Blog

  • अस्पताल में Operation Theatre के रिकवरी कमरे से निकला 7 फीट लंबा सांप, देखें वीडियो

    अस्पताल में Operation Theatre के रिकवरी कमरे से निकला 7 फीट लंबा सांप, देखें वीडियो

    कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां ऑपरेशन थियेटर के साथ लगते रिकवरी रूम में अचानक 7 फीट लंबा सांप निकल आया। इस दौरान वहां पर मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। घटना वहां पर मौजूद लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर ली। वीडियो में 7 फीट लंबा सांप खिड़की में चढ़ता हुआ नजर आ रहा। कर्मचारियों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

    हालांकि, इस घटना में किसी तरह का नुकसान होने की सूचना नहीं है। सीएमओ नागराज पवार ने कहा कि सांप निकलने पर मामले की सूचना जंगलात विभाग को दे दी गई है। वहीं मौके पर पहुंच जगंलात विभाग की टीम ने रेस्क्यू करके सांप को पकड़ लिया। जिसके बाद सांप को जंगलों में छोड़ दिया गया।

  • ऊना के उद्योगपति महिन्द्र शर्मा को ” श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ” में सदस्य नामित किया

    ऊना के उद्योगपति महिन्द्र शर्मा को ” श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ” में सदस्य नामित किया

    ऊना /सुशील पंडित: उत्तराखंड सरकार द्वारा ऊना के उद्योगपति महिन्द्र शर्मा को उत्तराखंड में स्थित चार धाम स्थलों पावन बद्रीनाथ , केदारनाथ , गंगोत्री और यमुनोत्री तथा राज्य में स्थित 45 अन्य पौराणिक धार्मिक स्थलों का प्रवंधन करने बाली सर्वोच्च संस्था ” श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति ” में सदस्य नामित किया गया है । उत्तराखंड सरकार के सचिव श्री शैलेश बगौली द्वारा जारी अधिसूचना के अन्तर्गत राज्य मन्त्री श्री हेमंत त्रिवेदी की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है जिसमे से श्री महिन्द्र शर्मा हिमाचल से अकेले सदस्य मनोनीत किये गए हैं बाकि सभी 9 सदस्य उत्तराखण्ड से सम्बन्ध रखते हैं । श्री महिन्द्र शर्मा ने बताया की श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति उत्तराखंड चारधाम की यात्रा के दौरान देश के कोने.कोने से पहुंचने बाले श्रद्धालुओं के रहने , ढहरने और दर्शन की ब्यबस्था सुनिश्चित करती है । इस यात्रा में प्रतेयक सीजन में औसतन पचास लाख लोग चार धाम मंदिरों के दिव्य दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।  इस साल यात्रा शुरू होने से 31 मई तक रिकॉर्ड 16 लाख यात्रियों ने पावन स्थलों के दर्शन किये जिसमे। केदारनाथ में सर्वाधिक 6. 5 श्रद्धालुयों ने शीश नवाया। इस बर्ष दो मई से शुरू हुई यात्रा में देश विदेश से प्रतिदिन औसत 60, 000 श्रद्धालु पावन चार धाम स्थलों का दर्शन कर रहे हैं । मन्दिर समिति स्थानीय तीर्थपुरोहितों, पर्यटन कारोबारियों और यात्रा से जुड़े सभी हित धारकों को साथ लेकर यात्रा को सफल बनाने में अहम भूमिका अदा करती है । महिन्द्र शर्मा ने बताया की श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मन्दिर समिति संस्कृत भाषा के प्रसार हेतु सात संस्कृत विद्यालयों का संचालन करती है जिनमें छात्रों को निशुल्क