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  • Punjab News: Singer Rajveer Singh को लेकर दुआओं का सिलसिला जारी, गुरुद्वारा साहिब में हुई अरदास, देखें वीडियो

    अमृतसर: पंजाबी लोकगायक राजवीर सिंह जवंदा सड़क हादसे में घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक है। वहीं गायक की सेहत में सुधार को लेकर पंजाब भर में प्रार्थनाएं की जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उनकी सेहत में सुधार को लेकर आज गांव घनूपुर काले के कोलसर गुरुद्वारा साहिब में हेड ग्रंथी बाबा अंग्रेज सिंह द्वारा राजवीर सिंह जवंदा की लंबी उम्र, चढ़दी कला और शीघ्र स्वास्थ्यलाभ के लिए विशेष अरदास की गई।

    बाबा अंग्रेज सिंह ने कहा कि राजवीर जवंदा हमेशा लोगों के दिलों में अपनी सच्ची गायकी से बसे हैं और कभी किसी विवाद में नहीं फंसे। ऐसे में उनके जल्दी ठीक होने के लिए संगत की ओर से धार्मिक स्थानों पर अरदासों का सिलसिला जारी है। इस मौके पर गांव के सरपंच अमनदीप सिंह ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजवीर सिंह जवंदा ने पंजाबी लोकगायिकी को एक नया मान दिया है।

    पूरा गांव और इलाका उनकी सेहत के लिए जुड़ा हुआ है और उम्मीद है कि अरदासों की शक्ति से वे जल्दी ठीक होकर अपने घर लौटेंगे। इसके साथ ही पंजाब के विभिन्न गुरुद्वारों जैसे श्री दरबार साहिब, अंब साहिब और शहीदां साहिब से भी संगतों द्वारा अरदास की जा रही हैं। संगतों का कहना है कि अरदास में अनंत शक्ति होती है और वह निश्चित तौर पर राजवीर जवंदा को नई जिंदगी देगा। सभी प्रशंसकों और धार्मिक संगतों की प्रार्थनाओं ने यह उम्मीद जगाई है कि राजवीर सिंह जवदा जल्द ही स्वस्थ होकर मंच पर लौटेंगे और पंजाबी गायिकी की सेवा जारी रखेंगे।

  • Punjab News: घर में Blast मामले में आरोपी गुरप्रीत सिंह को लेकर कोर्ट का आया फैसला, देखें वीडियो

    Punjab News: घर में Blast मामले में आरोपी गुरप्रीत सिंह को लेकर कोर्ट का आया फैसला, देखें वीडियो

    बठिंडाः जिले के जीदा गांव में घर में ब्लास्ट के मामले में आरोपी युवक गुरप्रीत सिंह को आज कोर्ट में पेश किया गया। जहां माननीय जज ने गुरप्रीत सिंह को 14 दिन के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेजने के आदेश जारी किए। ऐसे में अब गुरप्रीत सिंह को ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है।

    ਪੰਜਾਬੀ ਵਿੱਚ ਪੜ੍ਹੋ:

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    दरअसल, पुलिस ने पहले भी आरोपी युवक गुरप्रीत सिंह को अदालत में पेश किया था। जहां उस दौरान आरोपी का पुलिस को 5 दिन का रिमांड हासिल हुआ था। आज पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने पर गुरप्रीत सिंह को फिर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अब गुरप्रीत सिंह को जेल भेज दिया है। दूसरी ओर पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए मीडिया से दूरी बनाए रखने और किसी भी प्रकार की टिप्पणी न करने के निर्देश दिए है।

    गौर हो कि 10 सितंबर को बम बनाते समय आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर रूप से घायल हुए गुरप्रीत सिंह का इलाज के दौरान एक हाथ काटना पड़ा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई प्रकार के खुलासे किए हैं। एसएसपी बठिंडा अमनीत कौंडल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी गुरप्रीत सिंह को बठिंडा के सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।

  • Haryana News: घायल श्रद्धालुओं का हाल जानने पहुंचे उपायुक्त, देखें वीडियो

    Haryana News: घायल श्रद्धालुओं का हाल जानने पहुंचे उपायुक्त, देखें वीडियो

    पंचकूला: माता मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ हुए हादसे में घायलों का हाल जानने के लिए उपायुक्त और डीसीपी अस्पताल पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त सतपाल शर्मा और पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता और सेक्टर-21 की पुलिस चौंकी के दीदार सिंह भी इस दौरान मौजूद रहे।

