उपमुख्यमंत्री ने सिविल अस्पताल हरोली में अतिरिक्त 50 बिस्तरों वाले भवन की रखी आधारशिला
ऊना, सुशील पंडित: हरोली के स्वास्थ्य क्षेत्र को एक और बड़ी सौगात देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज सिविल अस्पताल हरोली में अतिरिक्त 50 बिस्तरों वाले भवन की आधारशिला रखी। लगभग 8.42 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन अस्पताल की स्वास्थ्य अधोसंरचना को और सुदृढ़ करेगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भवन का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जिससे हरोली सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर, आधुनिक एवं अधिक सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सिविल अस्पताल हरोली को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है और उसी के अनुरूप अतिरिक्त 50 बिस्तरों के लिए इस भवन का निर्माण किया जा रहा है। भवन तैयार होने के बाद अस्पताल में मरीजों को अधिक व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी तथा बढ़ती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा और विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सिविल अस्पताल हरोली में वर्तमान में 11 चिकित्सक कार्यरत हैं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि हरोली विधानसभा क्षेत्र का कोई भी स्वास्थ्य संस्थान चिकित्सकों के बिना नहीं है। क्षेत्र में ईएसआई अस्पताल खोलने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को और अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
डॉक्टरों के आवास और आधुनिक एंबुलेंस की सौगात
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के लिए आवासों का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा सिविल अस्पताल हरोली को शीघ्र ही लगभग 25 लाख रुपये की लागत वाली पूर्णतः सुसज्जित आधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और अधिक प्रभावी बनेंगी।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेशभर में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव रंजीत राणा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संदीप अग्निहोत्री, जल प्रबंधन बोर्ड के सदस्य पवन ठाकुर, परिवहन निगम सदस्य अशोक ठाकुर, जिला परिषद सदस्य केवल सिंह, सुलिंदर कौर एवं ज्योति बाला, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन ठाकुर, जिला कांग्रेस लीगल सेल के अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद्र मनकोटिया, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत राय, सतीश बिट्टू, विनोद बिट्टू, अतिरिक्त उपायुक्त ईशांत जसवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, हिमकैप्स के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह, प्रमोद कुमार, धर्म सिंह चौधरी, जसपाल जस्सा, मेहताब ठाकुर, सुभद्रा चौधरी, रमन कुमारी, सुरेखा राणा, मधु धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।





वर्तमान सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य चयन आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर केन्द्र सरकार के कार्यकाल में नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ, जिससे देशभर के लाखों युवाओं के सपने हुए चकनाचूर हुए।
सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में देश का नंबर एक राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक सुविधाओं से युक्त सीबीएसई स्कूल स्थापित कर रही है तथा उनमें शिक्षकों की नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को यहां की शिक्षा व्यवस्था पर गर्व होगा।
राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ बना रही है। उन्होंने कहा कि बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में प्रदेश के लोग हर वर्ष उपचार के लिए राज्य से बाहर लगभग एक हजार करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इसे देखते हुए सरकार प्रदेश में एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक मशीनें और उपकरण उपलब्ध करा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं तथा रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की जा चुकी है, जिससे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग भी लाभान्वित हो रहे हैं। राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार गाय का दूध 61 रुपये तथा भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद रही है।
सामाजिक सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाकर उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी राज्य सरकार ने उठाई है। कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। केन्द्र की भाजपा सरकार ने राज्य के आरडीजी का अधिकार छीना और भाजपा सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को भी बंद करने की बात कहती है। फिर लोग भाजपा को वोट क्यों देंगे? उन्होंने कहा कि 2027 में इतिहास बदलेगा।
उनका राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू हुआ और कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा करने का अवसर दिया। कांग्रेस की विचारधारा ने देश को आजादी दिलवाने के साथ-साथ विकास की मजबूत नींव रखी। पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत हुई, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय संस्थानों की स्थापना हुई तथा देश ने विकास के नए आयाम स्थापित किए।
उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जहां राहुल गांधी देशभर में छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू छात्र राजनीति से आगे बढ़कर आज प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं। आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में देशभर में अनेक पेपर लीक हुए, जबकि हिमाचल में वर्तमान सरकार ने पेपर लीक मामलों के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी ज्योतिष एच.एम. ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर विद्यार्थियों और आम जनता को नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सभी सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। इस अवसर पर नीट पेपर के लीक होने के कारण उत्पन्न स्थितियों से 21 मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा।