छात्रावास एवं छात्रवृति की सुविधा भी उपलब्ध है साथ ही एक गुप्तकाशी ;विद्यापीठद्ध में स्थित आयुर्वेदिक फार्मेसी विद्यालय का भी संचालन करती है । श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ मंदिर समिति 45 अन्य अधिनस्थ मंदिरों और 20 धर्मशालाओं का रखरखाव करती है जो कि श्री बदरीनाथ एवं श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग में स्थित हैं। महिन्द्र शर्मा ने बताया की उत्तराखंड सरकार शीतकालीन चारधाम यात्रा पर जोर देते हुए प्रदेश में 12 महीने चारधाम यात्रा संचालित करना चाहती है। ताकि शीतकाल के दौरान भी श्रद्धालु चारों धामों के प्रवास स्थल पर भगवान के दर्शन कर सकें/ ऐसे में राज्य सरकार शीतकालीन चारधाम यात्रा को तेजी से बढ़ावा दे रही है/ श्रद्धालुओं को लुभाने के लिए उत्तराखण्ड पर्यटन और निजी होटलों के गेस्ट हाउस के किराए में हर बर्ष छूट प्रदान करता है इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को शीतकाल के दौरान चारधाम के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के नए साधन भी मिल सकेंगे । श्री बदरीनाथ मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है । श्री बदरीनाथ मन्दिर आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार धामों में सबसे बड़ा महत्व रखते हैं एवं इस स्थान को एकमात्र मोक्ष धाम माना गया है। इस धाम का वर्णन स्कन्द पुराण, केदारखण्ड, श्रीमद्भागवत आदि अनेक धार्मिक ग्रन्थों में आता है। भगवान विष्णुजी ने नारायण रूप में सतयुग के समय यहाँ पर तपस्या की थी । यह मूर्ति अनादिकाल से है और अत्यन्त भव्य एवं आकर्षक है । इस मूर्ति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिसने जिस रूप में इसे देखा उसे इसमें अनेक इष्टदेवों के दर्शन प्राप्त हुये। बदरीनाथ, भगवान विष्णु के 24 अवतारों में पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। श्री केदारनाथ मन्दिर, बारह प्रतिष्ठित ज्योतिर्लिंगों में से सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित भगवान शिव को समर्पित ग्यारहवां ज्योतिर्लिंग है। जहां महाभारत में जीत के बाद पांडवों ने युद्ध में गोत्र हत्या के पाप से मुक्ति के लिए भगवान शिव की पूजा कर दर्शन प्राप्त किये थे। यह मंदिर पंच केदार में से एक है जो भगवान शिव के पांच मंदिरों का एक समूह है/ यह चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। हिमालय के भीतरी क्षेत्र में गंगोत्री धाम सबसे पवित्र तीर्थ स्थान है जहाँ गंगा, जीवन की धारा, पहली बार पृथ्वी को स्पर्श करती है। गंगोत्री मंदिर देवी गंगा को समर्पित है। जहाँ राजा भागीरथ ने भगवान शिव की पूजा की थी। सभी नदियों में सबसे पवित्र गंगा स्वर्ग से धरती पर गंगोत्री में उतरी थी, जब भगवान शिव ने अपनी जटाओं से शक्तिशाली नदी को छोड़ा था । यमुनोत्री उत्तरकाशी जिले, उत्तराखण्ड राज्य में समुद्रतल से 3235 मी० ऊँचाई पर स्थित वह स्थान है जहाँ से यमुना नदी निकलती है। यह देवी यमुना का निवास स्थल भी है। यहाँ पर देवी यमुना का एक मंदिर है। यह एक प्रमुख हिन्दू तीर्थ भी है और चार छोटे धामों में से एक है।
  • Punjab News: झील में नौजवान ने लगाई छलांग, देखें वीडियो

