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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से करेंगे स्वच्छ रेल परिवहन की शुरुआत
चंडीगढ़: हरियाणा 17 जुलाई को देश के रेल इतिहास में नया अध्याय लिखने जा रहा है। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेजी से बढ़ रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन स्थल हरियाणा को बनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश नवाचार और विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चलाई जाएगी। हाइड्रोजन ईंधन से चलने के कारण यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होगी और प्रदूषण कम करने के साथ टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देगी। -

HSVP Plot धारकों के लिए ‘विवादों से समाधान योजना ‘ का लाभ उठाने का दिया एक और मौका
अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2026 निर्धारित
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा पात्र आवंटियों के लिए ‘विवादों से समाधान योजना 2026’ के तहत एक सुनहरा और अंतिम अवसर दिया है, जिसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2026 निर्धारित की गई है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस लोक-कल्याणकारी योजना के अंतर्गत कुल 103 सैक्टरों और लगभग 5,085 लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है। इस योजना के तहत पात्र आवंटियों को ₹770 करोड़ से अधिक की महत्वपूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। यह योजना मुख्य रूप से प्लॉट एन्हांसमेंट से संबंधित विवादों के एकमुश्त समाधान का अवसर प्रदान करती है, तथा उन आवंटियों को भी इस बार विशेष रूप से लाभ दे रही है जो पूर्व की योजनाओं का लाभ उठाने से चूक गए थे। पात्रता के दायरे को व्यापक रखते हुए इसमें आवासीय प्लॉटों के आवंटी, फ्लोर-वाइज़ पंजीकरण, ग्रुप हाउसिंग साइट्स, संस्थागत प्लॉट और औद्योगिक प्लॉटों को शामिल किया गया है।
प्रवक्ता ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिसके तहत पात्र आवंटी अपने प्लाट आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके एचएसवीपी पोर्टल पर अपनी निर्धारित छूट राशि को लाइव देख सकते हैं। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए आवंटी आधिकारिक पोर्टल https://vsss.hsvphry.org.in/ पर जा सकते हैं। यदि किसी आवंटी को किसी भी प्रकार की सहायता या अतिरिक्त जानकारी की आवश्यकता है, तो वे सीधे अपने संबंधित एचएसवीपी एस्टेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या पोर्टल के माध्यम से अपना अनुरोध ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि यदि कोई डिफ़ॉल्टर (बकायादार) आवंटी इस निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ नहीं उठाता है, तो उसके खिलाफ लागू नियमों एवं विधिक प्रावधानों के अनुसार प्लॉट पुनः अधिग्रहण (Resumption) की सख्त कानूनी कार्रवाई तुरंत प्रारंभ कर दी जाएगी। उन्होंने सभी पात्र आवंटियों से पुरजोर अनुरोध करते हुए कहा कि यह योजना पात्र मामलों के सरल, त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान का एक ऐतिहासिक अवसर है, इसलिए सभी आवंटी किसी भी अंतिम समय की जल्दबाजी से बचने के लिए समय रहते इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।
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आयुर्वेद पर बढ़ा भरोसा : छह माह में रिकार्ड 50 हजार मरीज पहुंचे
चंडीगढ़: राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए), पंचकूला आयुर्वेद उपचार का भरोसेमंद केंद्र बन रहा है। संस्थान की ओपीडी में मरीजों का बढ़ता ग्राफ इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। वर्ष 2026 में महज छह माह में ओपीडी का आंकड़ा करीब 50 हजार पर पहुंच गया है। एनआईएन में हर रोज 400 से 500 रोगी चिकित्सा सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं। एनआईए में वर्ष 2024 में 42,030 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जबकि वर्ष 2025 में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 80 हजार 878 पर पहुंच गया। वहीं, 2026 में महज छह महीने में करीब 50 हजार मरीज स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) में आयुर्वेद उपचार के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़-ट्राईसिटी, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित अन्य राज्यों से लोग पहुंच रहे हैं। कायचिकित्सा, पंचकर्म, शल्य और शालाक्य तंत्र विभाग में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। यही नहीं, अगद तंत्र-विष चिकित्सा के साथ प्रसूति एवं स्त्री रोग और त्वक एवं सौंदर्य विभाग की ओपीडी में भी रोगी बड़ी संख्या में लाभ उठा रहे हैं। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संस्थान के डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व का कहना है कि एनआईए आयुर्वेद उपचार में नई ऊंचाई छू रहा है। संस्थान में आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ आयुर्वेद के विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के चलते लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। आयुर्वेदिक उपचार के सकारात्मक परिणामों ने मरीजों का विश्वास और मजबूत किया है।आयुर्वेदिक उपचार का बढ़ता जनविश्वास : डॉ. गर्ग
उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग का कहना है कि एनआईए केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के समग्र स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उपचार के साथ योग, फिजियोथेरेपी, पंचकर्म और अन्य सहायक चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे रोगियों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। संस्थान में जोड़ों का दर्द, स्पाइन की समस्याएं, त्वचा रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पंचकर्म चिकित्सा, नेत्र एवं ईएनटी संबंधी रोगों के उपचार के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। वहीं, आईपीडी में भर्ती मरीजों की संख्या अच्छी खासी है। वर्ष 2026 में महज छह माह में रोगियों का आंकड़ा 50 हजार को पार करना दर्शाता है कि आमजन का आयुर्वेद उपचार पर भरोसा बढ़ रहा है।12 विभागों की विशेषज्ञ सेवाएं, 250 बेड आईपीडी की सुविधा : डॉ. मानसी ग्रेवाल
मेडिकल ऑफिसर डॉ. मानसी ग्रेवाल ने बताया कि एनआईए में 12 विशेष ओपीडी संचालित हैं। इनमें कायचिकित्सा, पंचकर्म, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य (नेत्र), शालाक्य (मुख, नाक एवं दंत रोग), कौमारभृत्य एवं बाल रोग, अगदतंत्र (विष चिकित्सा), त्वक एवं सौंदर्य प्रसाधन, स्वास्थ्य वृत्त एवं योग के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी शामिल हैं। विभिन्न रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होने से मरीजों को समग्र उपचार का लाभ मिल रहा है। संस्थान में 250 बिस्तरों की अत्याधुनिक आईपीडी (इनडोर पेशेंट विभाग) भी संचालित है, जहां गंभीर एवं दीर्घकालिक रोगों से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार किया जा रहा है। -

जन शिकायतों का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : Aarti Singh Rao
चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परिवादों का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर निपटान सुनिश्चित किया जाए और समाधान इस प्रकार हो कि परिवादी को पूरी संतुष्टि मिले।
आरती सिंह राव आज फ़रीदाबाद में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 15 परिवाद प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 12 परिवादों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि 3 मामलों को अगली बैठक तक लंबित रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
ग्रामीण क्षेत्र में हाईटेंशन विद्युत लाइनों से दुर्घटनाओं की आशंका संबंधी शिकायत पर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक राशि जमा होने के बाद कार्य प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा आगामी 15 दिनों के भीतर लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण किया जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का केवल औपचारिक निस्तारण न किया जाए, बल्कि मौके पर जाकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सभी विभाग समयबद्ध कार्रवाई करते हुए अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें तथा जनहित से जुड़े मामलों में पूर्ण संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।
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जनहित के मामलों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त – कृष्ण कुमार बेदी
चण्डीगढ़: हरियाणा के सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से निपटान सुनिश्चित करें। कृष्ण कुमार ने आज जिला फतेहाबाद में आयोजित जिला लोक सम्पर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक में कुल 14 मामलों पर सुनवाई की। इनमें से 6 मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि 8 मामलों में जांच के लिए अलग-अलग कमेटियां गठित कर अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि जनपरिवाद समिति केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि जनता को समय पर न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि समिति के प्रत्येक निर्णय का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए और जनता का विश्वास प्रशासन पर और अधिक मजबूत बनाया जाए। बैठक के दौरान पुलिस, शहरी स्थानीय निकाय, कृषि, बिजली निगमों तथा अन्य विभागों की समस्याओं की सुनवाई कर समाधान के निर्देश दिए गए।
बैठक में जल सेवाएं मंडल, हिसार के कार्यकारी अभियंता विनोद वर्मा के बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर मंत्री ने उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं सिंचाई विभाग के एसडीओ राजेंद्र के खिलाफ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार तथा लगातार लापरवाही की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त को उनके निलंबन की सिफारिश विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
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Punjab News: अटकी कीरतपुर साहिब-नंगल फोरलेन परियोजना, जानें मामला