    बताया जा रहा है कि मनसा देवी मंदिर से दर्शन करके जा रहे सभी श्रद्धालु जीरकपुर के प्रभाव गांव जा रहे थे। इसी दौरान जैसे पुराने पंचकूला से गाड़ी मोड़ी तो उस समय मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। घायलों का हाल जानने के लिए पहुंचे उपायुक्त सतपाल शर्मा ने मीडिया से भी बात की।

    उन्होंने कहा कि यह हादसा देर रात हुआ है। इस गाड़ी में काफी संख्या में लोग मौजूद थे। ज्यादातर मरीजों को सेक्टर-6 के अस्पताल में भर्ती किया गया है। 6 मरीजों को पीजीआई रेफर कर दिया गया है। इस दौरान एक मरीज की मौत हो गई थी।

    21 मरीज पंचकूला के सेक्टर-6 अस्पताल में हैं और बाकी 6 मरीज चंडीगढ़ में रेफर कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे की जांच की जाएगी। सभी लोग पंजाब के जीरकपुर से माता-मनसा देवी आए थे और वापिस घर जा रहे थे। इस मामले की जांच की जाएगी फिलहाल उन्होंने सभी घायल मरीजों का हाल जाना है।

  • Punjab News: सुखबीर बादल ने चीमा को किया पार्टी से बाहर

    Punjab News: सुखबीर बादल ने चीमा को किया पार्टी से बाहर

    फतेहगढ़ साहिब: शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने हलका फतेहगढ़ साहिब के इंचार्ज जगदीप सिंह चीमा को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से बाहर कर दिया है। जगदीप चीमा पूर्व मंत्री स्वर्गीय रणधीर सिंह चीमा के बेटे हैं। वर्तमान में जगदीप चीमा माता गुजरी कॉलेज की सचिव हैं। दूसरी ओर पार्टी से निकाले जाने के बाद जगदीप सिंह चीमा ने प्रेस वार्ता की। इस मौके पर जगदीप सिंह चीमा ने कहा कि उन्होंने पार्टी को सुबह ही इस्तीफा भेज दिया था।

    उन्होंने कहा कि हमारा परिवार 1920 से अकाली दल से जुड़ा है और 1925 में एसजीपीसी की चुनाव हुई थी, जब उनके दादा पाकिस्तान से मेंबर बने थे और पिता रणधीर चीमा एसजीपीसी मेंबर रहे। 1968 में पहली अकाली सरकार के समय गुरुनाम सिंह मुख्यमंत्री थे और फिर बादल मुख्यमंत्री बने और बाद में मंत्री बने। इसके बाद वे दोबारा अकाली दल की सरकार में मंत्री रहे। उन्होंने कहा कि वे 12 से 13 साल अकाली दल के जिले प्रधान रहे और विभिन्न पदों पर काम किया। उन्होंने कहा कि मैंने सुबह इस्तीफा भेजा था, जबकि पार्टी ने मेरे ऊपर टिप्पणी करने के बजाय पार्टी से निकालने का पोस्ट डाल दिया।

    उन्होंने कहा कि डॉक्टर दलजीत सिंह चीमा तब पार्टी में आए भी नहीं थे, जब से वह पार्टी के लिए काम करते आए हैं। जगदीप चीमा ने बताया कि पार्टी में रहते हुए झुंडा कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा हुई, लेकिन वह लागू नहीं हुई। जबकि इस मामले को लेकर प्रत्येक हलके में बैठकें हुई थीं। उन्होंने कहा कि वहां के विरोध को अगर देखा जाए तो एक भी सुझाव लागू नहीं हुआ। पार्टी की खराब स्थिति 2016 से लेकर आज तक बनी हुई है क्योंकि किसी ने पार्टी के लिए कोई नया कार्यक्रम नहीं बनाया।

     