    Punjab News: झील में नौजवान ने लगाई छलांग, देखें वीडियो

    बठिंडाः जिले के थर्मल प्लांट के नजदीक बनी झील नंबर 2 में बीते दिन नौजवान ने छलांग लगा दी। इस घटना की सूचना मिलने पर गोताखोरों द्वारा नौजवान की तालाश की गई। काफी समय के बाद नौजवान की तालाश ना होने पर मामले की जानकारी एनडीआरएफ की टीम को दी गई। देर रात एनजीओं और एनडीआरएफ की टीमों द्वारा नौजवान को ढूंढने के लिए रेस्क्यू किया गया, लेकिन कुछ नहीं पता चल पाया।

    वहीं काफी प्रयासों के बाद आज नौजवान का शव बरामद किया। नौजवान के शव को झील से निकालकर सरकारी अस्पताल की मोर्चुरी में रखवाया गया है। बताया जा रहा है कि नौजवान की पहचान नहीं हो पाई है। घटना के दौरान नौजवान के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

  • Punjab News: 36 घंटे में सुलझी कत्ल की गुत्थी, महिला सहित 2 गिरफ्तार, 2 नाबालिग शामिल, देखें वीडियो

    Punjab News: 36 घंटे में सुलझी कत्ल की गुत्थी, महिला सहित 2 गिरफ्तार, 2 नाबालिग शामिल, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के गयासपुरा चौक के पास नीले ड्रम में बरामद हुए शव के मामले को पुलिस ने 36 घंटे के सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक महिला और 2 नाबालिग भी शामिल हैं। मामले के खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान मनोज चौधरी के रूप में हुई है। जबकि इस मामले को लेकर डिवीजन नंबर 6 में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में ऊषा, विशाल और जयवीर सहित अन्य 3 साथी शामिल है।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये सभी आपस में बैठकर पार्टी कर रहे थे और आरोपियों ने मृतक के साथ शराब का सेवन भी किया गया था। इसके बाद किसी बात को लेकर आपस में बहस हो गई, जिसके चलते आरोपियों ने मनोज चौधरी की हत्या कर दी। इसके बाद शव को टुकड़ों में काटकर रस्सी से बांध दिया गया और फिर एक नीले ड्रम में डालकर डंप साइट पर फेंक दिया गया। इसके बाद इस बारे में सूचना मिली और पुलिस ने बड़ी ही गहनता से जांच की।

    उन्होंने कहा कि नंबर सेफ सिटी के तहत लगाए गए कैमरों की फुटेज की जांच के बाद पुलिस के हाथ इस मामले की फुटेज लगी, जिसकी आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि शव को छुपाने के लिए आरोपियों ने एक ई-रिक्शा का भी इस्तेमाल किया था। हालांकि चालक को यह पता नहीं था कि ड्रम में शव रखा गया है। आरोपियों ने उसे यह कहकर पैसे दिए कि इसमें कोई बेकार सामान है, ताकि वह डंप साइट तक ले जाए। हालांकि, पुलिस ने बताया कि हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

  • अस्पताल में मरीज बना डॉक्टर, खुद लगा रहा इंजेक्शन, वीडियो वायरल

    अस्पताल में मरीज बना डॉक्टर, खुद लगा रहा इंजेक्शन, वीडियो वायरल

    महोबाः उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में अस्पताल की हैरान करने वाली वीडियो सामने आई है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, वायरल वीडियो में अस्पताल के वार्ड नंबर-1 में भर्ती मरीज का है। देखा जा सकता है कि अस्पताल में भर्ती मरीज खुद ही डॉक्टर बना हुआ है। दरअसल, वायरल वीडियों में मरीज खुद को इंजेक्शन लगाता हुआ दिखाई दे रहा है। यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि इस वायरल वीडियों की एनकाउंटर न्यूज पुष्टि नहीं करता। अस्पतालों में मरीजों की देखरेख के लिए डॉक्टर और स्टाफ की मौजूदगी जरूरी मानी जाती है, लेकिन वायरल वीडियो में मरीज को स्वयं अपने इलाज की जिम्मेदारी उठाते देख लोग हैरान हैं। ग्रामीणों और अस्पताल में मौजूद लोगों का कहना है कि अगर मरीज खुद ही इंजेक्शन लगाने लगे तो फिर अस्पतालों में स्टाफ की जरूरत ही क्या है? इस मामले को लेकर आम जनता में नाराजगी व्याप्त है और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।
  • Himachal News: कविता के लिए सुक्खू सरकार बनी अभिभावक

    Himachal News: कविता के लिए सुक्खू सरकार बनी अभिभावक

    मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से पहले पढ़ाई के लिए मदद, अब शादी के लिए भी मिली दो लाख की सहायता

    जिले में अब तक 24 बेटियों के विवाह के लिए दी जा चुकी 48 लाख की सहायता


    ऊना/ सुशील पंडित:  किस्मत की दुश्वारियों से जूझती कविता के लिए हिमाचल की ‘सुक्खू सरकार’ सगे अभिभावक से कम नहीं है। ऊना जिले के जलग्रां टब्बा गांव की 24 वर्षीय कविता के सिर से छोटी उम्र में ही माता-पिता का साया उठ गया था। मौसी ने उसकी परवरिश की, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण अनेक दिक्कतें थीं। और अब किशोर वय में आ चुकी कविता को आत्मनिर्भर बनाने और भविष्य को लेकर भी अनेक सवाल मुंह बाये खड़े थे। ऐसे में हिमाचल सरकार मां-बाप बनकर उसके साथ खड़ी हो गई।

