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  • Punjab News: धान के खेत में करंट लगने से माता-पिता के इकलौते बेटे की मौत

    Punjab News: धान के खेत में करंट लगने से माता-पिता के इकलौते बेटे की मौत

    बठिंडाः संगत मंडी के नजदीकी गांव बांडी में युवा किसान की करंट लगने से मौत हो गई। मृत युवक माता-पिता का एकलौता पुत्र था। इस घटना को लेकर पूरे गांव में शोक की लहर छा गई। गांव बांडी के अकाली नेता रछपाल सिंह मान और मास्टर जगतरन सिंह ग्रेवाल ने बताया कि 38 वर्षीय यादविंदर सिंह पुत्र शेर सिंह ग्रेवाल माता-पिता का इकलौता बेटा था, जो खेतों में धान की फसल को पानी लगा रहा था।

    अचानक ट्यूबवेल के पास खड़े ट्रैक्टर में करंट आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मृत युवक पिछले कई वर्षों से अपने पिता के साथ मिलकर खेती कर रहा था। यादविंदर की असमय हुई मौत से परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बताया कि मृतक के पीछे बुजुर्ग माता-पिता के अलावा अपनी पत्नी और एक बेटा-बेटी भी हैं।

  • स्टेज कैरिज बस रूटों के लिए आवेदन आमंत्रित, 30 जून तक कर सकते हैं आवेदन

    स्टेज कैरिज बस रूटों के लिए आवेदन आमंत्रित, 30 जून तक कर सकते हैं आवेदन

    ऊना/सुशील पंडित: परिवहन विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रकाशित रुटों पर स्टेज कैरिज वाहनों के लिए हिमाचली युवाओं से विभिन्न जिलों के 350(टेम्पो ट्रैवलर) स्टेज कैरिज बस रूटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अशोक कुमार ने जानकारी दी कि इच्छुक आवेदक 30 जून, 2025 तक विभाग की वेबसाइट https://online.himachaltransport.hp.gov.in/publiclogin पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि जिला में चयनित 15 मार्गों की सूची और रूटों के आवंटन प्रक्रिया के लिए नियमों और शर्तों का विवरण विभाग की वेबसाइटhttps://himachal.nic.in/transport पर उपलब्ध है।

    इसके अलावा प्रकाशित रूटों की शर्तों सहित अन्य किसी भी स्पष्टीकरण के लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय ऊना के दूरभाष नंबर 01975-203020 या कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में सम्पर्क किया जा सकता है।

  • चताड़ा गांव की महिला प्रधान को निलंबित किए जाने पर समर्थन में खडे हुए ग्रामीण व पंचायत सदस्य

    चताड़ा गांव की महिला प्रधान को निलंबित किए जाने पर समर्थन में खडे हुए ग्रामीण व पंचायत सदस्य

     सामूहिक इस्तीफा दिए जाने, उचित जांच किये जाने को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन 

    ऊना/सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के अंतर्गत आती ग्राम पंचायत चताड़ा की प्रधान नीलम कुमारी को पंचायत टेंडर मामले में गड़बडी पाए जाने पर बीते रोज निलंबित किए जाने की अधिसूचना जारी की गई है। वहीं अधिसूचना जारी होने के बाद गांव के लोगों ने इसका विरोध किया। जिस के लिए ग्रामीण और पंचायत सदस्य इकट्ठे होकर पंचायत प्रधान के पक्ष में खड़े हो गए और पंचायत के कुछ सदस्यों द्वारा प्रधान को निलंबित किए जाने के मामले को लेकर इस्तीफा दिए जाने की बात कही।

    पंचायत सदस्य और ग्रामीणों ने इकट्ठे होकर प्रशासन को इस मामले की उचित जांच किए जाने की मांग की। प्रधान ने इस मामले को राजनीतिक साजिश के तहत कार्रवाई बताया? उन्होंने कहा की कोई लाखों रूपये का मामला होता तव कोई बात भी होती लेकिन महज़ कुछ हज़ार रूपये के तहत ऊन पर कार्रवाई की गई है,जो बिलकुल गलत है। इसका ग्रामीण एक स्वर में विरोध कर रहे हैं ।

    वही गांव के लोगों की माने तो पंचायत प्रधान बहुत ही अच्छी है और अच्छे परिवार से हैं ,उन्हें पैसे की कोई दिक्कत नहीं है।वह गांव में विकास के लिए खुद अपनी तरफ से भी पैसा खर्च कर रही है ऐसे में उन पर  इस प्रकार के आरोप लगाकर उन्हें तत्काल निलंबित करना यह ठीक नहीं है।इस संबंध में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर से मिला और इस मामले की उचित जांच किए जाने की मांग की है।

