Blog

  • रिंदर कुमार गोयल ने शाहपुरकंडी के दो नए वाटर चैनलों का किया उद्घाटन

    रिंदर कुमार गोयल ने शाहपुरकंडी के दो नए वाटर चैनलों का किया उद्घाटन

    चंडीगढ़ / पठानकोट : पजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज शाहपुरकंडी के दो नव-निर्मित वाटर चैनलों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन वाटर चैनलों के निर्माण से किसानों को सिंचाई के लिए सीधे पानी उपलब्ध होगा। इसके अलावा उन्होंने जिला पठानकोट में रंजीत सागर डैम, शाहपुरकंडी डैम बैराज परियोजना तथा माधोपुर हेडवर्क्स का दौरा कर पिछले वर्ष आई बाढ़ से हुए नुकसान के बाद कराए गए पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का जायजा लिया।

    इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एस.ई. गुरपिंदर संधू, रंजीत सागर डैम के प्रमुख शेर सिंह तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

    दौरे के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य में नहरी सिंचाई को मजबूत करने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने तथा भूजल संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 5 नवंबर 2025 को शाहपुरकंडी डैम परियोजना के लोकार्पण के बाद शाहपुरकंडी चैनल के माध्यम से खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति शुरू होने से कंडी क्षेत्र के किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है।

    उन्होंने बताया कि पहले लगभग 6,900 एकड़ भूमि को लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से पानी मिलता था, लेकिन पिछले 15 वर्षों से यह सुविधा बंद थी। पंजाब सरकार ने शाहपुरकंडी चैनल नंबर 3 और 4 का पुनर्निर्माण कर अतिरिक्त 6,000 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई के दायरे में लाया है। इसके परिणामस्वरूप अब लगभग 13,000 एकड़ भूमि को नहरी पानी उपलब्ध हो रहा है। लगभग 25 किलोमीटर लंबी इन चैनलों की कंक्रीट लाइनिंग और पुनर्निर्माण पर 38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे जुगियाल, माधोपुर, रानीपुर सहित 15 गांवों की बंजर एवं पथरीली भूमि खेती योग्य बनी है और वर्षों बाद इन क्षेत्रों में नहरी पानी से खेती संभव हुई है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब सरकार ने कंडी क्षेत्र तक नहरी पानी पहुंचाने की घोषणा की थी, तब कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे, लेकिन आज यह वादा पूरी तरह साकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि खेतों तक नहरी पानी पहुंचाकर सरकार ने न केवल किसानों को बड़ी राहत दी है, बल्कि भूजल संरक्षण की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि भूजल स्तर लगातार गिरता रहता तो भविष्य में पंजाब को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ता।

    श्री गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार ने हजारों किलोमीटर नहरों और खालों के निर्माण एवं मरम्मत के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है। पहले पंजाब के हिस्से का केवल 26 प्रतिशत पानी ही सिंचाई में उपयोग होता था, जबकि अब यह बढ़कर लगभग 80 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे 86 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    माधोपुर हेडवर्क्स के संबंध में उन्होंने बताया कि 27 अगस्त 2025 को आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान के बाद विभाग ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए दोनों ओर लगभग 500 मीटर लंबे सुरक्षा बांधों का निर्माण किया। अस्थायी रिंग बांध बनाकर 1 अक्टूबर 2025 से पंजाब और जम्मू-कश्मीर की नहरों में पुनः पूर्ण क्षमता के साथ पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। उन्होंने बताया कि 54 गेटों का आधुनिकीकरण कर उन्हें विद्युत मोटरों से संचालित करने योग्य बनाया गया तथा क्षतिग्रस्त तीन गेटों का नए डिजाइन के अनुसार रिकॉर्ड समय में पुनर्निर्माण किया गया। इन सभी कार्यों पर लगभग 50 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं।

    उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 17 किलोमीटर लंबे वाटर कोर्सों की लाइनिंग पर 3.61 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिससे पानी की बचत हुई है तथा टेल एंड तक नहरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।

    बरसात के मौसम की तैयारियों के संबंध में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान जिन-जिन स्थानों को कमजोर एवं संवेदनशील पाया गया था, वहां सुदृढ़ीकरण और मरम्मत के सभी कार्य पहले ही पूरे कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कर दिए हैं, ताकि बरसात के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