    इस अनाथ बेटी को हिमाचल प्रदेश की मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना ने वह सहारा दिया है, जो किसी परिवार का सगा अभिभावक ही दे सकता है। पहले उसे हर महीने चार हजार रुपये पॉकेट मनी और कौशल विकास कोर्स की मदद मिली, और अब विवाह के समय सरकार ने दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर उसकी ज़िंदगी को एक नई दिशा दी है।
    कविता बताती हैं कि जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने मुझे इस योजना के बारे में बताया, तो पहली बार महसूस हुआ कि कोई है जो हम जैसों की ज़िंदगी की फिक्र करता है। हमारे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और हिमाचल सरकार हमारे लिए सच्चे मायनों में अभिभावक हैं।
    वे कहती हैं कि सरकार से हर महीने चार हजार रुपये की पॉकेट मनी मिलने से जीवन में गरिमा और सम्मान का अहसास हुआ। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का कौशल विकास भी कोर्स किया। अप्रैल 2024 में उनकी शादी हुई, जिसके लिए योजना के अंतर्गत   1.40 लाख रुपये सीधे बैंक खाते में भेजे गए और 60 हजार रुपये की एफडी बनाई गई।

    यह केवल सहायता नहीं, यह भरोसे का नाम है
    कविता की मौसी चम्पा देवी, जिन्होंने उसकी परवरिश की, कहती हैं कि सरकार की मदद से न केवल पढ़ाई और शादी के खर्च पूरे हुए, बल्कि हमें सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का भी अहसास हुआ। उनका कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भरोसे का नाम है। इसके लिए मुख्यमंत्री का जितना धन्यवाद करें, कम है।

    ऊना में 9 बेटियों को मिला लाभ
    एकीकृत बाल विकास परियोजना के जिला कार्यक्रम अधिकारी ऊना नरेंद्र कुमार बताते हैं कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत निराश्रित बेटियों के विवाह के लिए दो लाख रुपये की सहायता दी जाती है। ऊना जिले में अब तक इस योजना के तहत 24 बेटियों को विवाह के लिए कुल 48 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत जिले में 294 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा और स्वावलंबन गतिविधियों के लिए 3.11 करोड़ रुपये से अधिक की मदद दी जा चुकी है।

    सरकार निभा रही है सच्चे अभिभावक की भूमिका
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं, उनके लिए सरकार ही माता-पिता है। हम न केवल उनका पालन-पोषण करेंगे, बल्कि उन्हें हर वह सहायता देंगे जो एक परिवार देता है।
    मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कोचिंग, आवास, भोजन, वस्त्र, भत्ता और विवाह जैसी सभी आवश्यकताओं की समुचित पूर्ति की जाती है। बच्चों को हर महीने 4000 रुपये पॉकेट मनी, कपड़ों का भत्ता और त्योहार भत्ता भी दिया जाता है। नामी शिक्षण संस्थानों में दाखिले और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पात्र बच्चों को स्वयं का घर बनाने के लिए 3 बिस्वा भूमि और 3 लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान भी किया गया है।
    राज्य सरकार ने इन बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा देने का कानून बनाया है। इस प्रकार का कानून बनाने वाला हिमाचल देश का इकलौता राज्य है।  यह सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। अनाथ बच्चों को गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देते हुए सरकार ने 27 वर्ष की आयु तक उनकी संपूर्ण देखभाल का जिम्मा लिया है।

    अब ट्रांसजेंडर, परित्यक्त बच्चे और एकल नारियां भी शामिल
    जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप बताते हैं कि सरकार ने अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों इसमें कवर करने के लिए योजना को विस्तार दिया है। इसमें अब ट्रांसजेंडर, परित्यक्त और सरेंडर बच्चे तथा एकल नारियां भी शामिल की गई हैं। योजना के तहत एकल नारियों को हर महीने 2500 रुपये की सामाजिक सुरक्षा राशि का प्रावधान है।

    क्या कहते हैं जिलाधीश
    जिलाधीश ऊना जतिन लाल का कहना है कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना को ज़मीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की संवेदनशील सोच के अनुरूप, हर पात्र लाभार्थी तक योजना की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

  • Punjab के पड़ोसी राज्य में अब रोबोट करेगा मरीजों की सर्जरी, पहुंची 28 करोड़ की पहली मशीन, देखें वीडियो

    Punjab के पड़ोसी राज्य में अब रोबोट करेगा मरीजों की सर्जरी, पहुंची 28 करोड़ की पहली मशीन, देखें वीडियो