चंडीगढ़ः करोड़ों रुपए की लागत से तैयार होने वाली कीरतपुर साहिब-नंगल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-503) को फोरलेन बनाने की बहुप्रतीक्षित परियोजना अटक गई। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने पिछले वर्ष इस परियोजना को मंजूरी दी थी, लेकिन भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना अब तक जारी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि 14 गांवों के मूल राजस्व रिकॉर्ड गायब होने के कारण काम पर ब्रेक लग गई। जिन 14 गांवों के राजस्व रिकार्ड गायब हैं, उनमें सहजोवाल, मेघपुर, मानकौर, अजौली, निक्कू नंगल, नंगली, कलसेरा, बंडलेहरी, दुकली, जोल, सगतपुर, कुलग्रां, भट्टों और दरोली शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि भूमि विवाद सुलझने और सरकारी जमीन की स्पष्ट पहचान होने के बाद ही विकास परियोजनाओं को गति मिल सकेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित मार्ग में आने वाले 14 गांवों के मूल राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। इसी वजह से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। राजस्व विभाग अब उन गांवों को फिलहाल छोड़कर बाकी क्षेत्र के लिए अधिग्रहण अधिसूचना जारी करने पर विचार कर रहा है। हालांकि इसके लिए एनएचएआई की मंजूरी आवश्यक होगी। नंगल के एसडीएम सचिन पाठक ने स्वीकार किया कि 14 गांवों के राजस्व रिकार्ड उपलब्ध न होने के कारण फोरलेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में तहसीलदार, नंगल ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर बताया था कि गांव निक्कू नंगल के खसरा नंबर 401, 402 और 403 के स्वामित्व रिकार्ड उपलब्ध नहीं हैं।
लोगों से प्रमाणित दस्तावेज जमा कराने को कहा गया था। यदि कोई दावा या दस्तावेज प्राप्त नहीं होता है तो पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम, 1887 की धारा 42(3)(बी) के तहत संबंधित भूमि को सरकारी संपत्ति घोषित किया जा सकता है। प्रशासन ने राजस्व रिकार्ड गायब होने के मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। पिछले कुछ वर्षों में सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से रिकार्ड दोबारा तैयार करने का प्रयास किया गया, लेकिन भूमि स्वामित्व का पूरा विवरण बहाल नहीं हो सका। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड के अभाव में भूमि नामांतरण, सीमांकन और अधिग्रहण जैसी नियमित राजस्व प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं। साथ ही सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
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पहली बार हुआ ऐसा, अधिकारियों ने भावुक होकर DCP को दी विदाई, देखें वीडियो
पंचकूलाः हरियाणा सरकार ने 3 दिन पहले भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 9 अधिकारियों के तबादले और नई जिम्मेदारियां सौंपने के आदेश जारी किए थे। जिसमें से डीसीपी सृष्टि गुप्ता का भी ट्रांसफर किया गया था। वहीं डीसीपी सृष्टि गुप्ता का ट्रांसफर होने के बाद पुलिस विभाग विदाई देने पहुंचा। इस दौरान सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारीयो ने डीसीपी को भावुक विदाई दी। सभी पुलिस अधिकारी और स्टाफ उन्हें विदाई देने के लिए पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा फूलों की बौछार करके और गुलदस्ता देकर उनको नए स्थान पर पोस्टिंग के लिए शुभकामनाएं दी। बता दें कि डीसीपी सृष्टि गुप्ता के द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक अच्छा समन्वय बनाकर काम किया। पंचकूला में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि पुलिस अधिकारी की इस तरह से विदाई होना अपने आप में ऐतिहासिक है। सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उन्हें विदाई देने के लिए और नए स्थान पर पोस्टिंग की शुभकामनाएं देने के लिए पहुंचे।
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Punjab News: 4 फर्जी डिलीवरी एजेंट पार्सल में छिपाकर हथियारों की तस्करी करते गिरफ्तार, देखें वीडियो
पटियालाः पुलिस ने पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 15 पिस्टल और 50 कारतूस बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल निवासी गांव गढ़दीवाल, जिला होशियारपुर, सुभाष निवासी सीढेरी शीशगढ़, जिला बरेली, जिंदर उर्फ सागर निवासी गांव टल्ला, जिला होशियारपुर और बादल कुमार निवासी भार्गव कैंप, जालंधर के रूप में हुई है। एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि यह गिरोह नवांशहर के गैंगस्टर सोनू खत्री के इशारे पर पंजाब के विभिन्न इलाकों में हथियार पहुंचा रहा था। एससपी ने कहा आरोपी सोशल मीडिया के जरिए एप से जुड़े थे। इन युवकों को दिए गए निर्देशों के अनुसार वे पार्सल उठाकर सप्लाई करते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि चारों आरोपी फ्लिपकार्ट डिलीवरी एजेंट जैसी वर्दी पहनकर सामान्य पार्सल वितरण करने वाले कर्मचारियों की तरह आवाजाही करते थे।हथियारों को भी डिलीवरी पार्सल जैसी पैकिंग में रखा जाता था, जिससे रास्ते में किसी को संदेह नहीं होता था। इसी तरीके का फायदा उठाकर गिरोह लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था। एसएसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आया है कि सभी आरोपी नवांशहर निवासी गैंगस्टर सोनू खत्री के संपर्क में थे। उसी के निर्देश पर यह गिरोह अलग-अलग स्थानों पर हथियार पहुंचाता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने हथियार सप्लाई किए गए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। यह भी जांच की जा रही है कि हथियार कहां से लाए जाते थे, किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे और इस पूरे अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