  • 3 अक्टूबर तक इंटरनेट पर लगा बैन

    3 अक्टूबर तक इंटरनेट पर लगा बैन

    लेहः इस मौसम के प्रारंभ से ही मुश्किलों से जूझ रहे लद्दाख के पर्यटन क्षेत्र को पिछले हफ्ते लेह में हुई हिंसा के बाद कर्फ्यू से एक और झटका लगा है। मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्रालय ने लेह में इंटरनेट प्रतिबंध की अवधि बढ़ाते हुए अब 3 अक्टूबर तक बैन लागू रखने का फैसला किया है। वहीं सुबह 10 से शाम 7 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है।

    लद्दाख को राज्य का दर्जा और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक समेत अन्य गिरफ्तार युवाओं की रिहाई की मांग तेज हो गई है। करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने कहा है कि लद्दाख में हालात सामान्य होने तक केंद्र की उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी से बात नहीं करेंगे। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) पहले ही बातचीत नहीं करने का ऐलान कर चुकी है। 24 सितंबर को LAB द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान लेह में हिंसक प्रदर्शन हुए थे।

    इसमें 4 लोगों की मौत हो गई थी। 50 लोगों को दंगा फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया गया। आंदोलन का चेहरा बने वांगचुक को NSA में गिरफ्तार कर जोधपुर जेल भेजा गया है। केंद्र ने 20 सितंबर को LAB और KDA को वार्ता के लिए बुलाया था। दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाते हुए कहा, ‘PM मोदी ने लद्दाख के लोगों के साथ धोखा किया है।

    लेह में पुलिस गोलीबारी में 4 प्रदर्शनकारियों की मौत की निष्पक्ष न्यायिक जांच की जाए। इनमें कारगिल युद्ध में शामिल त्सावांग थारचिन भी शामिल थे।’ उन्होंने X पर थारचिन के पिता का वीडियो पोस्ट किया। राहुल ने हिंदी में अपने पोस्ट में कहा- पिता की दर्द भरी आंखें एक सवाल पूछती हैं, क्या आज देश सेवा का यही इनाम है। हिंसा और भय की राजनीति बंद करें।

     

     

  • काव्य-गोष्ठी ‘कलाकृति’ का सफल आयोजन, ट्रिपल आईटी ऊना में हिंदी पखवाड़ा के तहत हुआ साहित्यिक समारोह

    काव्य-गोष्ठी ‘कलाकृति’ का सफल आयोजन, ट्रिपल आईटी ऊना में हिंदी पखवाड़ा के तहत हुआ साहित्यिक समारोह

    ऊना/सुशील पंडित: भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान ऊना के परिसर में हिंदी पखवाड़ा के अन्तर्गत बीते सोमवार को एक भव्य काव्य-गोष्ठी ‘कलमकृति’ का आयोजन संस्थान के निदेशक प्रो० मनीष गौड़ के मार्गदर्शन में डॉ० सत्येन्द्र कुमार (हिंदी भाषा – नोडल अधिकारी, ट्रिपल आईटी ऊना) की देख रेख में सम्पन्न हुआ।

    कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक प्रो० मनीष गौर ने पधारे कवियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने अंगवस्त्र और हिमाचली कैप पहनाकर तथा पर्यावरण संदेश के रूप में पौधे भेंटकर कवियों का सम्मान किया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने मातृभाषा हिंदी के महत्व पर विचार रखते हुए कहा कि हिंदी न केवल संवाद की भाषा है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और संवेदनाओं की आत्मा है।

    मुख्य आकर्षण कार्यक्रम में डॉ० देवकला शर्मा ने हिंदी भाषा की महत्ता पर केंद्रित अपनी कविता से श्रोताओं में जोश भर दिया। उनकी  पंक्तियाँ – ‘अंग्रेज़ी  ए फॉर ऐपल से शुरू होती है और जेड फ़ॉर ज़ेब्रा पर ख़त्म होती है, जबकि हमारी हिंदी अ से अनपढ़ से शुरू होकर ज्ञ से ज्ञानी तक पहुँचाती है’ – ने विशेष प्रशंसा बटोरी।

    दर्पण संस्था के अध्यक्ष अशोक कालिया जी और कोषाध्यक्ष रामपाल शर्मा जी ने अपनी ग़ज़लों को तरन्नुम के साथ प्रस्तुत कर महफिल चार चाँद लगा दिए। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