    शिमलाः पंजाब के पड़ोसी राज्य हिमाचल में मरीजों की सर्जरी रोबोट करेंगी। मिली जानकारी के अनुसार शिमला के चमियाणा स्थित अटल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में शीघ्र ही रोबोटिक सर्जरी शुरू होने जा रही है। पहली रोबोटिक मशीन अस्पताल में पहुंच गई है। इसकी कुल लागत 28 करोड़ रुपये है। प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने वाला चमियाणा पहला अस्पताल बनेगा। एक माह के अंदर अस्पताल में मशीन स्थापित हो जाएगी। उसके तुरंत बाद रोबोटिक सर्जरी शुरू हो जाएगी।

    रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद अब मरीजों को बाहरी राज्य का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे पहले मरीजों को पीजीआई चंडीगढ़ या फिर अन्य राज्य का रुख करना पड़ता था और भारी पैसे भी खर्च करने पड़ते थे। इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों के पैसों की भी बचत होगी और गरीब मरीज भी आसानी से अपना उपचार करवा सकेंगे। मशीन को स्थापित करने का काम तुरंत शुरू हो जाएगा। बता दें कि रोबोटिक सर्जरी आमतौर पर उन मरीजों के लिए की जाती है जिन्हें कैंसर, हृदय, यूरोलॉजी, स्त्री रोग, आर्थोपेडिक, या न्यूरोलॉजिकल सर्जरी की आवश्यकता होती है। यह विशेष रूप से उन मामलों में उपयोगी है जहां सर्जरी जटिल क्षेत्रों में स्थित ट्यूमर को हटाने या न्यूनतम आक्रामक दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।

    चमियाणा में अभी 7 विभाग चल रहे हैं। सरकार ने आईजीएमसी शिमला में मरीजों की बढ़ती संख्या तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी तथा प्लास्टिक सर्जरी विभागों को आईजीएमसी से चमियाणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। आगामी दो माह में वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) सेवाएं भी इस अस्पताल में स्थानांतरित की जा सकती हैं। चमियाणा में रोजाना की 500 से 600 की ओपीडी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आईजीएमसी के साथ-साथ यहां पर कार्डियोलॉजी ओपीडी भी चल रही है।

    कार्डियोलॉजी के 5 डॉक्टर ओपीडी संभालते हैं। इनमें सीनियर डॉक्टर भी शामिल है। अभी कार्डियोलॉजी के मरीजों को आईजीएमसी में ही एडमिट किया जा रहा है। चमियाणा में सिर्फ मरीजों का ओपीडी में चेकअप होता है। प्रशासन का कहना है कि सोमवार से शुक्रवार तक कार्डियोलॉजी की ओपीडी चलती है। मरीज ओपीडी डे को लेकर परेशान न हों और यहां पर कार्डियोलॉजी के डॉक्टर भी पूरे हैं। चमियाणा अस्पताल के एमएस डॉ. सुधीर शर्मा ने बताया कि अस्पताल में 28 करोड़ की रोबोटिक मशीन पहुंच गई है। इसे स्थापित करने में थोड़ा समय लगेगा। जैसे ही मशीन स्थापित हो जाती है। उसके बाद रोबोटिक सर्जरी शुरू हो जाएगी। मरीजों को इससे काफी फायदा होगा।

  • Punjab News: मध्य प्रदेश से हथियारों की खेप लेकर आया आरोपी गिरफ्तार, जेल से जुड़े तार, देखें वीडियो

    Punjab News: मध्य प्रदेश से हथियारों की खेप लेकर आया आरोपी गिरफ्तार, जेल से जुड़े तार, देखें वीडियो

    बठिंडाः जिले में क्राइम की वारदातों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती से कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। वहीं आज पुलिस ने हथियारों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि थाना सिविल लाइन पुलिस पार्टी ने एक व्यक्ति को काबू कर उसके कब्जे से 5 देसी पिस्टल और राउंड बरामद किए हैं। कार्रवाई करते हुए उसके खिलाफ थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।

    उन्होंने बताया कि यह व्यक्ति किसी मुकदमे में जेल के अंदर गया था और वहां उसकी एक व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। जेल से बाहर आने पर उस व्यक्ति ने मध्य प्रदेश के एक व्यक्ति का नंबर दिया था और वहां से हथियार लाने की बात की गई थी। इस दौरान उसे कहा गया था कि अगर वह हथियार लेकर बठिंडा पहुंच गया तो उसे पैसे दिए जाएंगे। यह हथियार ट्रेन के रास्ते मध्य प्रदेश से लेकर बठिंडा पहुंचा। जहां पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    एसपी ने कहा कि जेल के अंदर बैठे व्यक्ति की भी पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद उसे भी प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा। अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह किसी गैंग से संबंधित है या नहीं। जल्द मामले को लेकर खुलासा किया जाएगा।