    वहीं जिला के एडीसी महेंद्र पाल गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि  गांव चताड़ा का एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपा है जिसमें चताड़ा गांव की महिला प्रधान को पिछले कल सस्पेंड किए जाने का मामला उन्होंने संज्ञान में लाया है उन्होंने इस मामले की उचित जांच किए जाने की मांग की है, हमने इस मामले  की जांच के लिए पंचायत अधिकारी को ज्ञापन भेज दिया है।

  • फिजियोथेरेपी बन रहा है इलाज का आधार – डॉ गुरजंट सिंह

    फिजियोथेरेपी बन रहा है इलाज का आधार – डॉ गुरजंट सिंह

    बद्दी/सचिन बैंसल:  बदलते  समय में हमारी जीवनशैली जितनी तेज़ और डिजिटल हो गई है, उतनी ही शारीरिक समस्याएं भी जटिल हो चुकी हैं। युवा हो या बुज़ुर्ग, हर उम्र के लोग अब पीठ दर्द, गर्दन की अकड़न, कंधों में जकड़न और घुटनों की तकलीफ से जूझ रहे हैं। दुर्भाग्यवश, इन परेशानियों का इलाज अक्सर देर से शुरू होता है — तब जब दर्द सहने लायक नहीं रह जाता। लेकिन चिकित्सा विज्ञान में हो रहे विकास ने इस सोच को बदलने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब उपचार केवल राहत देने तक सीमित नहीं, बल्कि समस्या की जड़ तक पहुंचकर उसे वैज्ञानिक रूप से हल करने की प्रक्रिया बन चुका है — और इसका सबसे प्रभावी माध्यम है आधुनिक फिजियोथेरेपी।

    फिजियोथेरेपी अब केवल व्यायाम या आराम की सलाह नहीं रही। यह अब एक शोध आधारित, सटीक आंकड़ों पर आधारित चिकित्सा प्रणाली बन चुकी है। इसमें शरीर की मांसपेशियों, जोड़, संतुलन और तंत्रिका नियंत्रण को गहराई से समझकर आधुनिक उपकरणों की सहायता से विश्लेषण किया जाता है। इस मूल्यांकन के आधार पर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार विशेष उपचार योजना बनाई जाती है जिसमें बायोमैकेनिक्स, कोर स्थिरता, गहरी गर्दन मांसपेशियों की सक्रियता और जोड़ों के सही कार्य पर ध्यान दिया जाता है। आज फिजियोथेरेपी में कई प्रभावी और उन्नत तकनीकें शामिल हो चुकी हैं जैसे — रक्त प्रवाह प्रतिबंध प्रशिक्षण, मैनुअल थेरेपी, लेज़र थेरेपी, टेपिंग तकनीक और विद्युत उत्तेजना। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से भी मूल्यांकन और प्रगति का विश्लेषण पहले से अधिक सटीक हो गया है। इन तकनीकों के सहारे, इलाज अब केवल लक्षणों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि व्यक्ति की जीवनशैली, गतिशीलता और कार्यक्षमता में वास्तविक सुधार लाया जा सकता है।

    फिजियोथेरेपी का सबसे बड़ा योगदान यह है कि यह केवल इलाज नहीं देती, बल्कि व्यक्ति को अपने शरीर की कार्यप्रणाली समझने का अवसर देती है — ताकि वह भविष्य में उसी स्थिति से बच सके। यही कारण है कि अब चिकित्सीय जगत में रोकथामात्मक फिजियोथेरेपी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। दर्द से पहले चेतना, छोटी असुविधाओं को गंभीर होने से पहले पहचानना, और समय रहते हस्तक्षेप — यही आज के स्वस्थ जीवन का सूत्र है। फिजियोथेरेपी इसी सोच को विज्ञान और अभ्यास के साथ जोड़ती है। यह दवाओं पर निर्भरता नहीं बढ़ाती, बल्कि शरीर को अपने ही बल पर सशक्त बनाती है। रोजमर्रा की कार्यक्षमता को बनाए रखना, कार्यस्थल पर थकान और तनाव को घटाना तथा उम्र के अनुसार शरीर को अनुकूल बनाना — फिजियोथेरेपी इन सभी में मार्गदर्शक बन रही है।