  • विजिलेंस ब्यूरो ने रिकवरी एजेंट को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू

    विजिलेंस ब्यूरो ने रिकवरी एजेंट को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान, सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना की कंपनी में कार्यरत रिकवरी एजेंट रवनीत सिंह को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। आज यहां यह खुलासा करते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को कबीर नगर, बस्ती जोधेवाल, लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता वर्ष 2007 से अपने आवास की पहली मंजिल पर “जी.एन.डब्ल्यू.” नाम से एक कपड़ा फैक्ट्री चला रहा है। शिकायतकर्ता ने फैक्ट्री के लिए आईडीबीआई बैंक से 40 लाख रुपये की नकद क्रेडिट (सीसी) सीमा/ऋण प्राप्त किया था। भुगतान न होने के कारण ऋण का मामला वर्तमान में चंडीगढ़ स्थित ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) में विचाराधीन है।

    25-05-2026 को रवनीत सिंह नामक एक व्यक्ति ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया। स्वयं को तहसील पूर्वी, लुधियाना का कर्मचारी बताते हुए रवनीत सिंह ने शिकायतकर्ता को तहसील पूर्वी प्राधिकरण के हस्ताक्षर वाला एक नोटिस दिया। उसने शिकायतकर्ता को बताया कि आईडीबीआई बैंक 28-05-2026 को संपत्ति पर कब्जा करने वाला है। आरोपी रवनीत सिंह ने कब्जा दिलाने में देरी करवाने के लिए 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की और वादा किया कि वह ऋण के निपटारे के लिए तीन माह की अवधि बढ़वाने में मदद करेगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि रवनीत सिंह पहले ही निपटारे की सुविधा दिलाने के नाम पर कथित रूप से अन्य अधिकारियों के नाम पर 20,000 रुपये की पहली किस्त ले चुका था। अब वह 10,000 रुपये की दूसरी किस्त की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगते हुए आरोपी की बातचीत रिकॉर्ड कर ली।

    अवैध रिश्वत देने के लिए तैयार न होने के कारण शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया। उसकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में आरोपी रिकवरी एजेंट को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी रवनीत सिंह तहसील पूर्वी, जिला लुधियाना का कर्मचारी नहीं पाया गया, बल्कि वह सेवियर रिकवरी एजेंसी, लुधियाना में रिकवरी एजेंट के रूप में कार्यरत पाया गया। यदि आईडीबीआई बैंक या तहसील पूर्वी के किसी अधिकारी/कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो जांच के दौरान उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो के थाना लुधियाना में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की जांच जारी है।

  • पंजाब सरकार सुरक्षित मानसून सीजन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार: बरिंदर कुमार गोयल

    पंजाब सरकार सुरक्षित मानसून सीजन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार: बरिंदर कुमार गोयल

    चंडीगढ़, 7 जुलाईः पंजाब के जल संसाधन मंत्री श्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज जल संसाधन विभाग के मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में बाढ़ एवं मानसून संबंधी सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। मानसून के दौरान किसी भी संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से लोगों की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूरे पंजाब में लोगों के जान-माल, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और सुरक्षा तंत्र विकसित किया है।

    बता दें कि हाल ही में कैबिनेट मंत्री ने बाढ़ संभावित विभिन्न संवेदनशील स्थानों का व्यापक दौरा कर वहां चल रहे तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का जायजा लिया था और विभाग की तैयारियों की गहन समीक्षा की थी।आज उच्च स्तरीय बैठक में कैबिनेट मंत्री ने पूरे पंजाब में बाढ़ सुरक्षा एवं ड्रेनेज प्रबंधन से संबंधित किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इसमें ड्रेनों की सफाई, बोल्डर स्टोन (बड़े पत्थरों के साथ) एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, बाँधों को ऊंचा एवं मजबूत करना, फ्लड कंट्रोल गेटों की कार्यशीलता तथा संवेदनशील स्थानों पर ठोस बाढ़ सुरक्षा उपाय शामिल थे। श्री बरिंदर कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा दरियाओं, ड्रेनों, बांधों और बाढ़ सुरक्षा ढांचे की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत की कि जहां भी कोई कमी दिखाई दे, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं ताकि मानसून के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    राज्यभर में गाद निकालने के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विभिन्न कार्यान्वयन मॉडलों के तहत किए जा रहे कार्यों का मूल्यांकन किया। इनमें टेंडर आधारित परियोजनाएं, वॉल्यूम शेयरिंग व्यवस्था, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को स्वीकृति के लिए भेजे गए स्थल तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के चरम दौर से पहले गाद निकालने के सभी कार्य समय पर पूरे किए जाएं, ताकि सुचारू निकासी को और बेहतर बनाया जा सके और भारी वर्षा के दौरान जलभराव को रोका जा सके। अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को बताया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों के तहत 101 बोल्डर स्टोन एवं हाइब्रिड सुरक्षा कार्य, 17 बांधों को ऊंचा उठाने, 22 तटबंधों को मजबूत करने, 188 ड्रेनों की सफाई तथा पांच फ्लड कंट्रोल गेटों के संचालन संबंधी कार्य किए गए हैं, जिन पर लगभग 414.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