  • इनर व्हील क्लब ऊना ने घोषित की वर्ष 2025-26 की नई कार्यकारिणी

    इनर व्हील क्लब ऊना ने घोषित की वर्ष 2025-26 की नई कार्यकारिणी

    सामाजिक सेवाओं को नई दिशा देने का लिया संकल्प

    ऊना/सुशील पंडित: इनर व्हील क्लब ऊना ने वर्ष 2025-26 के लिए अपनी नई कार्यकारिणी की औपचारिक घोषणा कर दी है। नवगठित कार्यकारिणी में शोभा सोनी को क्लब की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शोभा सोनी सामाजिक गतिविधियों में वर्षों से सक्रिय रही हैं और समाज सेवा, महिला उत्थान तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा जाता रहा है। उन्होंने अध्यक्ष पद संभालते हुए कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान क्लब को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    सचिव पद की जिम्मेदारी अमरजीत बबली को सौंपी गई है, जो क्लब की अनुभवी और समर्पित सदस्य रही हैं। क्लब की कोषाध्यक्ष नीरूपमा महाजन व उपाध्यक्ष सुनीता शर्मा को चुना गया है, जबकि मीरा मेहता को आई.एस.ओ. के रूप में नियुक्त किया गया है। क्लब की एडिटर की जिम्मेदारी डॉ. जागृति दत्ता को सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, रंजना बख्शी को संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है।

    नई कार्यकारिणी ने महिलाओं के सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, तथा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया है। अध्यक्ष शोभा सोनी ने कहा कि वह क्लब की परंपराओं को बनाए रखते हुए नवीनतम विचारों और योजनाओं के साथ समाज सेवा को और सशक्त बनाएंगी।

    इस अवसर पर क्लब की पूर्व अध्यक्ष रमा कंवर व अन्य सदस्यों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि नई टीम क्लब के उद्देश्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएगी।

  • Punjab News: विजिलेंस को बयान देने पहुंचे पूर्व DGP सिद्धार्थ चटोपाध्याय, बढ़ेंगी बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें, देखें वीडियो

    Punjab News: विजिलेंस को बयान देने पहुंचे पूर्व DGP सिद्धार्थ चटोपाध्याय, बढ़ेंगी बिक्रम मजीठिया की मुश्किलें, देखें वीडियो

    मोहालीः शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया के ड्रग्स केस को लेकर आज पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय जांच में शामिल हो गए हैं। पूर्व डीजीपी पंजाब पुलिस आफिसर इंस्टीट्यूट चंडीगढ़ में विजिलेंस अधिकारियों के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे। विजिलेंस ने पूर्व डीजीपी को मजीठिया के खिलाफ चल रही जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था। सिद्धार्थ चटोपाध्याय के डीजीपी रहते बिक्रम मजीठिया के खिलाफ ड्रग्स मामले की जांच की गई थी।


    पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय ने मजीठिया मामले में अपना बयान दर्ज करवाया है। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति बहुत खराब हो गई है। यहां उद्योग और निवेश करने के लिए कोई भी राजी नहीं हो रहा, क्योंकि इसका मुख्य कारण नशा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के आदेशानुसार नशों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई में बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस में भी कई काली भेड़ें हैं, जो नशे के कारोबार में शामिल हैं। मैंने अपनी पूरी डिटेल विजिलेंस को सौंप दी है। पंजाब पुलिस नशे के कारोबार को रोकने के लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।

    बता दें कि बुधवार को पंजाब विजिलेंस ने 540 करोड़ के ड्रग व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को अमृतसर में ग्रीन एवेन्यू से गिरफ्तार किया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि अकाली दल के नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई पूरे कागज जुटाकर और पक्के पैरी की गई है। विपक्ष काफी समय से आरोप लगा रहा था कि बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। अब जब वह बड़ी मछलियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट हो गया।

    वहीं बिक्रम मजीठिया पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। मजीठिया के घर पर रेड के दौरान समर्थकों को पुलिस के खिलाफ भड़काने की शिकायत हुई है। जांच टीम ने मजीठिया के खिलाफ अधिकारियों को धमकाने, धक्कामुक्की करने, सबूत मिटाने की साजिश करने और समर्थकों को हमले के लिए उकसाने की शिकायत दी है। विजिलेंस टीम के पास उस घर में केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों के होने की सूचना थी।