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शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना मार्च -अप्रैल 2027 तक शुरू होगीः CM Sukhu
शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को किन्नौर जिला में सतलुज नदी पर निर्माणाधीन 450 मेगावाट क्षमता वाली शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य को गति प्रदान करने के निर्देश दिए ताकि इस परियोजना को मार्चदृअप्रैल 2027 तक चालू किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना के पावर हाउस का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान मानसून के दौरान भी बांध का निर्माण कार्य जारी रहेगा। इसके लिए सतलुज नदी के जल प्रवाह को चार और पांच गेट से मोड़ा जाएगा, जबकि गेट (डायवर्जन बे) 1, 2 और 3 पर समानांतर रूप से कार्य जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश की स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ करने और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और पर्यावरण-अनुकूल विकास को भी गति प्रदान करेगी। सुक्खू ने कहा कि कई तकनीकी एवं भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार निरंतर निगरानी और बेहतर परियोजना नियोजन के माध्यम से इस परियोजना का निर्माण सुनिश्चित कर रही है। निर्माण कार्य की गति बनाए रखने के लिए भौगोलिक स्थिति के अनुरूप तकनीकी उपाय नियमित रूप से अपनाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप परियोजना का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।

परियोजना के पूर्ण होने पर इससे प्रतिवर्ष लगभग 1,579 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है। इससे राज्य की ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा ग्रिड की स्थिरता सुदृढ़ होगी। इस परियोजना से राज्य की अर्थव्यवस्था को प्रतिवर्ष लगभग 900 करोड़ रुपये का योगदान मिलने का अनुमान है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नज़ीम, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आबिद हुसैन सादिक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘अर्जुन एसपीवी’ के निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक आयोजित
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में स्वच्छ वायु, हरित परिवहन और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्क्रैप (अनुपयोगी) वाहनों के पंजीकरण एवं वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए एक पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने निजी तथा सरकारी विभाग अपने अनुपयोगी वाहनों का ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे, जिससे वाहन स्क्रैपिंग, पंजीकरण तथा संबंधित प्रक्रियाओं में सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना को गति देने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री आज हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर रेजिलिएंट जॉब्स, अर्बन एयर क्वालिटी एंड नेक्स्ट जेनरेशन स्किल्स परिषद (अर्जुन एसपीवी)’ के निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (HCAPSD) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों, परियोजनाओं की प्रगति तथा उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्वच्छ वायु, आधुनिक सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण तथा कृषि अवशेष प्रबंधन से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि हरियाणा पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और अधिक सुदृढ़ कर सके।
इलेक्ट्रिक बस सेवाओं और हरित परिवहन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा
बैठक में गुरुग्राम और फरीदाबाद में इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के विस्तार, बस डिपो के विकास, चार्जिंग अवसंरचना के निर्माण तथा अगले चरण में 200 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत की जा रही तैयारियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही सोनीपत में भी इलेक्ट्रिक बस सेवाओं के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे के विकास की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिले और नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति में आवश्यक संशोधनों, राज्यभर में 100 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने संबंधी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कृषि क्षेत्र में पराली प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने, किसानों के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए मांग आकलन एवं तकनीकी उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य उत्सर्जन सूची, ए.आई. आधारित निर्णय सहायता प्रणाली, विभिन्न विभागों के बीच आंकड़ों के आदान-प्रदान की व्यवस्था तथा सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के बीच प्रभावी समन्वय, आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा प्रत्येक परियोजना का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में परियोजना के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, जन-जागरूकता अभियान, शिकायत निवारण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।