    आज फिजियोथेरेपी पूरक नहीं, बल्कि स्वतंत्र और संपूर्ण चिकित्सा पद्धति बन चुकी है। इसके केंद्र में है — सटीक मूल्यांकन, वैज्ञानिक हस्तक्षेप, और जीवन की गुणवत्ता में सुधार। हमें अब यह समझने की आवश्यकता है कि फिजियोथेरेपी की भूमिका किसी भी दर्द के बाद नहीं, दर्द से पहले शुरू होती है। यही सोच हमें बीमारी से नहीं, बल्कि शारीरिक सीमाओं से भी मुक्त कर सकती है।

  • Punjab News: बिक्रम मजीठिया को लेकर पूर्व DGP का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    Punjab News: बिक्रम मजीठिया को लेकर पूर्व DGP का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

    कर्मी पर मामले दर्ज होने पर भी 4 बार किया गया प्रमोट

    चंडीगढ़ः शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम मजीठिया के मामले में पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने विजिलेंस को रिपोर्ट सौंप दी है। इस बारे में उन्होंने कहा कि मैं बयान दर्ज कराने नहीं बल्कि रिपोर्ट सौंपने आया था। उन्होंने कहा कि 2012 में बिक्रम मजीठिया के खिलाफ सबूत थे, लेकिन अकाली दल की सरकार होने के कारण कार्रवाई नहीं हुई।

    उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति बहुत खराब हो गई है। यहां उद्योग और निवेश करने के लिए कोई भी राज़ी नहीं हो रहा, क्योंकि इसका मुख्य कारण नशा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के आदेशानुसार नशे के खिलाफ कार्रवाई में बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस में भी कई काली भेड़ें हैं, जो नशे के कारोबार में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी सारी जानकारी विजिलेंस को सौंप दी है।

    उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस नशे के कारोबार को रोकने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है। पूर्व डीजीपी ने कहा कि हवलदार इंदरजीत सिंह पर काफी केस दर्ज थे, लेकिन उसे 4 बार प्रमोट किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस और नशा तस्करों के बीच संबंध हैं, इसकी भी संक्षिप्त जानकारी दी गई थी।

  • Punjab News: घर से गहने और नगदी चोरी के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

    Punjab News: घर से गहने और नगदी चोरी के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

    फरीदकोटः जैतो पुलिस द्वारा क्राइम की वारदातों के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार गांव दल सिंघ वाला में हुई चोरी की वारदात की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोर गिरोह के 2 सदस्य को गिरफ्तार किया है।

    जानकारी देते हुए डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि गांव दल सिंघ वाला में एक चोर गिरोह द्वारा घर में घुसकर चोरी सोने के गहने और नगदी की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोबिंद पुत्र काला सिंह निवासी पटियाला और सोनी पुत्र माघी राम निवासी हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों द्वारा चुराए गए सोने के आभूषण और नगदी भी बरामद कर ली गई है।

  • Punjab News: इस इलाके में भीषण सड़क हादसे में 2 नाबालिगों की मौत

    Punjab News: इस इलाके में भीषण सड़क हादसे में 2 नाबालिगों की मौत

    फिरोजपुरः मंडी लाधूका में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां एफएफ रोड पर गांव झंगे गुलाब सिंह के पास कार और एक्टिवा की टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि इस घटना में 2 नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। वहीं घटना की सूचना स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को दे दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • Jalandhar News: इस इलाके में कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम टीम, हुआ हंगामा, देखें Live

    Jalandhar News: इस इलाके में कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम टीम, हुआ हंगामा, देखें Live

    जालंधर, ENS: गढ़ा रोड पर स्थित किंग होटल की बैकसाइड में नगर निगम की टीम बोर्ड उतारने के लिए पहुंची। जहां दुकानदारों द्वारा नगर निगम की कार्रवाई को लकेर विरोध किया गया। इस दौरान घटना स्थल पर भारी हंगामा शुरू हो गया। मिली जानकारी के अनुसार डीसी टायर का मालिक एनआरआई है और उसने अपनी इमारत की दुकानें किराये पर दी हुई है। इस दौरान दुकानों पर लगे बोर्ड को लेकर मालिक ने उतारने की शिकायत नगर निगम की टीम को दी थी।

    जिसके बाद अब नगर निगम की टीम बोर्ड उतारने पहुंची तो उक्त दुकानदारों द्वारा बोर्ड उतारने को लेकर विरोध किया जा रहा है। मालिक अर्जुन सिंह परवाना ने कहा कि यह इमारत उनकी है और उक्त दुकानदारों द्वारा इलाके में बोर्ड लगाकर जगह पर कब्जा कर लिया गया। इस दौरान उक्त दुकानदारों द्वारा उनके साथ 2 जून को मारपीट की गई।