    कैबिनेट मंत्री ने सभी फील्ड अधिकारियों को मानसून के दौरान सतर्क रहने के निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ संभावित संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शेष सभी कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं ताकि पंजाब के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी बाढ़ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जा सकें। जल संसाधन मंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार बाढ़ सुरक्षा कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन, निरंतर फील्ड निगरानी तथा सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय के माध्यम से किसी भी बाढ़ संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, ताकि जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और बाढ़ के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव श्री कृष्ण कुमार, मुख्य इंजीनियर (ड्रेनेज) सरदार हरदीप सिंह मैंदीरत्ता तथा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • ऊना पुलिस ने सुलझाई भैंस चोरी की गुत्थी, 3 आरोपी गिरफ्तार; दोनों भैंसें बरामद, बोलेरो पिकअप और बाइक जब्त

    ऊना पुलिस ने सुलझाई भैंस चोरी की गुत्थी, 3 आरोपी गिरफ्तार; दोनों भैंसें बरामद, बोलेरो पिकअप और बाइक जब्त

    ऊना, सुशील पंडित: जिला पुलिस ऊना ने भैंस चोरी के एक मामले का सफल खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों भैंसों को पंजाब के सरयाला कलां से बरामद कर उनके असली मालिक को सौंप दिया है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई एक बोलेरो पिकअप और एक मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली गई है।

    पुलिस के अनुसार 1 जुलाई 2026 को पुलिस थाना हरोली में एक महिला ने अपनी दो भैंसें चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह (29) निवासी जसोवाल, मोहम्मद दीन (36) निवासी बड्डो मैटियाना तथा लतीफ (32) निवासी ईसपुर कोट पटुही, जिला होशियारपुर (पंजाब) के रूप में हुई है।

    पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई दोनों भैंसें 6 जुलाई को पंजाब के सरयाला कलां से बरामद की गईं। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भैंसों को उनके वास्तविक मालिक के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त बोलेरो पिकअप और मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया है।

    पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपियों से अन्य मामलों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।जिला पुलिस ऊना ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध संबंधी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

     

     

     

  • Punjab News: एक किलो हेरोइन सहित एक व्यक्ति गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: एक किलो हेरोइन सहित एक व्यक्ति गिरफ्तार, देखें वीडियो

    युवक की निशानदेही पर दो अन्य युवक भी काबू: डीसीपी गुरप्रीत

    मोगाः सीआईए स्टाफ मोगा ने एक व्यक्ति को एक किलोग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान Hathoorgarh वासी गुरजीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने जानकारी देते हुए बताया कि उस समय एक सफलता हाथ लगी जब स्टाफ के सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह ने एक गुप्त सूचना के आधार पर Hathoorgarh वासी गुरजीत सिंह को एक किलोग्राम हीरोइन के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने बताया कि गुरजीत सिंह पर पहले से कुल 7 मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अग्रिम पूछताछ में गुरु हर सहाय के दो युवकों साजन व रविंद्र को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया है।

    मीडिया से जानकारी साझा करते हुए डीएसपी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि सीआईए स्टाफ के सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह को एक गुप्त सूचना मिली थी कि hathoorgarh वासी गुरजीत सिंह जोकि नशा बेचने का आदि है, आज भी लोहगढ़ जालंधर रोड पर पुल के नीचे ग्राहक का इंतजार कर रहा है। अगर समय रहते उसे पकड़ा जाए, उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद हो सकता है।