    सामाजिक चेतना की कविताएँ – प्रो० योगेश चन्द्र सूद, डॉ० कल्पना रानी, अलका चावला और कुलदीप शर्मा जी ने सामाजिक ताने-बाने पर आधारित अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को गहन चिंतन के लिए प्रेरित किया। उनकी रचनाओं में समाज की विसंगतियों और जीवन के यथार्थ का सुंदर चित्रण था।इन सबके बीच एक बहुत ही कम उम्र के नौनिहाल – मानस साकरे ने हनुमान चालीसा  का पाठ करके सबका दिल जीत लिया।

    डॉ० रजनीकांत शर्मा जी की ग़ज़ल ‘बाहर-भीतर बड़ी घुटन है, घर-घर में जारी टूटन है’ और संदीप जी के गीत ‘ख़ुद से अपना मकां बनाना, जैसा भी हो, अच्छा लगता है’ ने श्रोताओं की संवेदनाओं को गहराई से छुआ और उनकी धड़कनों को आंदोलित कर दिया। अन्त में डॉ० सत्येन्द्र कुमार की ग़ज़ल ‘की जो नफ़रत, मिलेगी हज़ारों गुना, प्यार मिलता कभी दो गुना भी नहीं’ सुनकर श्रोताओं ने ख़ूब लुत्फ़ उठाया।

    हिंदी पखवाड़ा का महत्व – यह आयोजन हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित किया गया, जो हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। संस्थान द्वारा इस प्रकार के आयोजनों से क्षेत्रीय साहित्यकारों को मंच मिलता है और हिंदी साहित्य के प्रति युवा पीढ़ी में रुचि जागृत होती है। कार्यक्रम में संस्थान के युवाओं – तनिष्क, प्राची, आशुतोष, यश गोयल, दीप्ति माहेश्वरी, वंशिव गर्ग, अजीत सिंह, हरमन व शौर्य सेठ ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति दी, जिन्हें पधारे कवियों ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया। इस कार्यक्रम में संकाय सदस्य व भारी संख्या में छात्र श्रोताओं के रूप में उपस्थित रहे।

    समापन पर प्रो० मनीष गौर ने कहा कि “हिंदी हमारी संस्कृति और पहचान की धरोहर है। साहित्य और काव्य गोष्ठियाँ न केवल भाषा के संरक्षण का माध्यम हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को रचनात्मकता और संवेदनशीलता की ओर भी प्रेरित करती हैं। काव्य-गोष्ठी ‘कलमकृति’ की सफलता ने यह प्रमाणित किया कि हिंदी साहित्य और काव्य परंपरा आज भी जन-जन के हृदय में जीवंत है।

  • 2 अक्तूबर को सांई स्माइल ट्रस्ट की और से अरलू में क्षेत्र के 82 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करेगा

    2 अक्तूबर को सांई स्माइल ट्रस्ट की और से अरलू में क्षेत्र के 82 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करेगा

    ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के समाजसेवी व जी आर सी कंपनी दिल्ली के मैनेजिंग डायरेक्टर रछपाल सिंह राणा की और से दो अक्तूबर को अरलु में  वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित करवाया जा रहा है।इस अवसर पर क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों के लगभग 82 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। रछपाल सिंह राणा व उनकी धर्मपत्नी बिमल राणा की और से उनके स्वर्गीय पिता बाबू राम की याद में पिछले तीन वर्षों से वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन करवाया जा रहा है जिसमें  क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है। बहीं पर इस मौके पर समारोह में शामिल होने बाले सभी विधार्थियों उनके अभिभावकों तथा स्थानीय लोगों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। बहीं पर इस बार भी दो अक्तूबर दिन वीरवार को अरलु में वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित करवाया जा रहा है। जिसमें जिला ऊना के जिलाधीश महोदय जतिन लाल मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
  • राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में रैबीज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में रैबीज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: विश्व रैबीज जागरूकता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत आज अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में रैबीज जागरूकता पर एक दिवसीय कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। मंच का संचालन तनु ठाकुर ने किया।  इस अवसर पर पशु चिकित्सा अधिकारी बंगाणा डा. राजेश कुमार मुख्य अतिथि एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को रैबीज बीमारी के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रैबीज एक जानलेवा विषाणुजनित रोग है, जो प्रायः पागल कुत्तों और बिल्लियों के काटने से फैलता है।