    उनका कहना है कि आज नगर निगम की टीम द्वारा कुछ दुकानों के बोर्ड उतारे गए, जबकि अन्य दुकानदारों द्वारा लगाए गए अवैध बोर्ड उतारने को लेकर सोमवार तक का प्रशासन द्वारा समय दिया गया है। वहीं एक दुकानदार ने कहा कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, जबकि इस जगह पर अन्य दुकानों के बोर्ड प्रशासन द्वारा आज उतारे नहीं गए है। उन्होंने कहा कि सोमवार को अगर प्रशासन उक्त दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता तो वह इस मामले को लेकर प्रशासन से जल्द बात करेंगे।
  • Punjab News: कार में बेसुध मिले व्यक्ति की हुई मौत, देखें वीडियो

    Punjab News: कार में बेसुध मिले व्यक्ति की हुई मौत, देखें वीडियो

    बठिंडाः जिले की बंसत विहार रोड़ पर त्रिवेणी के समीप एक कार में व्यक्ति बेसुध हालत में पाया गया। वहीं मामले की सूचना मिलने पर मौके पर समाजसेवी संस्था एंबुलेंस लेकर पहुंची। जहां टीम ने कार से व्यक्ति को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी अंदर से लॉक थी और स्टार्ट थी। इस दौरान गाड़ी में एसी भी चल रहा था। आस-पास खड़े लोगों की मदद से एनजीओं की टीम ने कार का शीशा तोड़ कर व्यक्ति को बाहर निकाला।

    जिसके बाद व्यक्ति को उपचार के लिए इंद्राणी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने मरीज को अन्य अस्पताल के लिए रैफर कर दिया गया। इस दौरान इलाज के दौरान आज सुबह व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान 27 वर्षीय सोनू पुत्र लाल चंद निवासी खेता सिंह बस्ती के रूप में हुई है। वहीं घटना की सूचना एनजीओं द्वारा पुलिस को दे दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करकें शव वारिसों के हवाले कर दिया।

  • राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न

    राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न

    मानसिक रूप से दिव्यांगजनों के विधिक संरक्षण को लेकर उपायुक्त जतिन लाल ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    ऊना/सुशील पंडित: राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत गठित जिला स्तरीय स्थानीय समिति की बैठक शुक्रवार को उपायुक्त जतिन लाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मानसिक रूप से दिव्यांगजनों  जैसे स्वपरायणता (ऑटिज़्म), प्रमस्तिष्क घात (सेरेब्रल पाल्सी), मानसिक मंदता तथा बहु-दिव्यंगता  से ग्रस्त व्यक्तियों के विधिक संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

    उपायुक्त ने कहा कि यह अधिनियम ऐसे विशेष व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं या देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि अधिनियम के लागू होने से पहले 18 वर्ष की आयु के बाद ऐसे दिव्यांगजनों के लिए संरक्षक नियुक्त करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था, परंतु अब स्थायी अथवा सीमित अवधि के लिए विधिक संरक्षक बनाए जाने की प्रक्रिया सुलभ हुई है।

    उन्होंने जानकारी दी कि ऊना जिले में अब तक कुल 112 मामलों में स्थायी विधिक संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। उपायुक्त ने संबंधित सभी विभागों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, जिससे अधिनियम का प्रभावी कियान्वयन सुनिश्चित हो।

    एससी-एसटी अधिनियम के तहत 5 मामलों में जारी की 2.75 लाख की राहत राशि

    इसके साथ ही उपायुक्त ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति के लोगों को समाज में समानता का अधिकार दिलाने, जातिगत भेदभाव व अत्याचार निवारण को लेकर गठित जिला सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता भी की।

    उपायुक्त ने बताया कि इस अधिनियम के तहत सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित को कानूनी संरक्षण और पुनर्वास राहत राशि के रूप में एक लाख से 8 लाख 25 हजार रूपये तक की धनराशि देने का प्रावधान है। जिसे प्रथम किशत एफआईआर होने पर, दूसरी किशत मामला न्यायालय में प्रस्तुत होने पर और शेष राशि का भुगतान फैसला आने पर किया जाता है। जतिन लाल ने बताया कि बीते तीन महीनों में 5 मामलों में पीड़ितों को 2 लाख 75 हज़ार रुपये की राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। शेष पर कार्रवाई जारी है। उपायुक्त ने एससी-एसटी एक्ट अधिनियम के तहत लंबित मामलों को पूरी पारदर्शिता के साथ शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव भाटिया, कार्यकारी जिला कल्याण अधिकारी जितेन्द्र कुमार, नेशनल करियर सेंटर के सहायक निदेशक रंजन चंगकाकोटी, उप जिला न्यायवादी भैरव नेगी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।