल्य योगदान दिया है। पिछले चार वर्षों के दौरान वन विभाग में 1,458 दिहाड़ीदार कामगारों को नियमित किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 342 अन्य कर्मचारियों को नियमित नियुक्तियों के माध्यम से भर्ती किया गया है।”

    इस दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए सुरिंदर कौर, जसपाल सिंह, सुरिंदर सिंह, जसबीर कौर, गुरप्रीत सिंह, हालम सिंह, रविकांत और अन्यों ने बताया कि वे कई सालों से विभाग में सेवा निभा रहे हैं लेकिन पिछली किसी भी सरकार ने उनकी भलाई के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से किए हर वादे को पूरा किया है, जबकि पिछली सरकारें उन्हें लगातार नजरअंदाज करती रही। इस फैसले पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सेवाओं के नियमित होने से उनमें और उनके परिवारों में खुशी की लहर है और वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री के हमेशा ऋणी रहेंगे।

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक, वन विभाग के सचिव के.के. यादव और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

    भगवंत मान सरकार ने दिहाड़ीदार कामगारों की सालों की प्रतीक्षा को किया समाप्त, वन विभाग के 516 कर्मचारियों को किया नियमित

    • भगवंत मान सरकार ने अब तक केवल मेरिट के आधार पर 68,228 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जिसमें हर भर्ती पारदर्शी तरीके से और बिना किसी सिफारिश के की गई है। इस आंकड़े में आज नियमित किए गए वन विभाग के 516 कर्मचारी शामिल नहीं हैं।

    • अकेले वन विभाग में ही पिछले चार वर्षों के दौरान 1,458 दिहाड़ीदार कामगारों को नियमित किया गया है, जबकि पिछले पांच वर्षों में नियमित नियुक्तियों के माध्यम से 342 कर्मचारी भर्ती किए गए हैं।

    • सरकार ने विभाग की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए वन विभाग के 237 अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियों को भी बहाल किया है।

    • पंजाब सरकार की 2023 की रेगुलराइजेशन नीति के तहत, योग्य कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा का भरोसा दिया गया है, जिसमें एक पारदर्शी वेतन ढांचा, वार्षिक वृद्धि और जहां भी लागू हो मौजूदा वेतन की सुरक्षा शामिल है।