    कार्यक्रम के दौरान डा. जंगा ने बताया कि रैबीज बीमारी से विश्वभर में हर वर्ष लगभग 55,000 लोगों की मृत्यु होती है, जिनमें से लगभग 20,000 मौतें भारत में होती हैं। यह बीमारी लाइलाज है, किंतु समय पर सतर्कता और टीकाकरण से बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संक्रमित जानवर काट ले तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच एवं टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. सिकंदर नेगी ने मुख्य अतिथि डा. राजेश कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डा. श्रेया ठाकुर एवं प्रो. कमलेश कुमार सहित महाविद्यालय के विद्यार्थी एवं एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

  • Delhi-NCR में इस फ्लू ने बढ़ाई लोगों की चिंता, ऐसे लक्षण न करें Ignore

    Delhi-NCR में इस फ्लू ने बढ़ाई लोगों की चिंता, ऐसे लक्षण न करें Ignore

    सेहत: दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों H3N2 फ्लू काफी तेजी से फैल रहा है। ज्यादातर लोगों को बुखार, खांसी और सर्दी जैसी समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि गलती से भी इस फ्लू को नॉर्मल न समझें। उन्होंने चेतावनी दी है कि ये फ्लू नॉर्मल फ्लू से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। यदि सर्दी या खांसी से ज्यादा रहे तो तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें। परंतु काफी लोग यह नहीं जानते हैं कि ये वायरस कैसे फैलता है और इसके लक्षण क्या हैं।

    कैसे फैलता है यह फ्लू?

    H3N2 यह एक इस तरह का वायरल है जो सांस संबंधी दिक्कतें पैदा करती है। ये नॉर्मल सर्दी-जुकाम से बहुत ही अलग है क्योंकि यह ज्यादा समय तक रह सकता है और गंभीर हो सकता है। बदलते मौसम के साथ इम्यूनिटी कमजोर होती है और बहुत तेजी से फैलती है। इसके अलावा यह मुख्य तौर पर तब फैलता है जब कोई इंफेक्टेड मरीज खांसता या छींकता है। इससे छोटी-छोटी बूंद भी हवा में फैल जाती है। . यदि आप किसी भीड़-भाड़ वाली जगह में रहते हैं तो भी आप में इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। . किसी इंफेक्टेड व्यक्ति के साथ एसी वाले कमरे से भी वायरल फैल सकता है। . यदि आप किसी वायरस से इंफेक्टेड किसी जगह को हाथ लगा लेते हैं या अपना चेहरा हाथ लगाते हैं तो भी वायरस आपके शरीर में एंट्री कर सकता है। सर्वे के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के 69% घरों में अभी कम से कम एक व्यक्ति में फ्लू या वायरल बुखार के लक्षण दिख रहे हैं।

    लक्षण

    इसके लक्षणों की बात करें तो सांस लेने में दिक्कत या घरघराहट होना . सीने में दर्द, . होंठ या नाखूनों का नीला पड़ जाना . बहुत ज्यादा कमजोरी या उलझन/भ्रम . बुखार जो कई दिनों तक ठीक न हो। एक्सपर्ट्स की मानें तो H3N2 के कारण कभी-कभी निमोनिया, ब्रोंकाइटिस या दिल और लंग्स की दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं।

    ऐसे करें बचाव

    इससे राहत पाने के लिए ज्यादा से ज्यादा आराम करें। खूब सारा पानी पिएं। यदि बुखार हो रहा है तो डॉक्टर के मुताबिक बताई गई मात्रा में पैरासिटामोल लें। जिन लोगों में वायरस का खतरा ज्यादा हो वो 48 घंटे के अंदर एंटीवायरल दवाईयां ले सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि जब तक डॉक्टर न बोले तब तक किसी भी तरह की एंटीबायोटिक दवाई न लें। ज्यादातर लोग 5-7 दिनों में ठीक हो जाते हैं। बुखार भी आमतौर पर 3 दिन में उतर जाता है परंतु खांसी हफ्तों तक रह सकती है।