    डीएसपी ने बताया कि जब सब इंस्पेक्टर सतनाम सिंह ने पुलिस टीम सहित वहां रेड की तो गुरजीत को एक किलोग्राम हीरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। डीसीपी गुरप्रीत ने बताया कि गुरजीत पर पहले से कुल सात मामले दर्ज हैं जिनमें से चार मामले एनडीपीएस एक्ट के अधीन, जबकि तीन अन्य मामले असला एक्ट के अधीन दर्ज है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि गुरजीत सिंह से अग्रिम पूछताछ में पुलिस ने साजन व रविंदर,  दोनों वासी गुरु हर सहाय को भी गिरफ्तार किया है।

     

  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वेरका ने स्थापित किया नया कीर्तिमान; जून माह में 551 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में वेरका ने स्थापित किया नया कीर्तिमान; जून माह में 551 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार

    चंडीगढ़ : वेरका (मिल्कफेड पंजाब) ने जून 2026 में 14.79 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 551 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है, जबकि जून 2025 में यह कारोबार 480 करोड़ रुपये था।
    यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अधिकतम दूध खरीद, प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि तथा दुग्ध उत्पादों पर विशेष जोर देकर सहकारी डेयरी क्षेत्र के विस्तार पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है।

    इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मिल्कफेड पंजाब ने जून 2026 के दौरान 551 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 480 करोड़ रुपये था। 71 करोड़ रुपये की यह उल्लेखनीय वृद्धि वर्ष-दर-वर्ष 14.79 प्रतिशत की विकास दर को दर्शाती है। यह वेरका ब्रांड के प्रति उपभोक्ताओं के निरंतर बढ़ते विश्वास तथा पंजाब के सहकारी डेयरी क्षेत्र की मजबूत होती स्थिति का स्पष्ट संकेत है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा, “जून माह के दौरान दूध की खरीद में भी प्रतिदिन लगभग दो लाख लीटर की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 11 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि दर राष्ट्रीय स्तर पर 5 से 6 प्रतिशत की औसत विकास दर से लगभग दोगुनी है, जो डेयरी क्षेत्र में पंजाब की सहकारिता लहर की निरंतर हो रही प्रगति का प्रमाण है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “यह उपलब्धि सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने तथा पूरे पंजाब के डेयरी किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के हमारी सरकार के उद्देश्य के अनुरूप है। हमने लगातार प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, दुग्ध उत्पादों को प्रोत्साहित करने, बाजार तक पहुंच में सुधार करने तथा दूध उत्पादकों को बेहतर लाभ सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया है।”

    उन्होंने आगे कहा, “जून माह के दौरान कई दुग्ध उत्पादों की बिक्री में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। टेबल बटर में 94 प्रतिशत, यूएचटी क्रीम में 213 प्रतिशत, यूएचटी मिल्क, आइसक्रीम, टेट्रा पैक लस्सी, घी में 41 प्रतिशत तथा डेयरी व्हाइटनर में 58 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह स्पष्ट रूप से पूरे प्रदेश में वेरका के उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती पसंद को दर्शाता है।”

    मुख्यमंत्री ने कहा, “यह शानदार प्रदर्शन बेहतर उत्पाद मिश्रण, प्रभावी विपणन रणनीति तथा वेरका के वैल्यू एडेड उत्पादों के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती प्राथमिकता का परिणाम है। हमारी सरकार डेयरी अवसंरचना में निरंतर निवेश, आधुनिक तकनीक को अपनाने, उत्पाद नवाचार, कोल्ड-चेन के विस्तार तथा बाजार विकास के माध्यम से मिल्कफेड को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब का सहकारी डेयरी आंदोलन ग्रामीण समृद्धि, रोजगार सृजन तथा किसानों के सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार बनकर उभर रहा है। मैं मिल्कफेड के प्रबंधन, कर्मचारियों, सहकारी समितियों तथा लाखों दुग्ध उत्पादकों को बधाई देता हूं, जिनकी सामूहिक मेहनत और समर्पण से यह उल्लेखनीय उपलब्धि संभव हो सकी है।”

    सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हम दूध खरीद, आधुनिक प्रसंस्करण अवसंरचना, कोल्ड-चेन विकास, उत्पाद नवाचार तथा बाजार विस्तार में निरंतर निवेश जारी रखेंगे। ये पहल सहकारी डेयरी क्षेत्र को और अधिक मजबूत करेंगी, डेयरी किसानों की आय बढ़ाएंगी, भारतीय डेयरी बाजार में वेरका की अग्रणी स्थिति को और सुदृढ़ करेंगी तथा यह सुनिश्चित करेंगी कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद निरंतर उपलब्ध होते रहें।”

  • गिरफ्तार आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के इशारे पर कर रहे थे काम : डीजीपी गौरव यादव

    गिरफ्तार आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के इशारे पर कर रहे थे काम : डीजीपी गौरव यादव

    चंडीगढ़/अमृतसर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन व्यक्तियों को 25 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने आज यहां दी।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूपिंदर सिंह निवासी गांव जंडौर (होशियारपुर), रवि कुमार निवासी कृपाल कॉलोनी, दसूहा (होशियारपुर) और विशाल सिंह निवासी फतेहपुर, अमृतसर के रूप में हुई है। हेरोइन की खेप बरामद करने के अलावा पुलिस टीमों ने आरोपियों की हुंडई वर्ना कार (पीबी-10-जीएस-7779), जिसका इस्तेमाल नशा तस्करी के लिए किया जा रहा था, भी जब्त कर ली है।

    यह कार्रवाई सीआई अमृतसर द्वारा एक दिन पहले दो नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन व्यक्तियों को 13 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार किए जाने के बाद की गई है।

    डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के निर्देशों पर काम कर रहे थे तथा विभिन्न स्थानों से हेरोइन की खेप प्राप्त कर उसे पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचा रहे थे।

    ऑपरेशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सीआई अमृतसर की पुलिस टीमों को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि संदिग्ध भूपिंदर सिंह और रवि कुमार हेरोइन की बड़ी खेप के सौदे के लिए अमृतसर के गांव गिल स्थित मेहता रोड पर अपने साथी विशाल सिंह से मिलने वाले हैं।

    उन्होंने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने नाकाबंदी की और अमृतसर के गांव गिल की दाना मंडी के पास से भूपिंदर सिंह, रवि कुमार और विशाल सिंह को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने विशाल सिंह के कब्जे से 8 किलो हेरोइन तथा भूपिंदर सिंह और रवि कुमार के कब्जे से 17 किलो हेरोइन बरामद की।

    डीजीपी ने कहा कि आरोपियों के आगे-पीछे के लिंक खंगाले जा रहे हैं तथा मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान करने और पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है।

    इस संबंध में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत एफआईआर संख्या 44, दिनांक 07-07-2026 के तहत केस दर्ज किया गया है।

  • 20,000 रुपये की रिश्वत लेते सहायक सब-इंस्पेक्टर को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथ काबू किया

    20,000 रुपये की रिश्वत लेते सहायक सब-इंस्पेक्टर को विजिलेंस ब्यूरो ने रंगे हाथ काबू किया

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान जिला बठिंडा के थाना तलवंडी साबो में तैनात सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) बलजीत सिंह को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव बीड़ तलाब, जिला बठिंडा के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के रिश्तेदार और दूसरी पक्ष, जो शिकायतकर्ता के रिश्तेदार की जमीन पर खेती कर रहे थे, के बीच मारपीट हुई थी। इस झगड़े में शिकायतकर्ता के रिश्तेदार को चोटें आईं, जिसके बाद उसे इलाज के लिए एम्स बठिंडा में भर्ती कराया गया। एएसआई बलजीत सिंह घायलों के बयान दर्ज करने के लिए अस्पताल पहुंचा था। प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी अधिकारी ने मौके पर ही 2,000 रुपये की शुरुआती रिश्वत ली थी। बाद में जब शिकायतकर्ता ने मामले की प्रगति के बारे में जानकारी ली, तो आरोपी एएसआई ने हमलावरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोपी पुलिस अधिकारी को बताया कि उसके पास केवल 10,000 रुपये हैं, लेकिन आरोपी एएसआई ने उसे शेष राशि की व्यवस्था करने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने कुछ दिनों का समय मांगा और इस दौरान रिश्वत मांगने से संबंधित पूरी बातचीत रिकॉर्ड भी कर ली। अवैध रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी एएसआई को शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आरोपी के विरुद्ध विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
     
  • बाढ़ नियंत्रण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में पंजाब सरकार का बड़ा कदम

    बाढ़ नियंत्रण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में पंजाब सरकार का बड़ा कदम

    चंडीगढ़ : वन भवन, एस.ए.एस. नगर में श्री लाल चंद कटारूचक्क, वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री, पंजाब की अध्यक्षता में राज्य वन्य जीव बोर्ड की स्थायी समिति की पाँचवीं बैठक हुई। बैठक में प्रशासनिक सचिव (वन) कमल किशोर यादव (वीसी के माध्यम से), प्रमुख मुख्य वन पाल (वन बल के प्रमुख) धर्मिंदर शर्मा और मुख्य वन्य जीव वार्डन सतिंदर सागर के अलावा वन विभाग और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस बैठक में पिछले वर्ष राज्य में आई बाढ़ के कारण दरियाओ में सिल्ट/रेत जमा होने के कारण आने वाले समय में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने और नदियों के बेहतर प्रबंधन के लिए जल संसाधन विभाग, पंजाब द्वारा ब्यास दरिया और रावी दरिया में विभिन्न स्थलों पर डी-सिल्टिंग करने के उद्देश्य से पेश किए गए 8 प्रस्तावों पर विचार किया गया। विचार-विमर्श के पश्चात राज्य में दरियाओं की बेहतर देखभाल, जनता के हित में और वन्य जीवों की सुरक्षा एवं बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए ब्यास दरिया में जिला होशियारपुर की दो, कपूरथला की तीन तथा गुरदासपुर की एक साइट और रावी दरिया में कथलोर-कुशलिया वन्य जीव सेंचुरी से सटी एक साइट पर की जाने वाली डी-सिल्टिंग संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी के लिए नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ की स्टैंडिंग समिति को भेजने की सिफारिश की गई। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग से ब्यास दरिया में लगभग 30 विभिन्न साइटों की डी-सिल्टिंग करने का प्रस्ताव वन विभाग को प्राप्त हुआ था। क्योंकि ब्यास दरिया कंजर्वेशन रिजर्व के साथ-साथ एक रामसर साइट भी है और इसमें डॉल्फिन, घड़ियाल और अन्य महत्वपूर्ण जीव पाए जाते हैं। इसलिए इस संबंध में आईआईटी रोपड़ से अध्ययन करवाया गया था कि किस प्रकार वन्य जीवों को नुकसान पहुँचाए बिना बाढ़ रोकथाम के कदम उठाए जा सकते हैं। आईआईटी रोपड़ की रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात इन 30 साइटों का एक विशेषज्ञ समिति द्वारा दौरा किया गया। समिति द्वारा प्रत्येक साइटों के दौरे के पश्चात केवल ब्यास दरिया में 6 साइटों पर डी-सिल्टिंग करने की सिफारिश की गई। क्योंकि इन 6 साइटों पर अत्यधिक सिल्ट जमा होने के कारण न केवल दरिया का प्रवाह बदल गया है, बल्कि वन्य जीवों के आवास पर भी प्रभाव पड़ा है। समिति की राय के अनुसार इन 6 साइटों पर डी-सिल्टिंग करने से आने वाले समय में बाढ़ रोकथाम के प्रबंध भी किए जा सकेंगे और पानी की गहराई बढ़ने से वन्य जीवों को भी लाभ होगा।
     
  • मेहतपुर: पुलिस ने दड़ा-सट्टा खेलते व्यक्ति को दबोचा, नकदी और पर्चियां बरामद

    मेहतपुर: पुलिस ने दड़ा-सट्टा खेलते व्यक्ति को दबोचा, नकदी और पर्चियां बरामद

    ऊना, सुशील पंडित: पुलिस थाना मेहतपुर की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दड़ा-सट्टा खेलते एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 6 जुलाई की देर शाम सरकारी स्कूल भटोली भवोर साहिब चौक के पास की गई।

    पुलिस के अनुसार, एएसआई गुरदास राम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी कर सुनील कुमार निवासी जियोवाल, तहसील आनंदपुर साहिब, जिला रोपड़ (पंजाब) के कब्जे से 1,470 रुपये की नकदी और दड़ा-सट्टा संबंधी पर्चियां बरामद कीं। आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।